सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

काव्य क्षेत्र में प्रियंका मिश्रा का सम्मान कटनी प्रशासन द्वारा काव्य क्षेत्र में विशिष्ट योगदान की सराहना, विधायक संदीप जायसवाल ने खुद किया सम्मानित, प्रियंका मिश्रा झिन्ना पिपरिया निवासी शिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी की पुत्री हैं

 काव्य क्षेत्र में प्रियंका मिश्रा का सम्मान कटनी प्रशासन द्वारा काव्य क्षेत्र में विशिष्ट योगदान की सराहना, विधायक संदीप जायसवाल ने खुद किया सम्मानित,  प्रियंका मिश्रा झिन्ना पिपरिया निवासी शिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी की पुत्री हैं



ढीमरखेड़ा |  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और समाज में उनके योगदान को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस विशेष दिन पर, जिला प्रशासन कटनी ने काव्य क्षेत्र में अपनी अद्वितीय प्रतिभा और योगदान के लिए प्रियंका मिश्रा को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम गर्ल्स कॉलेज, कटनी में आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विधायक संदीप जायसवाल उपस्थित थे। प्रियंका मिश्रा को यह सम्मान न केवल उनके साहित्यिक योगदान के लिए मिला, बल्कि उनके विचारों, रचनात्मकता और समाज के प्रति उनके समर्पण के लिए भी उन्हें विशेष रूप से सराहा गया। उनके पिता सूर्यकांत त्रिपाठी, जो कि एक शिक्षक हैं, ने उन्हें ऐसे संस्कार दिए कि वह न केवल कटनी, बल्कि पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं।प्रियंका की कविताएँ समाज को जागरूक करने के साथ-साथ महिलाओं को सशक्त करने का भी कार्य कर रही हैं।

*प्रियंका मिश्रा साहित्य की दुनिया में एक प्रेरणादायक नाम*

प्रियंका मिश्रा का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहाँ शिक्षा और संस्कारों को सर्वोपरि माना जाता है। उनके पिता, सूर्यकांत त्रिपाठी, एक शिक्षक हैं और उन्होंने अपनी पुत्री को बचपन से ही साहित्य के प्रति जागरूक किया। उनका कहना है कि साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। बचपन से ही प्रियंका को कविता, कहानी और लेखन में रुचि थी। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कई कविताएँ लिखीं, जो न केवल उनके शिक्षकों बल्कि साहित्य जगत से जुड़े लोगों को भी प्रभावित करती थीं। उनकी कविताओं में सामाजिक मुद्दों की झलक देखने को मिलती है। वे नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना और राष्ट्रप्रेम जैसे विषयों पर लिखती हैं।

*सम्मान समारोह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक*

कटनी के गर्ल्स कॉलेज में आयोजित इस सम्मान समारोह में शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएँ और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक विधायक संदीप जायसवाल ने प्रियंका मिश्रा को सम्मानित करते हुए कहा कि, "आज समाज को ऐसी ही प्रतिभाओं की आवश्यकता है, जो अपनी लेखनी से न केवल समाज को दिशा दें, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें। प्रियंका मिश्रा ने काव्य क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह केवल कटनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में सराहा जाएगा।" इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी प्रियंका की प्रशंसा की और उनकी रचनात्मकता को समाज के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य साहित्यकारों ने भी प्रियंका की कविताओं को सुना और उनके विचारों की सराहना की।

*प्रियंका मिश्रा की कविताओं की विशेषताएँ*

प्रियंका की कविताएँ सिर्फ भावनाओं का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि वे समाज में जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। प्रियंका की कविताएँ महिलाओं के अधिकारों, उनकी चुनौतियों और संघर्षों को दर्शाती हैं। उनकी रचनाएँ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी जगह बनाने की प्रेरणा देती हैं। वे अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती हैं। उनकी रचनाएँ सामाजिक चेतना जगाने का कार्य करती हैं। उनकी कई कविताएँ राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति के महत्व को दर्शाती हैं। वे अपने लेखन में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की गाथाएँ भी प्रस्तुत करती हैं। प्रियंका अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बचाने और उन्हें आगे बढ़ाने की बात करती हैं।

*प्रियंका मिश्रा की प्रेरणा और संघर्ष*

हर सफलता के पीछे एक संघर्ष की कहानी होती है, और प्रियंका मिश्रा भी इससे अछूती नहीं रहीं। साहित्य की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर जब आपके पास कोई बड़ा मंच न हो। प्रियंका को भी अपने शुरुआती दिनों में कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। उनकी रचनाओं को पहचान दिलाने में उनके पिता सूर्यकांत त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे न केवल प्रियंका की कविताओं को प्रोत्साहित करते थे, बल्कि उन्हें बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी देते थे। प्रियंका का कहना है कि, "मेरे पिता मेरे पहले गुरु हैं। उन्होंने ही मुझे सिखाया कि लेखनी का सही उपयोग समाज के उत्थान के लिए किया जाना चाहिए। मैं जो कुछ भी हूँ, उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन के कारण हूँ।"

*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान समाज के लिए एक प्रेरणा*

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रियंका मिश्रा को दिया गया यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह सम्मान दर्शाता है कि यदि महिलाएँ अपने सपनों के प्रति समर्पित हों, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिलाओं ने भी प्रियंका से प्रेरणा ली और उन्हें अपनी रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का हौसला मिला। कटनी जिले के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ की एक बेटी ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

*प्रियंका मिश्रा क्षेत्र की एक अलग पहचान*

प्रियंका का लक्ष्य है कि वे अपनी कविताओं और लेखों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँ। वे आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और समाज सुधार जैसे विषयों पर अधिक कार्य करना चाहती हैं। इसके अलावा, वे नई पीढ़ी को साहित्य की ओर आकर्षित करने के लिए विभिन्न कार्यशालाएँ आयोजित करने की योजना बना रही हैं। उनका सपना है कि वे एक ऐसी पुस्तक लिखें, जो महिलाओं के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों को दर्शाए और समाज में एक नई सोच विकसित करे। वे युवाओं को भी साहित्य से जोड़ने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मंचों पर सक्रिय हैं।

 *एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व*

प्रियंका मिश्रा का सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक संदेश है कि अगर कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित हो, तो वह निश्चित रूप से सफलता प्राप्त कर सकता है। उनकी सफलता यह भी दर्शाती है कि माता-पिता के दिए गए संस्कार और शिक्षा बच्चों के भविष्य को संवार सकते हैं। कटनी प्रशासन द्वारा किया गया यह सम्मान न केवल प्रियंका के लिए, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने की राह पर हैं। यह आयोजन यह भी साबित करता है कि महिलाओं के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना समाज के विकास के लिए आवश्यक है। प्रियंका मिश्रा की यह उपलब्धि उन सभी लोगों को प्रेरित करेगी, जो साहित्य, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में कुछ नया करने का सपना देख रहे हैं। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती, और यदि मेहनत और समर्पण से काम किया जाए, तो सफलता निश्चित है।

टिप्पणियाँ

popular post

कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

 कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी | कटनी जिले के ढीमरखेड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम सिमरिया की निवासी शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का बीती रात्रि अचानक हृदयगति रुक जाने से दुखद निधन हो गया।उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे क्षेत्र सहित शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। विजय लक्ष्मी ज्योतिषी, देवेंद्र ज्योतिषी (गुड्डू मालगुजार) की धर्मपत्नी थीं। वे अपने सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार उनके निज ग्राम सिमरिया में संपन्न किया जाएगा। ढीमरखेड़ा एवं कटनी के शिक्षक समुदाय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शा...

सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित

 सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित ढीमरखेड़ा ।  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सगौना डैम में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मछली पकड़ने गए एक 15 वर्षीय बालक की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित बैगा पिता कैलाश बैगा उम्र लगभग 15 वर्ष, निवासी ग्राम कोठी, थाना ढीमरखेड़ा, दिनांक 30 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1 बजे अपने साथियों अजीत बैगा एवं अन्य गांव के लड़कों के साथ सगौना डैम के पुल पर मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान पुल के भीतर तेज बहाव वाले पानी में वह फंसकर डूब गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद अजय बैगा और सुन्नू बैगा ने प्रयास कर मोहित को पानी से बाहर निकाला।परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उस समय मोहित के कपड़े पूरी तरह भीगे हुए थे और वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। घायल अवस्था में तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से उसे शासकीय अस्पताल उमरियापान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषि...

देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर

 देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे को मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता के पद पर मनोनीत किया है, जिससे जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। जारी मनोनयन पत्र के अनुसार परिषद को विश्वास है कि श्रीमती दुबे अपने कार्यक्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। वे ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए संगठन को नई दिशा देंगी तथा समय-समय पर अपने सुझावों से संगठन को सशक्त बनाएंगी।यह मनोनयन 12 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जिस पर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह सेंगर के हस्ताक्षर हैं। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने श्रीमती दुबे को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, गौरतलब है कि रिया राहुल दुबे लंबे समय से पंचायत स्तर पर सक्रिय रहकर जनहित के कार्यों में निरंतर योगदान देती रही हैं। उनके अन...