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धनवाही में ‘स्टॉक’ के नाम पर खेरवा और तखतपुर से रेत का अवैध कारोबार, माइनिंग व पुलिस प्रशासन की सुस्त रवैया से ग्रामीण परेशान

 धनवाही में ‘स्टॉक’ के नाम पर खेरवा और तखतपुर से रेत का अवैध कारोबार, माइनिंग व पुलिस प्रशासन की सुस्त रवैया से ग्रामीण परेशान



उमरिया । क्षेत्र में रेत माफियाओं के हौसले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। धनवाही में ‘स्टॉक’ के नाम पर खेरवा और तखतपुर क्षेत्र से भारी मात्रा में रेत का अवैध परिवहन लगातार जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा स्टॉकिंग का लाइसेंस बताकर खुलेआम रेत की ढुलाई कराई जा रही है, जबकि धरातल पर न तो स्टॉक की स्पष्ट अनुमति मौजूद है और न ही परिवहन के वैध दस्तावेज दिखाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना टी.पी. और बिना किसी जांच-पड़ताल के रेत लेकर धनवाही के पास स्थित अस्थायी स्टॉक पॉइंट पर पहुंचती हैं। दिन हो या रात, अवैध रेत परिवहन बेखौफ जारी है। इस पूरे मामले में माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन का सुस्त रवैया सवालों के घेरे में है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो कार्रवाई की जा रही है और न ही निगरानी बढ़ाई जा रही है, जिसके कारण रेत माफिया और ज्यादा सक्रिय होते जा रहे हैं।ग्रामवासियों ने बताया कि अवैध परिवहन के चलते गांव की सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, शोर और दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और आम रास्तों का उपयोग करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में है।ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से धनवाही में स्टॉकिंग की आड़ में चल रहे रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जाए, खेरवा और तखतपुर क्षेत्र में चल रही अवैध रेत निकासी की जांच कराई जाए तथा बिना टी.पी. के दौड़ रहे ट्रैक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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