सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गोयनका के फार्म हाउस में जंगली सुअर का शिकार जेसीबी से खुदाई कर निकाले गए अवशेष, वन विभाग ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की, मालिक पर नहीं

 गोयनका के फार्म हाउस में जंगली सुअर का शिकार जेसीबी से खुदाई कर निकाले गए अवशेष, वन विभाग ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की, मालिक पर नहीं



सिहोरा ।  वन परिक्षेत्र सिहोरा के अंतर्गत एक गंभीर वन्यजीव अपराध का मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ के ग्राम घुघरा स्थित एम गोयनका के निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड परिसर (फार्म हाउस) में जंगली सुअरों का करंट लगाकर शिकार किया गया और फिर उनके शवों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। सूचना मिलने पर हरकत में आए वन विभाग के अमले ने जेसीबी से खुदाई कर दोनों सूअरों के अवशेष बरामद किए। यह पूरा घटनाक्रम सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। जैसे रसूखदारों तक मामला पहुँचा, तो जांच दबाने का खेल भी शुरु हो गया।

*विभागीय भूमिका पर गंभीर सवाल*

वन परिक्षेत्र सिहोरा में जंगली सुअर के शिकार का मामला बीते एक सप्ताह से सुर्खियों में है, लेकिन अब जांच की दिशा और विभागीय भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिशें चल रही हैं और वन विभाग के कुछ अधिकारी खुद सवालों के घेरे में हैं।

*तेंदुआ शिकार से जुड़ी बातचीत, बाद में डायवर्ट हुआ मामला*

जानकारी के मुताबिक, जांच के शुरुआती दिनों में मौके पर पहुंचे एक अधिकारी को सीमा क्षेत्र और तेंदुआ शिकार को लेकर मोबाइल पर बातचीत करते सुना गया था। कुछ ही घंटों बाद पूरा मामला “जंगली सुअर के शिकार” की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने यह शक गहरा दिया है कि कहीं मामला बदलकर किसी बड़े शिकार को छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई।

*करंट लगाकर की गई थी हत्या, जेसीबी से गाड़ दिए शव*

वन विभाग को मुखबिर से सूचना  मिली थी कि निसर्ग इस्पात के कर्मचारी फार्म हाउस क्षेत्र में जंगली सुअरों का शिकार कर रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ कि दो सुअरों को करंट लगाकर मारा गया और फिर सबूत छिपाने के लिए जेसीबी से खुदवाकर गड्ढों में दफना दिया गया।

*तीन कर्मचारी गिरफ्तार, लेकिन मालिक पर कार्रवाई नहीं*

इस मामले में वन विभाग ने निसर्ग इस्पात के मैनेजर अनुराग द्विवेदी, जेसीबी ऑपरेटर बृजेश विश्वकर्मा और कर्मचारी मोहित दहिया को गिरफ्तार किया। तीनों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह पूरा परिसर निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के मालिक एम गोयनका का है। बावजूद इसके, मालिक को आरोपियों की सूची में शामिल नहीं किया गया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि गोयनका के रसूख के आगे वन विभाग बेबस दिखाई दिया, और सारा दोष कर्मचारियों पर डालकर कार्रवाई सीमित रख दी गई।

*जांच में लापरवाही — डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित*

जांच में देरी और लापरवाही पाए जाने पर डिप्टी रेंजर यादवेंद्र यादव और बीट गार्ड जितेंद्र अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया है। दोनों को अन्य परिक्षेत्र में भेजा गया है।

*जला हुआ DVR बढ़ा रहा संदेह*

घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग रखने वाला डीवीआर घटना के बाद रहस्यमय तरीके से जल गया। विभाग को आशंका है कि यह सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है।

*डॉग स्क्वॉड की मदद से एक और शव मिला*

वन विभाग की सिहोरा, कुंडम और पनागर रेंज की टीमों द्वारा लगातार सर्चिंग की जा रही है। डॉग स्क्वॉड की जांच के दौरान एक और जंगली जानवर का शव बरामद किया गया है। शव की उम्र और प्रजाति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।

*वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी, और खुलासों की संभावना*

वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी वन एम.एल. बरकडे मामले की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आगे की जांच में और कई बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।

टिप्पणियाँ

popular post

चलते-चलते राह में, मोड़ अचानक आ गया, हंसता हुआ चेहरा भी पल में ख़ामोश हो गया, ना दस्तक, ना इशारा, ना कोई पैग़ाम आया, मौत ने चुपके से आकर अपना फ़र्ज़ निभाया सड़क दुर्घटना में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भागीरथ पटेल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

 चलते-चलते राह में, मोड़ अचानक आ गया, हंसता हुआ चेहरा भी पल में ख़ामोश हो गया, ना दस्तक, ना इशारा, ना कोई पैग़ाम आया, मौत ने चुपके से आकर अपना फ़र्ज़ निभाया सड़क दुर्घटना में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भागीरथ पटेल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी  |  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ एवं वर्तमान में रीठी में कार्यरत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) भागीरथ पटेल के असामयिक निधन की दुखद खबर से पूरा प्रशासनिक अमला और क्षेत्र स्तब्ध है। कर्तव्यपथ से घर लौटते समय हुए एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया।इस हृदयविदारक घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भी शोकाकुल कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागीरथ पटेल अपने नियमित शासकीय कार्यों का निर्वहन कर कार्यालय से घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मार्ग में उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं । भागीरथ पटेल लंबे समय से मनरेगा योजना के अंतर्गत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के रूप ...

ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन

 ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन  कटनी  |  कटनी जिले की रीठी तहसील एक बार फिर प्रशासनिक फैसले को लेकर चर्चा और विवाद के केंद्र में आ गई है। लंबे समय तक यहां पदस्थ रहीं तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को पूर्व में ग्रामीणों की शिकायतों के बाद हटाया गया था, लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा उन्हें पुनः रीठी का प्रभारी तहसीलदार बनाए जाने के आदेश ने क्षेत्र में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। शनिवार को आशीष तिवारी, कलेक्टर, कटनी द्वारा जारी आदेश में प्रशासकीय एवं कार्यालयीन कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में ढीमरखेड़ा की प्रभारी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को रीठी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश के सार्वजनिक होते ही क्षेत्र में चर्चाओं और विरोध का दौर शुरू हो गया। *पहले शिकायतें, फिर तबादला, अब दोबारा जिम्मेदारी* ग्रामीणों का कहना है ...

कटनी बिग ब्रेकिंग जिला पंचायत में लोकायुक्त का छापा, रिश्वत लेते लेखापाल रंगे हाथों गिरफ्तार

 कटनी बिग ब्रेकिंग जिला पंचायत में लोकायुक्त का छापा, रिश्वत लेते लेखापाल रंगे हाथों गिरफ्तार कटनी ।  भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने आज कटनी जिला पंचायत कार्यालय में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने जिला पंचायत में पदस्थ लेखापाल (Accountant) सतेंद्र सोनी को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। *क्या है पूरा मामला?* मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राम पंचायत सचिव को सेवा से निलंबित या पृथक किया गया था। उसकी बहाली (Reinstatement) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और कागजी कार्रवाई के एवज में लेखापाल सतेंद्र सोनी ने 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सचिव ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त विभाग से की। *लोकायुक्त की योजनाबद्ध कार्रवाई* शिकायत की पुष्टि होने के बाद, लोकायुक्त की 5 सदस्यीय टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही सचिव ने जिला पंचायत कार्यालय में लेखापाल को केमिकल लगे हुए नोट सौंपे, पहले से ही मुस्तैद टीम ने उन्हें धर दबोचा। *आरोपी*: सतेंद्र सोनी (लेखापाल, जिला पंचायत कटनी) *रिश्वत की राशि*: 5,000 रुपये *...