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ग्राम हरदी मोड़ पर धारदार हथियार से दहशत फैलाने वाला आरोपी गिरफ्तार एक संवेदनशील और साहसी पुलिस कार्रवाई का उदाहरण

 ग्राम हरदी मोड़ पर धारदार हथियार से दहशत फैलाने वाला आरोपी गिरफ्तार एक संवेदनशील और साहसी पुलिस कार्रवाई का उदाहरण 



ढीमरखेड़ा |  समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना एक जटिल और जिम्मेदार कार्य है। जब आम जनजीवन को बाधित करने वाले असामाजिक तत्व उभरते हैं, तो ऐसे समय में पुलिस प्रशासन की तत्परता और दृढ़ता ही समाज को भयमुक्त वातावरण प्रदान कर सकती है। हाल ही में मध्य प्रदेश के कटनी जिले के उमरियापान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरदी मोड़ पर घटी एक घटना ने यह साबित कर दिया कि यदि पुलिस सक्रिय हो तो किसी भी संकट की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सकता है। यह घटना उस समय की है जब एक 25 वर्षीय युवक दिनेश कुमार मेहरा, धारदार बका लेकर आम रास्ते पर लोगों को गाली-गलौज कर रहा था, डरा-धमका रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही उमरियापान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। दिनांक 6 मई 2025 को उमरियापान थाना पुलिस को गश्त के दौरान सूचना मिली कि ग्राम हरदी मोड़ पर एक व्यक्ति धारदार बका लेकर खड़ा है और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को अपशब्द कह रहा है, उन्हें डरा रहा है और हमले की धमकी दे रहा है। यह स्थान नारायण पटेल के प्लॉट के सामने स्थित है, जहां आम तौर पर ग्रामीणों की आवाजाही होती है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सहायक उप निरीक्षक कोदूलाल दाहिया ने अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम दिनेश कुमार मेहरा बताया, जो ग्राम हरदी का निवासी है। युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से अवैध रूप से धारदार बका बरामद हुआ, जिसके लिए उसके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था।

*पुलिस की कार्रवाई*

थाना उमरियापान में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 170/2025 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल, कटनी भेज दिया गया।

*पुलिस अधिकारियों की भूमिका*

इस कार्यवाही को सफल बनाने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश तिवारी, सहायक उप निरीक्षक कोदूलाल दाहिया, कार्य.प्र.आर. 757 आशीष झारिया, कार्य.प्र.आर. 503 अजय सिंह, आर. 233 जगन्नाथ सिंह, आर. 473 सतेन्द्र चैरसिया, आर. 264 मोहन मुवेल, आर. 231 रोहित झारिया एवं सैनिक 89 संतोष दुबे की विशेष भूमिका रही। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने समर्पण भाव से काम किया, जिससे इस संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।

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