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शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान मे छात्राओं के उज्जवल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम, उमरियापान में विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा साइकिल वितरण कार्यक्रम

 शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान मे छात्राओं के उज्जवल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम, उमरियापान में विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा साइकिल वितरण कार्यक्रम




ढीमरखेड़ा |  वर्तमान समय में जब शिक्षा ही किसी भी राष्ट्र की उन्नति की नींव मानी जाती है, तब यह अत्यंत आवश्यक है कि हम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएं, बल्कि उन सभी सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को भी दूर करें जो बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा में रुकावट बनती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने छात्राओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की है , साइकिल वितरण योजना  इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों की बालिकाओं को विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा को सुदृढ़ बनाना है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 102 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह थे, जिन्होंने न केवल छात्राओं को साइकिल सौंपीं, बल्कि शिक्षा के महत्व पर भी सारगर्भित वक्तव्य दिया। उन्होंने बालिकाओं को संदेश देते हुए कहा कि बालिकाओं को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, जब सरकार, समाज और परिवार तीनों उनके साथ हों। यह साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला कदम है।

*जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे की उपस्थिति और प्रेरणा*

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे भी इस आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जिससे बेटियाँ आत्मनिर्भर बन सकती हैं, अपने अधिकारों को समझ सकती हैं और समाज को दिशा देने वाली बन सकती हैं। बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, आवश्यकता है तो उन्हें सहयोग, प्रोत्साहन और सुविधाएं देने की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनपद स्तर पर जितनी भी योजनाएं बालिकाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु चल रही हैं, उनका क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ होगा और प्रत्येक पात्र छात्रा तक लाभ पहुँचाया जाएगा।

*साइकिल योजना का महत्व दूरियां नहीं रहेंगी बाधा*

ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या यह रही है कि विद्यालयों की दूरी के कारण अनेक बालिकाएं पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। साइकिल वितरण योजना इस समस्या का सीधा समाधान प्रस्तुत करती है। अब छात्राओं को लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय की बचत होगी, थकावट से मुक्ति मिलेगी, पढ़ाई में नियमितता बनी रहेगी, बालिकाओं की उपस्थिति में वृद्धि होगी, बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।इस योजना से विद्यालयों में नामांकन दर भी बढ़ने की संभावना है, जो बालिका शिक्षा को नया आयाम देगा।

*एक नई सोच की शुरुआत*

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकों, पालकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं वास्तव में समाज को प्रगति की ओर ले जाने में सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि पहले कई बालिकाएं समय पर विद्यालय नहीं पहुँच पाती थीं, कुछ तो मौसम या दूरी के कारण अनुपस्थित रहती थीं। लेकिन अब साइकिल मिलने से बालिकाओं का उत्साह चरम पर है।

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