सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पत्रकार राकेश यादव की मेहनत जमीनी हकीकत की एक पहचान, बचपन की कहानी जो सुना, सुनकर रह गया स्तब्ध, अनेकों काम के हैं जानकार

 पत्रकार राकेश यादव की मेहनत जमीनी हकीकत की एक पहचान, बचपन की कहानी जो सुना, सुनकर रह गया स्तब्ध, अनेकों काम के हैं जानकार



ढीमरखेड़ा | पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले राकेश यादव का जीवन संघर्ष, मेहनत, और सफलता की ऐसी कहानी है, जो प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। उनकी जमीनी हकीकत को उजागर करने वाली रिपोर्टिंग ने न केवल समाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि अपने बचपन से ही उनके अदम्य साहस और समर्पण की कहानी ने उन्हें एक मिसाल बना दिया। उनकी यात्रा न केवल पत्रकारिता के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने जीवन में बदलाव और सुधार लाना चाहता है।

*बचपन की कहानी, संघर्ष और जिजीविषा का प्रमाण*

राकेश यादव का जन्म एक छोटे से गाँव में हुआ, जहाँ सुविधाओं का अभाव और गरीबी जीवन का हिस्सा थी। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि अक्सर दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। उनके पिता एक किसान थे। इस संघर्षपूर्ण माहौल में पले-बढ़े राकेश ने बचपन से ही जीवन की कठिनाइयों का सामना करना सीखा। राकेश यादव की कहानी कहती है कि राकेश ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गाँव के एक सरकारी स्कूल से की, जहाँ बच्चों को चटाई पर बैठकर पढ़ना पड़ता था। किताबें कम थीं, लेकिन पढ़ने का जुनून इतना था कि वे दूसरों से उधार किताबें लेकर पढ़ाई करते थे। उनके एक शिक्षक ने उनकी मेहनत और लगन को देखकर उन्हें प्रेरित किया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।

*युवावस्था में संघर्ष, जिम्मेदारियों का बोझ*

युवावस्था में राकेश ने अपने परिवार की मदद के लिए खेतों में काम किया। दिनभर की मेहनत के बाद वे रात में पढ़ाई करते थे। लेकिन उनकी जिज्ञासा, कड़ी मेहनत, और समाज की जमीनी सच्चाई को उजागर करने की चाह ने उन्हें आगे बढ़ाया। लिहाज़ा अब कोई कैसा भी व्यक्ति अगर मदद के लिए उनके पास आता हैं तो हर संभव मदद उनके द्वारा की जाती हैं। जिससे गरीब, असहाय लोग उनसे खुश होकर के जाते हैं। राकेश यादव का कहना हैं कि जो गरीबी मैने देखी हैं वह मजबूरी सबकी समझता हूं सबकी मदद करना मेरा अधिकार हैं।

*अनेकों काम के जानकार, बहुमुखी प्रतिभा के धनी*

राकेश यादव की पहचान सिर्फ एक पत्रकार के रूप में नहीं है। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने न केवल पत्रकारिता में उत्कृष्टता दिखाई, बल्कि अनेकों कार्य में भी अपनी छाप छोड़ी। उनके द्वारा जो भी कार्य किया गया वह समाज के अंदर प्रशंसा बटोरी। वे एक कुशल वक्ता भी हैं और समाज के विभिन्न मुद्दों पर उनके पास समझ हैं। उनकी यह बहुआयामी प्रतिभा उन्हें अन्य पत्रकारों से अलग बनाती है।

*व्यक्ति के कार्य ही व्यक्ति को दिलवाते हैं पहचान*

राकेश यादव का मानना है कि पत्रकारिता का असली उद्देश्य समाज में बदलाव लाना है। राकेश यादव का जीवन उनके मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित है। वे अपने काम में ईमानदारी, साहस, और निष्पक्षता को प्राथमिकता देते हैं। उनके संघर्षमय बचपन ने उन्हें दूसरों की समस्याओं को समझने और उनके लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर व्यक्ति में दृढ़ संकल्प और मेहनत करने की इच्छाशक्ति हो, तो वह किसी भी परिस्थिति को बदल सकता है।

*मेहनत लाती हैं बदलाव*

राकेश यादव की कहानी न केवल पत्रकारिता के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन में बदलाव लाना चाहता है। उनकी मेहनत, साहस, और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक आदर्श व्यक्ति बनाती है। उनकी कहानी यह दिखाती है कि कैसे सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी एक व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनके संघर्ष और सफलता की यह यात्रा यह सिखाती है कि सच्ची सफलता वही है, जो दूसरों के जीवन में बदलाव ला सके। राकेश यादव का जीवन संघर्ष, मेहनत, और सफलता की कहानी है। उनकी जमीनी हकीकत की पहचान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें एक आदर्श इंसान बना दिया। उनका जीवन हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहता है और समाज के लिए कुछ करने की इच्छा रखता है। राकेश यादव की कहानी बताती है कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ हर बाधा को पार किया जा सकता है। उनका जीवन उन सभी के लिए एक सबक है, जो अपने सपनों को साकार करने की राह पर हैं।

टिप्पणियाँ

popular post

सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित

 सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित ढीमरखेड़ा ।  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सगौना डैम में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मछली पकड़ने गए एक 15 वर्षीय बालक की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित बैगा पिता कैलाश बैगा उम्र लगभग 15 वर्ष, निवासी ग्राम कोठी, थाना ढीमरखेड़ा, दिनांक 30 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1 बजे अपने साथियों अजीत बैगा एवं अन्य गांव के लड़कों के साथ सगौना डैम के पुल पर मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान पुल के भीतर तेज बहाव वाले पानी में वह फंसकर डूब गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद अजय बैगा और सुन्नू बैगा ने प्रयास कर मोहित को पानी से बाहर निकाला।परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उस समय मोहित के कपड़े पूरी तरह भीगे हुए थे और वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। घायल अवस्था में तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से उसे शासकीय अस्पताल उमरियापान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषि...

कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

 कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी | कटनी जिले के ढीमरखेड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम सिमरिया की निवासी शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का बीती रात्रि अचानक हृदयगति रुक जाने से दुखद निधन हो गया।उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे क्षेत्र सहित शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। विजय लक्ष्मी ज्योतिषी, देवेंद्र ज्योतिषी (गुड्डू मालगुजार) की धर्मपत्नी थीं। वे अपने सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार उनके निज ग्राम सिमरिया में संपन्न किया जाएगा। ढीमरखेड़ा एवं कटनी के शिक्षक समुदाय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शा...

देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर

 देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे को मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता के पद पर मनोनीत किया है, जिससे जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। जारी मनोनयन पत्र के अनुसार परिषद को विश्वास है कि श्रीमती दुबे अपने कार्यक्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। वे ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए संगठन को नई दिशा देंगी तथा समय-समय पर अपने सुझावों से संगठन को सशक्त बनाएंगी।यह मनोनयन 12 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जिस पर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह सेंगर के हस्ताक्षर हैं। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने श्रीमती दुबे को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, गौरतलब है कि रिया राहुल दुबे लंबे समय से पंचायत स्तर पर सक्रिय रहकर जनहित के कार्यों में निरंतर योगदान देती रही हैं। उनके अन...