सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बाबू के तबादले की पहेली 200 शिक्षकों का वेतन अटका, शिक्षा मंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक को बाबू के तबादले की सूचना दी गई लेकिन अभी तक उसे कार्यमुक्त नहीं किया गया, बाबू की पहुंच बहुत ऊपर तक कोई कार्यमुक्त करने वाला नहीं

 बाबू के तबादले की पहेली 200 शिक्षकों का वेतन अटका, शिक्षा मंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक को बाबू के तबादले की सूचना दी गई लेकिन अभी तक उसे कार्यमुक्त नहीं किया गया, बाबू की पहुंच बहुत ऊपर तक कोई कार्यमुक्त करने वाला नहीं 



जबलपुर  |  जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है। यहाँ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी कैलाश बेलिया का तबादला शासन के आदेश पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुकरी किया गया था। यह आदेश उस समय जारी हुआ जब स्थानांतरण पर शासन स्तर से प्रतिबंध लागू था। 

*शिकायत से शुरू हुआ विवाद*

बताया जाता है कि कैलाश बेलिया के खिलाफ शिकायत एक राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त व्यक्ति ने की थी। शिकायत के आधार पर दिसंबर 2024 में तत्काल प्रभाव से बाबू को हटाकर सुकरी स्कूल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया।

*तबादला प्रतिबंध और वापसी*

स्थानांतरण प्रतिबंध के कारण आदेश लागू होते ही तत्कालीन संयुक्त संचालक प्राचीस जैन ने दो दिन बाद ही बाबू को पुनः कार्यालय में प्रभार देने के लिए बुला लिया। बाद में जब शासन ने प्रतिबंध शिथिल किया, तब जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने 18 जून 2025 को बाबू को औपचारिक रूप से कार्यमुक्त कर दिया।

*संयुक्त संचालक का नया आदेश*

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब वर्तमान संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, जबलपुर संभाग अरुण कुमार इंगले ने समय-सीमा से जुड़े जरूरी कार्यों के चलते कैलाश बेलिया को “आगामी आदेश तक” संयुक्त संचालक कार्यालय में ही अटैच कर लिया। सवाल उठे, सुकरी स्कूल में अभी तक बाबू की पदस्थापना क्यों नहीं हुई? वहाँ के लगभग 200 शिक्षकों का वेतन अटका हुआ है, जिम्मेदारी कौन लेगा? जब शिक्षा मंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक को सूचना दी गई है, तो आदेश लागू न करने का कारण क्या है? क्या बाबू की अटैचमेंट सिर्फ “प्रशासनिक सुविधा” है या इसके पीछे दबाव और रसूख का खेल छिपा है?

*जिम्मेदारों का बयान*

जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है,  “पी-3 सुकरी कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के या अन्य शिक्षकों द्वारा अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। बाबू का तबादला शासन की योजना के अनुसार ही किया गया था।”

टिप्पणियाँ

popular post

बरेली का डॉक्टर बन गया करोड़पति इसकी क्लिनिक की होना चाहिए जांच , स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी या बड़ा भ्रष्टाचार ढीमरखेड़ा में झोलाछाप डॉक्टरों का 'इलाज तंत्र' बेखौफ, कागजों में सिमटी कार्रवाई, जान से खिलवाड़ जारी, स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की तैयारी

 बरेली का डॉक्टर बन गया करोड़पति इसकी क्लिनिक की होना चाहिए जांच , स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी या बड़ा भ्रष्टाचार ढीमरखेड़ा में झोलाछाप डॉक्टरों का 'इलाज तंत्र' बेखौफ, कागजों में सिमटी कार्रवाई, जान से खिलवाड़ जारी, स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की तैयारी  ढीमरखेड़ा । मध्य प्रदेश के कटनी जिले अंतर्गत आने वाले ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध 'इलाज तंत्र' बिना किसी डर के बेरोकटोक फल-फूल रहा है। ग्रामीण अंचलों की लाचारी, अशिक्षा और गरीबी का फायदा उठाकर बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री के क्लिनिक चलाने वाले कथित डॉक्टर आम जनता की जिंदगियों के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि गांव-गांव और गली-मोहल्लों में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए इन अवैध क्लिनिकों की जानकारी बच्चे-बच्चे को है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। विभाग की इस रहस्यमयी खामोशी ने अब कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। *कुकरमुत्तों की तरह खुले अवैध क्लिनिक, हर गली में सजा 'मौत का बाजार'* ढीमरखेड़ा तहसील के कस्बाई और सुदूर ग्रा...

झिन्ना पिपरिया-भमका के बीच संदिग्ध हालत में युवक का शव मिलने से हड़कंप काम के बहाने घर से निकला था दामाद, रणजीत की मौत बनी पहेली, सड़क किनारे नग्न शव मिलने से उठे कई सवाल

 झिन्ना पिपरिया-भमका के बीच संदिग्ध हालत में युवक का शव मिलने से हड़कंप काम के बहाने घर से निकला था दामाद, रणजीत की मौत बनी पहेली, सड़क किनारे नग्न शव मिलने से उठे कई सवाल ढीमरखेड़ा ।  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिन्ना पिपरिया और भमका के बीच सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक युवक का नग्न अवस्था में शव बरामद हुआ। रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में मिले इस शव के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों का मौके पर भारी जमावड़ा लग गया। शव की शिनाख्त विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चपना निवासी रणजीत सिंह (पिता के नाम की जांच जारी) के रूप में हुई है। रणजीत अपनी ससुराल भमका आया हुआ था। सड़क किनारे जिस हालत में शव और उसके सामान बरामद हुए हैं, उससे यह मामला हादसा न होकर गहरी साजिश या हत्या की ओर इशारा कर रहा है। ढीमरखेड़ा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए झिन्ना पिपरिया से भमका मार्ग की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंन...

पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रकाश सिंह बागरी ने पेश की मिसाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछारगांव बड़ा को भेंट किया आधुनिक 'बॉडी फ्रीजर' क्षेत्र के सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा, बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय सहित क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित

 पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रकाश सिंह बागरी ने पेश की मिसाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछारगांव बड़ा को भेंट किया आधुनिक 'बॉडी फ्रीजर' क्षेत्र के सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा, बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय सहित क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित ढीमरखेड़ा  |  अपने निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत जीवन के लिए तो हर मनुष्य कार्य करता है, लेकिन वास्तव में इंसानियत और मनुष्यता वही है जो समाज के अंतिम व्यक्ति के काम आए। जब कोई व्यक्ति समाज के हित को सर्वोपरि रखकर निःस्वार्थ भाव से कार्य करता है, तभी वह सच्चे अर्थों में जनसेवक कहलाता है। ऐसे ही समाजसेवा को समर्पित और क्षेत्र के विकास तथा जन-कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहने वाले जननेता हैं पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रकाश सिंह बागरी। अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता और क्षेत्रवासियों के प्रति अटूट संवेदना का परिचय देते हुए प्रकाश सिंह बागरी ने एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने अपने निजी खर्च से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), कछारगांव बड़ा को एक अत्याधुनिक बॉडी फ्रीजर  भेंट किया है। इस मानव...