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सबकी योजना, सबका विकास - जन योजना अभियान 2024 - 25 ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ढीमरखेड़ा मंगलभवन में चालू हैं प्रशिक्षण

 सबकी योजना, सबका विकास - जन योजना अभियान 2024 - 25

ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ढीमरखेड़ा मंगलभवन में चालू हैं प्रशिक्षण 



ढीमरखेड़ा |  भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा "सबकी योजना, सबका विकास" के तहत जन योजना अभियान 2024-25 शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 की ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार की जानी है। इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी वार्षिक विकास कार्ययोजना निर्धारित समयसीमा (02 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025) के भीतर तैयार करनी होगी और उसे भारत सरकार के egramswaraj पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने हेतु ग्राम पंचायत प्लानिंग एवं फेसिलिटेशन टीम (GPPFT) का गठन किया गया है, जिसके प्रशिक्षण हेतु  एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में जनपद पंचायत स्तर पर नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स द्वारा क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में 3 से 4 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, और प्रत्येक ग्राम पंचायत से 6 प्रतिभागी इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे।

*ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) का महत्व*

ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है, जो स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार पंचायतों को सशक्त बनाती है। इसके अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को अपने क्षेत्रों में प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाएं तैयार करने का अवसर मिलता है।

*GPDP के मुख्य उद्देश्य*

ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना - पंचायतों को अपने क्षेत्र के विकास की योजनाएं स्वायत्त रूप से तैयार करने का अधिकार प्राप्त होता है।

जन भागीदारी को बढ़ावा देना - समुदाय को योजना निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है। उपलब्ध वित्तीय एवं मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही - योजनाओं को egramswaraj पोर्टल पर अपलोड करके पारदर्शिता बढ़ाई जाती है। स्थानीय विकास को प्राथमिकता देना - प्रत्येक पंचायत अपनी जरूरतों के अनुसार कार्ययोजनाएं बनाती है, जिससे विकास योजनाएं प्रभावी होती हैं।

*GPPFT का गठन एवं प्रशिक्षण की रूपरेखा*

ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ग्राम पंचायत प्लानिंग एवं फेसिलिटेशन टीम (GPPFT) का गठन किया गया है। इस टीम का मुख्य कार्य ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण और उसके सफल क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करना है।

*GPPFT में शामिल सदस्य*

ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला स्व-सहायता समूह की 2 सदस्य, पहला दिन GPPFT की धारणा और उद्देश्य, दूसरा दिन योजनाओं का निर्माण एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया, तीसरा दिन egramswaraj पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि एवं फीडबैक प्रणाली

*प्रशिक्षण स्थल और आवश्यक दस्तावेज*

यह प्रशिक्षण जनपद पंचायत/क्लस्टर स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

प्रतिभागियों को आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल अनिवार्य रूप से लाना होगा। प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनिंग मैनेजमेंट पोर्टल पर प्रतिभागियों की जानकारी अपलोड की जाएगी, जिससे उन्हें ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्राप्त होगा।प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पंचायतें अपने स्तर पर विकास योजनाओं का निर्माण कर सकेंगी। योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू करने की दक्षता बढ़ेगी।egramswaraj पोर्टल का उपयोग ग्राम पंचायतों में ई-गवर्नेंस को मजबूती देगा। डिजिटल माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की व्यवस्था विकसित होगी। महिला स्व-सहायता समूहों को GPDP प्रक्रिया में शामिल करने से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।MGNREGA जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा। सड़क, जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता आदि क्षेत्रों में सुधार होगा। ग्राम स्तर पर स्थायी बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।

*ग्राम सभा की भूमिका सशक्त होगी*

GPDP प्रक्रिया में ग्राम सभाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिलेगी।प्रशिक्षण की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सुझाव, प्रशिक्षण में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए, सभी पंचायत प्रतिनिधियों को समय पर जानकारी देकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। GPDP योजना में ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। प्रशिक्षण के बाद निरंतर मॉनिटरिंग हो। पंचायतों द्वारा बनाई गई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।

*ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाए*

पंचायतों को डिजिटल माध्यम से योजनाओं को ट्रैक करने और उनकी रिपोर्टिंग करने के लिए प्रेरित किया जाए। पंचायत प्रतिनिधियों को अधिक अधिकार दिए जाएं। GPDP के तहत पंचायतों को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वायत्तता बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएं। जन योजना अभियान 2024-25 के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) प्रशिक्षण ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रशिक्षण ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने में सहायक होगा।ढीमरखेड़ा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत यजुर्वेद कोरी, आर. पी. मार्को, प्रमोद तिवारी एवं मास्टर ट्रेनर्स की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा और "सबकी योजना, सबका विकास" के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा।इस प्रकार, यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण न केवल ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति देगा। ग्राम सभा की भागीदारी बढ़ने से योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, जिससे ग्रामीण भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा।

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