सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सिलौड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत राय और मंडल महामंत्री मनीष बागरी की पहल के कारण सिलौड़ी मंडल में जमकर लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता , सिलौड़ी में दिखा भाजपा की सदस्यता अभियान का असर

 सिलौड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत राय और मंडल महामंत्री मनीष बागरी की पहल के कारण सिलौड़ी मंडल में जमकर लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता , सिलौड़ी में दिखा भाजपा की सदस्यता अभियान का असर



ढीमरखेड़ा | सिलौड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत राय और मंडल महामंत्री मनीष बागरी की पहल के कारण सिलौड़ी में भाजपा का सदस्यता अभियान एक ऐतिहासिक सफलता साबित हुआ है। दोनों नेताओं की मेहनत, रणनीति, और नेतृत्व ने लोगों के बीच भाजपा के प्रति विश्वास को और गहरा किया है। सिलौड़ी में भाजपा के सदस्यता अभियान का असर इतना व्यापक रहा कि यहां के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाजपा की सदस्यता ली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा का जनाधार इस क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा है।

*प्रशांत राय और मनीष बागरी का नेतृत्व*

भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत राय और मंडल महामंत्री मनीष बागरी ने इस सदस्यता अभियान की रूपरेखा तैयार करने से लेकर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने तक हर स्तर पर अहम भूमिका निभाई। प्रशांत राय के नेतृत्व में सिलौड़ी मंडल में भाजपा की जमीनी पकड़ पहले से ही मजबूत थी, लेकिन मनीष बागरी की संगठनात्मक कुशलता ने इस अभियान को नए आयाम दिए। दोनों नेताओं ने मिलकर गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद किया, उनके मुद्दों को समझा, और भाजपा की नीतियों और योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाई।

*सदस्यता अभियान की रणनीति*

सिलौड़ी मंडल में भाजपा का सदस्यता अभियान बेहद संगठित और सुनियोजित तरीके से चलाया गया। प्रशांत राय और मनीष बागरी ने यह सुनिश्चित किया कि हर गांव और हर समुदाय तक भाजपा की पहुंच बने। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कीं, रैलियां निकालीं, और व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलकर उन्हें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। मनीष बागरी ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां पर लोग अभी तक राजनीतिक रूप से उतने जागरूक नहीं थे। उन्होंने भाजपा की ग्रामीण योजनाओं, किसानों के लिए उठाए गए कदमों, और गरीबों के लिए बनाई गई नीतियों की जानकारी देकर लोगों का समर्थन प्राप्त किया। इस अभियान में भाजपा के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की नीति को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, जिससे लोग इस विचारधारा से प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में सदस्यता लेने के लिए आगे आए।

*बाढ़ के समय मनीष बागरी की सक्रियता*

मनीष बागरी की छवि एक जनसेवक की है, जो कठिन समय में भी जनता के साथ खड़े रहते हैं। सिलौड़ी में जब बाढ़ का कहर बरपा, तब मनीष बागरी ने अपना व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर लोगों की मदद के लिए दिन-रात एक कर दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मनीष बागरी खुद मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं को बल्कि अन्य सामाजिक संगठनों को भी एकजुट कर बाढ़ पीड़ितों की सहायता की।मनीष बागरी की इस सक्रियता और उनकी मदद ने जनता के बीच उनकी छवि को और भी निखारा। लोगों ने देखा कि वह केवल राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे सेवक हैं, जो मुश्किल घड़ी में अपने कर्तव्यों का पालन करने से पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि बाढ़ के समय मनीष बागरी की सक्रियता ने भाजपा के प्रति लोगों के भरोसे को और मजबूत किया, और लोग उनके नेतृत्व में भाजपा के सदस्य बनने के लिए प्रेरित हुए।

*सदस्यता अभियान का असर*

सिलौड़ी में भाजपा के इस सदस्यता अभियान का असर व्यापक स्तर पर देखा गया। गांवों में भाजपा की पहुंच बढ़ी, नए कार्यकर्ताओं का उदय हुआ, और संगठन की ताकत और मजबूती महसूस की गई। लोगों ने देखा कि भाजपा सिर्फ चुनाव जीतने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक जनसेवी संगठन है, जो हर मुश्किल घड़ी में जनता के साथ खड़ा रहता है।सदस्यता अभियान के दौरान भाजपा की नीतियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं, और मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेष रूप से गरीबों के लिए चलाई गई योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, और किसान सम्मान निधि, ने ग्रामीण जनता को भाजपा के प्रति आकर्षित किया।

*सिलौड़ी में भाजपा की लोकप्रियता*

सदस्यता अभियान के बाद सिलौड़ी में भाजपा की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रशांत राय और मनीष बागरी के नेतृत्व में भाजपा ने न केवल नए सदस्य बनाए, बल्कि पार्टी की जमीनी पकड़ भी और मजबूत की। खासतौर पर युवाओं और महिलाओं ने भाजपा की सदस्यता ली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा का संदेश हर वर्ग तक पहुंच रहा है।भाजपा के प्रति इस बढ़ते समर्थन का मुख्य कारण यह है कि लोगों ने देखा कि भाजपा सिर्फ सत्ता में रहने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि यह जनता की भलाई के लिए काम करने वाली पार्टी है। बाढ़ के समय मनीष बागरी की सक्रियता और मदद ने इस विश्वास को और भी पुख्ता किया, जिससे लोग भाजपा की सदस्यता लेने के लिए आगे आए।

*प्रशांत राय और मनीष बागरी का दिख रहा सिलौड़ी में कार्य*

भाजपा के इस सदस्यता अभियान की सफलता के बाद प्रशांत राय और मनीष बागरी की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। दोनों नेता अब इस सदस्यता अभियान को संगठनात्मक मजबूती में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाए, उन्हें संगठन की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाए, और उन्हें सक्रिय रूप से भाजपा के कार्यक्रमों और अभियानों में शामिल किया जाए। इसके अलावा, प्रशांत राय और मनीष बागरी ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के जनाधार को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक गांवों में भाजपा की जड़ें मजबूत नहीं होंगी, तब तक पार्टी का विस्तार संभव नहीं है। इसीलिए, दोनों नेता गांव-गांव जाकर लोगों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं, और उन्हें भाजपा की नीतियों और योजनाओं के बारे में बता रहे हैं।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...