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नर्मदांचल वेयरहाउस खरीदी केंद्र कौड़िया में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, केंद्र प्रभारी कमलेश पाण्डेय के हौसले बुलंद

 नर्मदांचल वेयरहाउस खरीदी केंद्र कौड़िया में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, केंद्र प्रभारी कमलेश पाण्डेय के हौसले बुलंद



कटनी  |  कौड़िया स्थित नर्मदांचल वेयरहाउस खरीदी केंद्र इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। केंद्र प्रभारी कमलेश पाण्डेय के हौसले इस कदर बुलंद नजर आ रहे हैं कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर खरीदी और भंडारण का कार्य किया जा रहा है। केंद्र परिसर में चारों ओर भीड़-भाड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे न केवल किसानों को परेशानी हो रही है बल्कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। खरीदी केंद्र पर किसानों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। अव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी होने के कारण किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए न तो पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं और न ही कोई स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। परिणामस्वरूप केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। सबसे गंभीर मामला केंद्र में रखे गए स्टॉक से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र में फटी और जर्जर बोरियों में धान का भंडारण किया जा रहा है। इन फटी बोरियों से धान बाहर गिरता नजर आ रहा है, जिससे न केवल अनाज की बर्बादी हो रही है बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसके बावजूद केंद्र प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी द्वारा शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कई बार मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद न तो बोरियां बदली जा रही हैं और न ही भंडारण व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।नियमों के अनुसार खरीदी केंद्रों पर साफ-सुथरी व्यवस्था, सुरक्षित भंडारण और भीड़ नियंत्रण अनिवार्य है, लेकिन कौड़िया के इस केंद्र पर नियम केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।क्षेत्रवासियों और किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नर्मदांचल वेयरहाउस खरीदी केंद्र कौड़िया में तत्काल निरीक्षण कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भंडारण व्यवस्था दुरुस्त कर फटी बोरियों को तुरंत बदला जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और सरकारी अनाज की बर्बादी रोकी जा सके।

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