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पनागर में तबलीग़ी जमात को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक ख़बरों का खंडन, पुलिस जाँच के बाद सम्मानपूर्वक छोड़ा गया

 पनागर में तबलीग़ी जमात को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक ख़बरों का खंडन, पुलिस जाँच के बाद सम्मानपूर्वक छोड़ा गया



जबलपुर । पनागर क्षेत्र में हाल ही में तबलीग़ी जमात के लोगों को लेकर सोशल मीडिया व कुछ माध्यमों में भ्रामक और ग़लत तरीक़े से ख़बरें चलाई जा रही थीं। इस पूरे मामले को लेकर समाजसेवी अब्दुल क़ादिर ख़ान ने पनागर पुलिस अधिकारियों से प्रत्यक्ष बातचीत की, जिसके बाद वास्तविक स्थिति सामने आई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, हज़रत निज़ामुद्दीन (जमुना पार, दिल्ली) से पैदल निकली एक तबलीग़ी जमात जबलपुर होते हुए पन्ना की ओर यात्रा कर रही थी। इस दौरान पनागर क्षेत्र में कुछ स्थानीय हिंदू भाइयों द्वारा उनकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस थाना पनागर को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नियमानुसार जाँच-पड़ताल की। पुलिस द्वारा की गई इन्वेस्टिगेशन में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अवैधानिक गतिविधि नहीं पाई गई। सभी दस्तावेज़ व जानकारी सही पाए जाने के बाद पुलिस ने जमात के सदस्यों को सह-सम्मान छोड़ दिया और उन्हें अपनी यात्रा आगे जारी रखने की अनुमति दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी और इसमें किसी प्रकार की कार्रवाई योग्य बात सामने नहीं आई। जाँच में यह भी पुष्टि हुई कि संबंधित जमात ने अपनी औपचारिक जानकारी जबलपुर इंटेलिजेंस ब्यूरो (LIB) में पूर्व में ही दर्ज कराई थी। इस पुष्टि के बाद पुलिस ने अफवाहों को निराधार बताया। तबलीग़ी जमात के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह जमात पूरे हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में सामाजिक और नैतिक सुधार का कार्य करती है। जमात का उद्देश्य स्वयं के सुधार के साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों, नशा, जुआ, सट्टा, गाली-गलौज और अनैतिक व्यवहार से लोगों को दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।जमात के सदस्य पैदल या अपने साधनों से यात्रा करते हुए बस्ती-बस्ती और मस्जिद-मस्जिद रुकते हैं। वे अपने साथ दैनिक उपयोग का सामान, बिस्तर, कपड़े, भोजन पकाने के बर्तन और धार्मिक पुस्तकें रखते हैं। कई स्थानों पर उनका स्वागत और भोजन की व्यवस्था होती है, जबकि कई जगह वे स्वयं भोजन बनाकर ग्रहण करते हैं। कभी-कभी उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ता है। जिस प्रकार साधु-संत अपनी आस्था के साथ पदयात्रा करते हैं, उसी प्रकार तबलीग़ी जमात भी अपने धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के साथ यात्रा करती है। पुलिस व प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें।

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