सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भारतीय जनता पार्टी मंडल ढीमरखेड़ा के युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए रितेश त्रिपाठी की मांग, एक जनआंदोलन की शक्ल लेता समर्थन

 भारतीय जनता पार्टी मंडल ढीमरखेड़ा के युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए रितेश त्रिपाठी की मांग, एक जनआंदोलन की शक्ल लेता समर्थन



ढीमरखेड़ा | भारतीय राजनीति में युवाओं की भागीदारी सदैव निर्णायक भूमिका निभाती आई है, और जब बात भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) जैसे विशाल और राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित दल की हो, तो यह भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। आज जब राष्ट्र नवजागरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ज़रूरत है ऐसे युवा नेतृत्व की, जो विचारों से ओतप्रोत, कार्यक्षमता से परिपूर्ण और जनसेवा के लिए समर्पित हो। ऐसी ही एक उभरती हुई आवाज़ है रितेश त्रिपाठी, जिनके नाम की चर्चा इन दिनों भा.ज.पा. मंडल ढीमरखेड़ा के युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए जोरों पर है।

*रितेश त्रिपाठी व्यक्तित्व और जनसेवा का संगम*

रितेश त्रिपाठी का व्यक्तित्व किसी एक शब्द में समेटना कठिन है। वे एक ऐसे नवयुवक हैं जो विचारधारा, कर्मठता और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत हैं। राजनीति उनके लिए सत्ता का मार्ग नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र में पले-बढ़े रितेश त्रिपाठी ने बचपन से ही समाज की समस्याओं को नज़दीक से देखा और उन्हें हल करने का संकल्प लिया। छात्र जीवन से ही वे संघटनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे और भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद, और जन कल्याण की भावना को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ते रहे।उनकी छवि एक साफ-सुथरे, ज़मीनी नेता की है, जो न तो दिखावे में विश्वास रखते हैं, और न ही सत्ता की चकाचौंध में। उनके व्यवहार में विनम्रता, विचारों में स्पष्टता, और कार्यशैली में पारदर्शिता है, जो उन्हें भीड़ से अलग बनाती है।

*ढीमरखेड़ा में युवाओं का नेतृत्व संकट*

ढीमरखेड़ा क्षेत्र, जो कि विविध सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है, लंबे समय से एक सशक्त युवा नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा है। यहाँ के युवाओं में जोश और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन एक मार्गदर्शक की कमी उन्हें दिशा देने से रोकती रही है। ऐसे में रितेश त्रिपाठी जैसे ऊर्जावान, सुलझे हुए और दूरदर्शी युवा की भूमिका बेहद आवश्यक हो जाती है। पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि भा.ज.पा. युवा मोर्चा के कई मंडलों में निष्क्रियता या गुटबाज़ी ने संगठन की जड़ों को कमज़ोर किया है। ढीमरखेड़ा भी इस प्रभाव से अछूता नहीं रहा। इसीलिए अब कार्यकर्ताओं, युवाओं और वरिष्ठ नेताओं का एक बड़ा वर्ग रितेश त्रिपाठी को जिम्मेदारी देने की मांग कर रहा है ताकि संगठन को नई ऊर्जा मिल सके।

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

popular post

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...