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खनन नाटक की एक और किस्त: सालों से जमे निरीक्षकों का दिखावटी डंका, जनता ने उड़ाई मुस्कान, हाइवे पर दो ट्रक पकड़कर विभाग ने भ्रष्टाचार की परत से दो चम्मच कीचड़ निकाल डंका पीटा जबकि गांव - देहात में रेत माफियाओं का राज निर्बाध जारी

 खनन नाटक की एक और किस्त सालों से जमे निरीक्षकों का दिखावटी डंका, जनता ने उड़ाई मुस्कान, हाइवे पर दो ट्रक पकड़कर विभाग ने भ्रष्टाचार की परत से दो चम्मच कीचड़ निकाल डंका पीटा जबकि गांव - देहात में रेत माफियाओं का राज निर्बाध जारी



कटनी  l  जिले में वर्षों से राजनीतिक संरक्षण में जमे खनिज निरीक्षकों द्वारा कराए जा रहे अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ गुरुवार को अचानक एक प्रदर्शनीय कार्रवाई की गई।शहर के बाईपास मार्ग पर विभाग ने दो ट्रकों एक में मार्बल ब्लॉक और दूसरे में गिट्टी को बिना दस्तावेज परिवहन करते पकड़ा ।  दोनों वाहनों को जब्त कर पुलिस थाना स्लीमनाबाद में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया । इस मंचित कार्रवाई को देख जनता ने वही पुरानी प्रतिक्रिया दोहराई जो रोज हो रहा है उसे छोड़, आज की फोटो-सेशन कार्रवाई ही बड़ी खबर है क्या!खनिज विभाग के मुताबिक उप संचालक रत्नेश दीक्षित, सहायक अधिकारी पवन कुशवाहा और निरीक्षक कमलकांत परस्ते सहित अमले ने विशेष जांच अभियान चलाकर प्रकरण दर्ज किया। परंतु जमीनी सच यह है कि बरही, बड़वारा, ढीमरखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में हर शाम अंधेरा होते ही रेत माफिया अपनी दर्जनों गाड़ियां बेखौफ दौड़ाते हैं। इन मार्गों पर कोई जांच, कोई गश्त, कोई कार्यवाही कुछ भी नजर नहीं आता।ग्रामीणों का तंज है जहां असली खदानें हैं, वहां निरीक्षण टीम का अता-पता नहीं और शहर में दो ट्रक पकड़कर विभाग खुद को ‘शेर’ साबित करने में लगा है। जिले में लंबे समय से खनन निरीक्षकों पर राजनीतिक “कीलों” से कुर्सी पर जमे रहने और माफियाओं के साथ गठजोड़ कर अवैध मुरुम, रेत, गिट्टी व बोल्डर खनन को खुली छूट देने के आरोप हैं। नए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा सख्त निर्देश जारी होने के बाद पुराने खनिजकर्मी अचानक सक्रिय दिखने लगे और दो ट्रक पकड़कर ऐसा डंका पीटा मानो वर्षों का भ्रष्टाचार आज ही धुल गया हो। हकीकत यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन से शासन को प्रतिदिन लाखों का राजस्व नुकसान हो रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि शहर ही नहीं, गांवों घाटों खदानों की भी सघन निगरानी की जाए, रात में विशेष जांच हो, और अवैध खनन पर वास्तविक नियंत्रण किया जाए, न कि दिखावटी कार्रवाइयों से जनता को भ्रमित किया जाए।

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