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लोकसेवा की प्रतिमूर्ति को जन्मदिन की शुभकामनाएं, रैगांव विधायक व नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जी को समर्पित" खम्हरिया बागरी सरपंच अनिल बागरी का कहना हैं दीर्घायु हो आपका जीवन, सेवा में न हो विराम, आप सदा रहें स्वस्थ-प्रसन्न, यही है हमारी कामना महान

 लोकसेवा की प्रतिमूर्ति को जन्मदिन की शुभकामनाएं, रैगांव विधायक व नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जी को समर्पित" खम्हरिया बागरी सरपंच अनिल बागरी का कहना हैं दीर्घायु हो आपका जीवन, सेवा में न हो विराम,

आप सदा रहें स्वस्थ-प्रसन्न, यही है हमारी कामना महान



ढीमरखेड़ा | भारतीय लोकतंत्र की सशक्त धारा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक होती है। जब कोई जनप्रतिनिधि केवल पद और दायित्व तक सीमित न रहकर समाज सेवा, विकास और संवेदना का प्रतीक बन जाता है, तब जनता का विश्वास गहराता है और लोकतंत्र की नींव और मजबूत होती है। मध्यप्रदेश की रैगांव विधानसभा से निर्वाचित और वर्तमान में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जी ऐसी ही एक प्रेरणास्रोत जननेत्री हैं। आज उनके जन्मदिवस के पावन अवसर पर संपूर्ण प्रदेश की ओर से, विशेष रूप से खम्हरिया बागरी ग्राम पंचायत के सरपंच अनिल बागरी की ओर से, उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित की जा रही हैं। प्रतिमा बागरी जी का राजनीतिक सफर संघर्ष, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी है। जनजातीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने राजनीति के कठिन मार्ग पर अपने सिद्धांतों और सेवा भाव के साथ विजय प्राप्त की। जब उन्होंने पहली बार रैगांव विधानसभा से चुनाव लड़ा, तब शायद ही किसी ने कल्पना की थी कि वे आने वाले समय में मध्यप्रदेश शासन में मंत्री पद की शोभा बढ़ाएंगी। उनकी ईमानदारी, स्पष्टवादिता, और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें जनता के बीच एक विशेष स्थान दिलाया। रैगांव की जनता ने उन्हें केवल विधायक के रूप में नहीं देखा, बल्कि उन्हें अपनी “बेटी, बहन और मार्गदर्शक” के रूप में स्वीकार किया। प्रतिमा बागरी जी के कार्यकाल में रैगांव विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई गाथाएं लिखी गईं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, जल और रोजगार के क्षेत्रों में जो ठोस पहल की, वह आज एक आदर्श के रूप में देखी जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार, बालिकाओं की शिक्षा के लिए छात्रावासों की स्थापना, गरीबों के लिए आवास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनके नेतृत्व की कुछ उपलब्धियाँ हैं।

*जनता से जुड़ाव और मानवीय संवेदनाएं*

प्रतिमा बागरी जी को जनसंपर्क की कला में दक्ष माना जाता है। वे जनसभाओं से लेकर व्यक्तिगत समस्याओं तक में पूरी तन्मयता से सुनती हैं और उसका समाधान सुनिश्चित करती हैं। चाहे बाढ़ से प्रभावित कोई गरीब परिवार हो, किसी आदिवासी छात्रा को छात्रवृत्ति की ज़रूरत हो या वृद्धजन को पेंशन की सहायता प्रतिमा जी हमेशा तत्पर रहती हैं। उनकी यही विशेषता उन्हें आम नेता से अलग बनाती है। उन्होंने राजनीति में जनसंपर्क और मानवीय संवेदना के बीच एक सेतु तैयार किया है, जिसमें वे जनता के दुःख-दर्द को अपना समझती हैं और समाधान की दिशा में तुरंत प्रयास करती हैं।

*नारी सशक्तिकरण की मिसाल*

प्रतिमा बागरी जी स्वयं एक महिला होने के नाते महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण को लेकर अत्यंत सजग हैं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, और कृषि आधारित लघु उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनका योगदान अमूल्य है।उन्होंने बेटियों के लिए "सुकन्या समृद्धि योजना", "कन्या विवाह योजना" और "लाड़ली लक्ष्मी योजना" जैसे कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर पर लागू करवाया। आज रैगांव क्षेत्र में कई ऐसी बेटियां हैं जो प्रतिमा जी को अपना आदर्श मानती हैं।

*जन्मदिन पर शुभकामनाओं की बौछार*

प्रतिमा बागरी जी के जन्मदिन के पावन अवसर पर संपूर्ण मध्यप्रदेश में जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, अधिकारियों, और आम जनता द्वारा शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इस कड़ी में खम्हरिया बागरी ग्राम पंचायत के सक्रिय एवं जनप्रिय सरपंच श्री अनिल बागरी जी ने भी विशेष रूप से बधाई प्रेषित की है. उन्होंने कहा, “प्रतिमा दीदी हम सबके लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने जिस प्रकार जनता के बीच रहकर काम किया है, वह अनुकरणीय है।

*खम्हरिया बागरी ग्राम पंचायत की भावना*

खम्हरिया बागरी ग्राम पंचायत प्रतिमा बागरी जी को अपने गौरव के रूप में देखती है। यहां के निवासी उन्हें अपनी बेटी और दीदी के रूप में सम्मान देते हैं। उनके विकास कार्यों का लाभ इस पंचायत के नागरिकों को भी मिला है। सरपंच अनिल बागरी ने ग्राम स्तर पर जनकल्याण योजनाओं को लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाई और प्रतिमा जी के मार्गदर्शन में पंचायत को विकास के पथ पर अग्रसर किया। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर दीदी की लंबी उम्र की कामना की। साथ ही स्कूलों में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिमा बागरी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित कविताएं, भाषण और गीत प्रस्तुत किए गए।

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