सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जनभागीदारी अध्यक्ष अटल बिहारी बाजपेई का औचक निरीक्षण ढीमरखेड़ा महाविद्यालय को सुंदर, सुरक्षित और आदर्श बनाने की पहल

 जनभागीदारी अध्यक्ष अटल बिहारी बाजपेई का औचक निरीक्षण ढीमरखेड़ा महाविद्यालय को सुंदर, सुरक्षित और आदर्श बनाने की पहल



ढीमरखेड़ा |  शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और जब शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने की पहल जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाती है, तो यह न केवल छात्रों के भविष्य को संवारती है, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है मध्यप्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा महाविद्यालय से, जहाँ जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष अटल बिहारी बाजपेई ने औचक निरीक्षण कर महाविद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और परिसर को सुंदर, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में गंभीर पहल की। अध्यक्ष अटल बिहारी बाजपेई का यह निरीक्षण पूर्व-घोषित नहीं था। यह औचक निरीक्षण इस बात का स्पष्ट संकेत था कि वे केवल पद पर बैठे रहने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संस्था की जमीनी सच्चाई जानने, छात्रों और कर्मचारियों से प्रत्यक्ष संवाद करने, और व्यवस्थागत सुधार लाने को लेकर पूरी तरह सजग और सक्रिय हैं।महाविद्यालय की भौतिक स्थिति का मूल्यांकन करना। सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना। स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना। शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की समस्याओं को समझना। आगे की कार्ययोजना तैयार करना जिससे महाविद्यालय को एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान श्री बाजपेई विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था की ओर केंद्रित रहे। उन्होंने कॉलेज परिसर में लगे कैमरों की स्थिति देखी, उनके कवरेज एरिया को परखा और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था का जायजा लिया। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर महाविद्यालय में सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत ढांचा खड़ा किया जाएगा। यदि किसी स्थान पर कैमरे कार्य नहीं कर रहे हैं तो उन्हें तत्काल ठीक कराया जाएगा। कॉलेज में आने-जाने वाले सभी लोगों की निगरानी के लिए गेट पर उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाए जाएंगे। छात्रों की सुरक्षा, शैक्षणिक अनुशासन और अव्यवस्थाओं पर नियंत्रण के लिए यह निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन को यह निर्देश भी दिया कि नियमित रूप से कैमरों की निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार डेटा सुरक्षित रखा जाए।

*महाविद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण की पहल*

निरीक्षण के दौरान अटल बिहारी बाजपेई ने यह कहा कि ढीमरखेड़ा महाविद्यालय को केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि भौतिक दृष्टि से भी एक सुंदर, स्वच्छ और प्रेरणादायी परिसर बनाया जाएगा। महाविद्यालय में पेड़-पौधे लगाने का अभियान चलाया जाएगा। छात्रों को 'एक छात्र - एक पौधा' योजना से जोड़ा जाएगा।महाविद्यालय की दीवारों पर प्रेरक विचारों, महापुरुषों की तस्वीरों, पर्यावरण-संवेदनशील संदेशों आदि को चित्रित करने की योजना है। परिसर की नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन हेतु कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की जाएगी। छात्र-छात्राओं और आगंतुकों के लिए छायादार स्थानों पर बेंच और पक्के चबूतरे बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “सुंदर परिसर न केवल देखने में अच्छा लगता है, बल्कि वह पढ़ाई के प्रति भी विद्यार्थियों की रुचि और एकाग्रता को बढ़ाता है।”

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...