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सरगनाओं ने रखा दो करोड़ का ऑफर, राजनैतिक आकाओं के दरबार में कलेक्टर- एसपी का तबादला कराने मुंह मांगी रकम देने तैयार शिक्षा माफिया ! शहर के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा माफिया की काली करतूतों और अभिभावकों को लूटकर बेहसाब काली कमाई का भंडाफोड़ कर लगभग देश भर में चर्चा का विषय बन चुके कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस कप्तान आदित्य प्रताप सिंह का तबादला करवाकर काली कमाई का अंधेरा कायम रखने के लिए शिक्षा माफिया के मास्टरमाइंड और गैंग सरगनाओं ने अपने प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं।

 सरगनाओं ने रखा दो करोड़ का ऑफर, राजनैतिक आकाओं के दरबार में

कलेक्टर- एसपी का तबादला कराने मुंह मांगी रकम देने तैयार शिक्षा माफिया !

शहर के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा माफिया की काली करतूतों और अभिभावकों को लूटकर बेहसाब काली कमाई का भंडाफोड़ कर लगभग देश भर में चर्चा का विषय बन चुके कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस कप्तान आदित्य प्रताप सिंह का तबादला करवाकर काली कमाई का अंधेरा कायम रखने के लिए शिक्षा माफिया के मास्टरमाइंड और गैंग सरगनाओं ने अपने प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं।



 जबलपुर । सूत्रों के हवाले से यह बेहद चौकाने वाली खबर सामने आई है कि वर्षों से जिला, पुलिस और शिक्षा विभाग सहित पहुंच पकड़ वाले नेताओं को अपनी जेब में रखकर लूट के कारोबार पर मीडिया और अभिभावकों की आवाज दबाते आए शिक्षा के सौदागर कलेक्टर सक्सेना, कप्तान सिंह का सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो करें या कराए और सीधे रकम ले जाए

जबलपुर से तबादला करवाने अपने आकाओं से गुहार लगा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस काम के लिए अभी तक दो करोड़ रुपए तक का ऑफर भी दिया जा चुका है और इसके लिए दिल्ली-भोपाल तक दौड़ भाग करने गिरोह के गुर्गे रवाना भी कर दिए गए हैं। जबकि सरगना खुद अंडरग्राउंड होकर फोन पर हर दिन हर पल प्रयासों की सफलता की खबर ले रहे हैं। 

*अभद्रता, गुंडागर्दी के साथ मिली धमकी*

जानकारी के अनुसार कलेक्टर द्वारा स्कूल शिक्षा के धंधेबाजों की धरपकड़ कार्रवाई के शुरुआती दौर से ही विजय नगर स्थित विंग्स ऑफ जॉय और जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक व संचालक अखिलेश मेबिन का नाम बार-बार सामने आया। अभिभावकों, समाजसेवियों और पत्रकारों ने भी मेबिन के चरित्र और रसूखदारी की दास्तान कलेक्टर को सुनाई। उन्हें बताया गया कि अखिलेश मेबिन के खिलाफ अनाप शनाप फीस वसूली को लेकर अनेकों बार सार्वजनिक प्रदर्शन हो चुके हैं एवं अभिभावकों के साथ आए दिन अभद्रता, गुंडागर्दी, और धमकी देने संबंधी अपराधिक धाराओं के मामले संबंधित थानों में दर्ज हुए मगर जिला प्रशासन, पुलिस, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कभी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई।

*सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो*

गौरतलब है कि कोविड के भीषण भयावाहकाल में जब ऑनलाइन क्लासेस प्रारंभ की गई थीं। इस दौर में अपने स्कूल एप की ऑनलाइन क्लास बच्चों के सामने शराब के नशे में धुत्त नग्न अवस्था में सिगरेट का धुआं उड़ाते वीडियो भी वायरल हुआ था जो शहर में जनचर्चा का विषय भी बना रहा। लेकिन उसके खिलाफ भी कोई वैधानिक एक्शन संबंधित जिम्मेदारों ने

नहीं लिया? इस तरह के और भी गंभीर आरोप युक्त सवाल कलेक्टर कप्तान के जवाब या कठोर कार्रवाई की बाट जोह रहे हैं जिस पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा अधिकारियों ने दिया है। सूची में विजय नगर के जॉय स्कूल प्रबंधक मालिक अखिलेश मेबिन के अलावा और भी कई स्कूल और उनके संचालकों के नाम भी शामिल हैं।

*करे या कराए और सीधे रकम ले जाए*

सूत्रों के मुताबिक पहली कार्रवाई में भले ही जिला और पुलिस प्रशासन ने स्कूल मालिकों, प्रबंधकों और संचालकों के हाथों को हथकड़ी से दूर रखने की उदारता दिखाई हो । मगर यदि सूत्रों की मानें तो फिलहाल कानून के शिकंजे से बाहर आजाद घूम रहे शिक्षा के उक्त धंधेबाज, सिंडीकेट संचालक सरगना अब अपनी काली कमाई की ताकत का इस्तेमाल कलेक्टर-एसपी का जबलपुर से तबादला कराने के लिए कर रहे हैं? बताया गया है कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों को लूटने का अवैध कारोबार करने वाले लोगों ने तबादला कराने या करने वाले को दो करोड़ रुपया इनाम देने की पेशकश भी कर दी है? यदि सूत्रों की बताई यह खबर सही है तो यह सरकार और समाज सहित सभी अभिभावकों के लिए बेहद शर्म और चिंता का विषय हैं।

*डरें नहीं सामने आकर खुद करे सवाल*

बहरहाल शिक्षा माफिया की नाक में नकेल कसने जिला कलेक्टर अपने मिशन में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने समाज के जागरूक नागरिकों और पीड़ित अभिभावकों से आव्हान भी किया है कि डरें नहीं, चुपचाप सब कुछ सहें नहीं बल्कि आगे आएं अपने स्कूल प्रबंधन से सवाल करें? यदि कोई ज्यादती या अनियमितता नजर आए तो बेखौफ जिला प्रशासन से शिकायत करें। पीड़ितों को न्याय दिलाने हर संभव प्रयास करने महकमा प्रतिबद्ध है।

*नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी*

राज्य शासन के निर्देश पर उपरोक्त कार्रवाई पूरे प्रदेश में की जा रही है। 30 जून तक जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। जांच जारी है नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 *दीपक सक्सेना, कलेक्टर*


*जांच उपरांत एफआइआर कराई गई*

राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विधिवत जांच उपरांत एफआइआर कराई गई है। आगे जो भी निर्देश मिलेंगे उसके अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।



*आदित्य प्रताप सिंह, पुलिस कप्तान*

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