सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कैंची से हमला करने वाला आरोपी पुलिस की अभिरक्षा में, चंद घंटों में खुलासा ढीमरखेड़ा पुलिस की तत्पर कार्रवाई

 कैंची से हमला करने वाला आरोपी पुलिस की अभिरक्षा में, चंद घंटों में खुलासा ढीमरखेड़ा पुलिस की तत्पर कार्रवाई



ढीमरखेड़ा |  जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में हुए प्राणघातक हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ घंटों में ही आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश कर दिया।पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने में पुलिस पूरी तरह सक्रिय है, स्मरण रहे कि दिनांक 25 अक्टूबर 2025 को दोपहर के समय थाना ढीमरखेड़ा को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गोपालपुर में एक व्यक्ति को कैंची से गंभीर चोटें पहुंचाई गई हैं।सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि अशोक कुमार पिता रामदास नामदेव, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम गोपालपुर, को पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने कैंची से प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घायल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से उसे शासकीय अस्पताल उमरियापान में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है।

*घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया संज्ञान*

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। निर्देश के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

*पुलिस की त्वरित कार्रवाई आरोपी गिरफ्तार*

पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की तथा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। मौके से मिले सबूतों और स्थानीय सूत्रों की मदद से कुछ ही घंटों में पुलिस ने घटना में शामिल अपचारी बालक की पहचान कर ली। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी बालक को कुछ ही घंटों में अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया और बताया कि यह हमला पारिवारिक विवाद के चलते अचानक हुए झगड़े के दौरान किया गया था।

*कानूनी कार्यवाही और न्यायालय में पेशी*

आरोपी बालक के विरुद्ध धारा 109(1) तथा 296 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत आरोपी बालक को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे बाल अभिरक्षा केंद्र, जबलपुर भेजे जाने के आदेश दिए। वर्तमान में आरोपी वहीं पर अभिरक्षा में है और मामले की आगे की जांच जारी है।

*वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना*

इस मामले में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने घटना का त्वरित खुलासा करने पर थाना ढीमरखेड़ा पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया ने भी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तत्परता और पेशेवर तरीके से घटना का खुलासा हुआ, वह अन्य थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। वहीं एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस की सक्रियता और टीम भावना के चलते आरोपी कुछ ही घंटों में गिरफ्त में आ गया, जिससे यह संदेश गया है कि अपराध कर कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता।

*टीम का विशेष योगदान*

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, उप निरीक्षक विष्णु शंकर जायसवाल, प्रधान आरक्षक अतुल शर्मा, एवं आरक्षक रामसेवक का विशेष योगदान रहा। थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में टीम ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। टीम ने न केवल आरोपी को पकड़ने में तत्परता दिखाई बल्कि घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सीय सहायता दिलाकर उसकी जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

टिप्पणियाँ

popular post

5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई कटनी ।  भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मंगलवार को एक बार फिर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। टीम ने स्लीमनाबाद तहसील के ग्राम कौड़िया में पदस्थ पटवारी स्वयं प्रकाश मेहरा को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। पटवारी साहब एक किसान से जमीन के सीमांकन (नाप-जोख) के एवज में इस रकम की डिमांड कर रहे थे। *चार बार कराया सीमांकन, फिर भी अटका रखी थी रिपोर्ट* इस पूरी कार्रवाई के पीछे पीड़ित की लंबी प्रताड़ना की कहानी है। जानकारी के अनुसार, कौड़िया निवासी शिकायतकर्ता शिव कुमार जायसवाल अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुका था। बताया गया है कि पीड़ित ने पटवारी से चार बार सीमांकन करवाया, लेकिन पटवारी साहब हर बार बिना 'सेवा-पानी' के ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने को राजी नहीं थे। रिपोर्ट दबाकर बैठना और किसान को दौड़ाना, पटवारी की आदत बन चुका था। अंत में परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से कर दी। *लोकायुक्त के जाल में फंसे पटवारी साहब* जबलपुर लोकाय...

ढीमरखेड़ा थाने की कमान अब महिमा रघुवंशी के हाथों में

 ढीमरखेड़ा थाने की कमान अब महिमा रघुवंशी के हाथों में कटनी | कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए महिमा रघुवंशी को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया है। उन्होंने औपचारिक रूप से ढीमरखेड़ा थाने का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। नई थाना प्रभारी के रूप में महिमा रघुवंशी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित करना रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। क्षेत्रवासियों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है। महिमा रघुवंशी की नियुक्ति से क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग, अपराध न...

कटनी जिले में कब होगी लोकायुक्त की कार्यवाही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना अत्यावश्यक, लोकायुक्त की कार्रवाई से फिर उठे सवाल

 कटनी जिले में कब होगी लोकायुक्त की कार्यवाही  भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना अत्यावश्यक, लोकायुक्त की कार्रवाई से फिर उठे सवाल कटनी | मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस शुरू हो गई है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा होना इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। लोकायुक्त की छापामार कार्रवाई में आवास, बैंक खाते, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई। सामने आई जानकारियों से यह स्पष्ट हुआ है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि संपत्तियों और निवेश के वास्तविक स्रोतों की गहन पड़ताल से पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। जब किसी अधिकारी की घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच अत्यधिक अंतर दिखाई देत...