सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा सभागार में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ, लाभ मिलते ही हितग्राहियों के खिले चेहरे, जो सुने जनता की आवाज वहीं हैं अधिकारी

 जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा सभागार में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ, लाभ मिलते ही हितग्राहियों के खिले चेहरे, जो सुने जनता की आवाज वहीं हैं अधिकारी 



ढीमरखेड़ा |  मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) विंकी उइके सिंहमारे, जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी और जनपद सदस्य श्रीकांत पटैल के नेतृत्व में 16 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस आयोजन में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम का आयोजन ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत कार्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह अभियान सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सभी पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा। जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि लोग सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हों और उनका सही तरीके से लाभ उठा सकें।

*लाभार्थियों का चयन और योजनाओं का लाभ*

इस अभियान के तहत 16 लाभार्थियों को चयनित किया गया था। इनमें उत्तरा शर्मा, रुकमणी बाई, प्रशांत कुमार, और सुरेश कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी लाभार्थियों को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। कई लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तीन किश्तों में राशि दी जाती है। उत्तरा शर्मा और रुकमणी बाई को इस योजना के तहत पहली किश्त जारी की गई। ग्रामीण किसानों को आर्थिक मदद प्रदान करने के लिए किसान कल्याण योजना के तहत प्रशांत कुमार और सुरेश कुमार को वार्षिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।ग्रामीण महिलाओं को रसोई गैस के लिए उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और चूल्हा प्रदान किया गया। इस योजना का लाभ विशेष रूप से उन महिलाओं को दिया गया, जो अब तक लकड़ी और गोबर के उपले से खाना बनाती थीं। बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन योजनाओं का लाभ, लाभार्थियों को दिया गया।

*कार्यक्रम का संचालन और ग्रामीणों की भागीदारी*

कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीकांत पटैल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार का कर्तव्य है कि वह गरीब और वंचित लोगों की मदद करे। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें और इनसे अपने जीवन स्तर को सुधारें। इस अवसर पर ग्रामीणों की भागीदारी भी काफी उत्साहजनक रही। लोग अपने सवालों और समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए आगे आए। रुकमणी बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से उनका जीवन पहले से आसान हो गया है।

*सरकारी अधिकारियों की भूमिका*

एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे और जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे।एसडीएम ने बताया कि यह अभियान सरकार की ओर से वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल आर्थिक सहायता मिलती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता भी बढ़ती है।कार्यक्रम के दौरान कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ लोगों ने शिकायत की कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। इस पर जनपद सीईओ ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का निवारण जल्द से जल्द किया जाएगा । मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में आयोजित हितलाभ वितरण कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से वंचित वर्गों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मददगार हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि लोग सरकार पर भरोसा बनाए रखें। इस कार्यक्रम ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने का भी काम किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।

टिप्पणियाँ

popular post

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...