सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

उमरियापान मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पड़रभटा, सरसवाही में बैठक का आयोजन हुआ ये वही गोविंद प्रताप सिंह हैं जो विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति के कारण मंडल अध्यक्ष रहते हुए लंबे आंकड़े से भाजपा को विजयी श्री की माला पहनाया था छोटी - बड़ी गतिविधियों में लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं, भारतीय जनता पार्टी में उमरियापान मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह का नाम एक अलग ही पहचान

 उमरियापान मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पड़रभटा, सरसवाही में बैठक का आयोजन हुआ ये वही गोविंद प्रताप सिंह हैं जो विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति के कारण मंडल अध्यक्ष रहते हुए लंबे आंकड़े से भाजपा को विजयी श्री की माला पहनाया था छोटी - बड़ी गतिविधियों में लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं, भारतीय जनता पार्टी में उमरियापान मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह का नाम एक अलग ही पहचान



दैनिक ताजा ख़बर ढीमरखेड़ा |उमरियापान मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रताप सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक ऐसे नेता हैं जिनका नाम पार्टी के भीतर बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके नेतृत्व और कार्यशैली ने न केवल पार्टी को संगठित रखा है, बल्कि भाजपा को उनके मंडल में कई बार विजयी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। गोविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में हाल ही में पड़रभटा और सरसवाही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य आगामी सदस्यता अभियान की रणनीति तय करना था। 02 तारीख से प्रारंभ होने वाले सदस्यता अभियान के संदर्भ में यह बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भाजपा के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें राजेश चौरसिया, राम सिंह पटैल, विनोद यादव, हरी राजपाल, सुशील महोबिया, सरपंच मंगल साहू, जय प्रकाश पाठक, जनपद सदस्य जहानी लाल, जगदेव पटैल, विजय पटैल, रामदयाल आदिवासी आदि शामिल थे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के सदस्यता अभियान की रूपरेखा तैयार करना और अधिक से अधिक लोगों को भाजपा की विचारधारा से जोड़ना था। गोविंद प्रताप सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए सदस्यता अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे सफल बनाने के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत उसके सदस्यों में निहित होती है, और हमें यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक लोग भाजपा के साथ जुड़ें।

*गोविंद प्रताप सिंह का राजनीतिक सफर*

गोविंद प्रताप सिंह का राजनीतिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। वे उमरियापान मंडल के अध्यक्ष रहते हुए अपनी कुशल रणनीति और नेतृत्व क्षमता के कारण पार्टी को विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत दिलाने में सफल रहे हैं। उनकी योजना और कार्यशैली ने भाजपा को उनके क्षेत्र में मजबूती से खड़ा किया है। चुनावी प्रबंधन में उनकी दक्षता, कार्यकर्ताओं के साथ उनका संवाद और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने उन्हें एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है।

*गोविंद प्रताप सिंह की रणनीति और कार्यशैली*

गोविंद प्रताप सिंह की रणनीति का मुख्य आधार जनता से जुड़ाव और पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद है। वे छोटी-बड़ी सभी गतिविधियों में लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। चाहे वह बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठक हो या फिर बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान, वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में नजर आते हैं। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता ईमानदारी, और स्पष्टता है। वे मानते हैं कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए आवश्यक है कि पार्टी के नेताओं के बीच एक मजबूत संवाद और विश्वास का रिश्ता हो। इसी सिद्धांत पर चलते हुए वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा जुड़कर रहते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए तत्पर रहते हैं।

*विधानसभा चुनावों में रणनीति से किया गया कार्य*

गोविंद प्रताप सिंह की नेतृत्व क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण विधानसभा चुनावों में देखने को मिला। मंडल अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी के लिए एक मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया, जिसमें बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। उनकी रणनीति का नतीजा यह रहा कि भाजपा ने उनके नेतृत्व में एक बड़ी जीत हासिल की और उनके मंडल में पार्टी को विजयश्री प्राप्त हुई।

 *उमरियापान मंडल में चुनावी रणनीति जीत की वजह*

 चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने स्वयं हर घर जाकर मतदाताओं से संवाद किया। उन्होंने पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की टीम को उत्साहित किया और उन्हें जिम्मेदारी दी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी मेहनत से कार्य करें। उन्होंने स्थानीय मुद्दों को समझा और उन पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट की, जिससे लोगों को यह विश्वास हुआ कि भाजपा ही उनकी समस्याओं का समाधान कर सकती है।

*क्षेत्र में सक्रियता और सामाजिक योगदान*

गोविंद प्रताप सिंह न केवल एक राजनीतिक नेता हैं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी पहचाने जाते हैं। वे लगातार अपने क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते रहते हैं। उनकी सक्रियता का उद्देश्य केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार भी है। उन्होंने कई बार जरूरतमंदों की मदद की है, चाहे वह बाढ़ राहत का मामला हो या फिर किसी गरीब परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने का। वे मानते हैं कि राजनीति का असली मकसद समाज की सेवा करना है, और इस सिद्धांत पर वे हमेशा चलते आए हैं। उन्होंने कई बार अपने क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के समक्ष आवाज उठाई है, चाहे वह सड़कों की मरम्मत का मामला हो, स्कूलों में सुविधाओं का अभाव हो, या फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का मुद्दा।

*पार्टी में प्रतिष्ठा और एक अलग पहचान*

गोविंद प्रताप सिंह का नाम भारतीय जनता पार्टी में बहुत ही प्रतिष्ठा के साथ लिया जाता है। उनकी लोकप्रियता और कार्यक्षमता के कारण पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें कई बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वे अपने क्षेत्र में पार्टी के एक मजबूत स्तंभ के रूप में जाने जाते हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भविष्य की दिशा में, गोविंद प्रताप सिंह का लक्ष्य पार्टी को और भी मजबूत बनाना है। वे मानते हैं कि भाजपा की असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों में निहित है। उनके अनुसार, पार्टी को तभी सशक्त बनाया जा सकता है जब हर कार्यकर्ता को उसकी भूमिका का महत्व समझाया जाए और उसे पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाए। गोविंद प्रताप सिंह का दृढ़ विश्वास है कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो राष्ट्रवाद, विकास, और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। वे इसी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर निरंतर प्रयासरत हैं। गोविंद प्रताप सिंह का व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली उन्हें एक सफल नेता के रूप में स्थापित करती है। उनकी कुशल रणनीति, जनता से जुड़ाव, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, और सामाजिक योगदान ने उन्हें पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह एक आदर्श नेता के रूप में प्रतिष्ठित किया है। उनके नेतृत्व में उमरियापान मंडल ने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि भारतीय जनता पार्टी उमरियापान में एक सशक्त और लोकप्रिय दल बनी हुई है।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...