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अंकित झारिया, राजेंद्र चौरसिया, राहुल पाण्डेय ढीमरखेड़ा के चर्चित पत्रकारों का बड़ा कदम, राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद से जुड़ने की तैयारी

 अंकित झारिया, राजेंद्र चौरसिया, राहुल पाण्डेय ढीमरखेड़ा के चर्चित पत्रकारों का बड़ा कदम, राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद से जुड़ने की तैयारी



कटनी  |  ढीमरखेड़ा क्षेत्र के पत्रकारिता जगत में एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। अपनी निर्भीक लेखनी, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों और सत्ता–प्रशासन से बेखौफ सवाल पूछने की पहचान बना चुके चर्चित पत्रकार राजेंद्र चौरसिया, अंकित झारिया एवं राहुल पाण्डेय राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद संगठन में शामिल होने का मन बना रहे हैं।इस संभावित निर्णय को क्षेत्रीय पत्रकारिता के लिए एक सकारात्मक और सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। तीनों पत्रकारों की पहचान केवल नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी लेखनी ही उनकी असली पहचान है। राजेंद्र चौरसिया अपने सधे हुए विश्लेषण, प्रशासनिक कार्यशैली पर पैनी नजर और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए जाने जाते हैं। उनके लेखों में अनुभव, संतुलन और तथ्यों की मजबूती स्पष्ट झलकती है। वहीं अंकित झारिया युवा पत्रकारिता की मजबूत आवाज माने जाते हैं। जमीनी समस्याओं, ग्रामीण अंचलों की पीड़ा और युवाओं से जुड़े सवालों को बेबाकी से सामने लाना उनकी खासियत है। उनकी रिपोर्टिंग में ऊर्जा, सत्य और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा समन्वय दिखाई देता है। राहुल पाण्डेय ढीमरखेड़ा के उन पत्रकारों में शामिल हैं जिनकी लेखनी अक्सर व्यवस्था को आईना दिखाती है। भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और आम जनता के साथ हो रहे अन्याय पर उनके लेख चर्चा का विषय बनते रहे हैं। वे पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की प्रहरी भूमिका के रूप में देखते हैं। राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद संगठन देशभर में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए संघर्षरत रहा है। ऐसे में इन तीनों सशक्त हस्ताक्षरों का संगठन से जुड़ना न केवल परिषद को मजबूती देगा, बल्कि ढीमरखेड़ा और आसपास के क्षेत्र की पत्रकारिता को भी नई दिशा प्रदान करेगा। यदि यह जुड़ाव औपचारिक रूप लेता है, तो निश्चित ही यह स्थानीय पत्रकारों के मनोबल को बढ़ाएगा और पत्रकारिता को संगठित, सुरक्षित व अधिक प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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