सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

समर्थन मूल्य पर मूंग व उड़द उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन 19 से, खरीदी 6 जुलाई से होगी शुरू

 समर्थन मूल्य पर मूंग व उड़द उपार्जन हेतु किसानों का पंजीयन 19 से, खरीदी 6 जुलाई से होगी शुरू



कटनी । राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

रिश्वतखोरी की हदें पार, ढीमरखेड़ा में जमीन के पट्टे के नाम पर पटवारी ने ऐंठे ₹1.40 लाख, सस्पेंड, क्या पीड़ित का पैसा हो पायेगा वापस

 रिश्वतखोरी की हदें पार, ढीमरखेड़ा में जमीन के पट्टे के नाम पर पटवारी ने ऐंठे ₹1.40 लाख, सस्पेंड, क्या पीड़ित का पैसा हो पायेगा वापस  कटनी  |  जिले की ढीमरखेड़ा तहसील से भ्रष्टाचार का एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला पटवारी पर गरीब ग्रामीण से जमीन का पट्टा बनवाने के नाम पर ₹1,40,000 की रिश्वत ऐंठने का आरोप लगा है। मामला उजागर होने और रिश्वत का वीडियो सामने आने के बाद एसडीएम ने महिला पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। *9 महीने तक कटवाए चक्कर, 3 किस्तों में वसूली रकम* प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम हर्रई का है। गाँव के निवासी ज्ञान सिंह (पिता इंदर सिंह) ने एसडीएम को सौंपी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उनकी खसरा नंबर 15 (रकबा 2 एकड़ 70 डिसमिल) जमीन का पट्टा बनवाने के नाम पर पटवारी शहर बानो ने झांसा देकर 9 महीने पहले तीन अलग-अलग किस्तों में कुल ₹1.40 लाख ऐंठ लिए। रकम वसूलने के बाद भी जब महीनों बीत जाने पर पट्टा नहीं बना और पटवारी टालमटोल करती रही, तो परेशान पीड़ित ने रिश्वत के लेन-देन का वीडियो बना लिया...

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज

 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज कटनी |  भारतीय समाज में सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) को अमूमन सक्रिय जीवन का ठहराव मान लिया जाता है, लेकिन समकालीन परिदृश्य में यह धारणा तेजी से बदल रही है। सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी जीवनभर राष्ट्र निर्माण और शासकीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।सेवाकाल के बाद भी उनकी समस्याओं, पेंशन विसंगतियों, चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक मजबूत और एकजुट मंच की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती रही है। इसी आवश्यकता को समझते हुए, भारतीय मजदूर संघ (BMS), मध्यप्रदेश से संबद्ध सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ ने पूरे प्रदेश में अपने संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को तेज कर दिया है।इस राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय मुहिम का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए पेंशनभोगी समाज को एक सूत्र में पिरोकर उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती स...