सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अयोध्या धाम में कटनी की पुलिस देख भागा किस्सू तिवारी तो घिर गया और हो गई गिरफ्तारी, खोजी अभियान की साहसी कथा सुनाई गई प्रेस - वार्ता में

 अयोध्या धाम में कटनी की पुलिस देख भागा किस्सू तिवारी तो घिर गया और हो गई गिरफ्तारी, खोजी अभियान की साहसी कथा सुनाई गई प्रेस - वार्ता में



 ढीमरखेड़ा । एक बार फिर किशोर तिवारी उर्फ किस्सू नाटकीय घटनाक्रम के साथ पुलिस के हाथ लग गया है। नाटकीय ढंग से गिरफ्तार होना, फरार होना और सामने आ जाने का हुनर किस्सू तिवारी ने पहले भी करके दिखाया है। पुलिस ने सुबह कंट्रोल रूम में हुई प्रेस वार्ता में अपनी बहादुरी का किस्सा सुनाया कि कैसे अयोध्या में कटनी की पुलिस को सामने देखकर किस्सू भागने लगा था मगर पुलिस ने घेरा और गिरफ्तार कर कटनी ले आई l पुलिस अधिकारी के अनुसार पुलिस की पांचवीं टीम अयोध्या धाम जाकर महाराज (किस्सू तिवारी के समर्थकों का निक-नेम) से मुलाकात करने और अपने संरक्षण में कटनी लाने में कामयाब हुई। अब महाराज न्यायिक कस्टडी में जेल भेजे जाएंगे। पिछले एक सप्ताह में आए दिन जिले एवं जोन के पुलिस अफसरों ने जैसे-जैसे किस्सू महाराज की गिरफ्तारी पर अवार्ड बढ़ाते हुए उसकी वेल्यू 55 हजार तक पहुंचाई, वैसे-वैसे किस्सू के पुलिस  कस्टडी में लौट आने की संभावनाएं स्पष्ट होती चली गई थीं। यह चर्चा सर्वत्र होने लगी थी।

*चार टीमें देश के चारों कोनों में खोज करने गई*

 प्रेस ब्रीफ के अनुसार पुलिस ने पहले चार टीमें बनाकर उसे देश के चारों कोनों में भेजा, पर वे किस्सू महाराज का पता लगाने में नाकामयाब रहीं। सन् 1987 से जिला पंचम सत्र न्यायालय कटनी में विचाराधीन अपहरण हत्या के एक प्रकरण में किस्सू के खिलाफ गैरमियादी वारंट जारी हुआ था। पुलिस ने कटनी जबलपुर और इंदौर में किस्सू के खिलाफ 22 केस दर्ज होने की सारणी भी प्रेस वार्ता में जाहिर की। एसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जिले में पदस्थ श्रेष्ठ 18 पुलिसकर्मियों को पांच टीमों में बांटा और वे देश के चारों कोनों में खोजने चले गए।

*पांचवी टीम बनी हनुमान और पहुंची अयोध्या धाम*

 एसपी रंजन चार खोजी दलों के खाली हाथ लौटने पर निराश नहीं हुए। मुखबिर की खबर पाकर उन्होंने पूरे विश्वास के साथ नई पांचवी खोजी टीम का गठन किया और उन्हें उत्तर दिशा की ओर भेजा। यह टीम सनातन युग के हनुमान की तरह कामयाब हुई जिसने अयोध्या धाम जाकर रामलला की कृपा से फरार किस्सू तिवारी को खोजा पकड़ा और कप्तान साहब के समक्ष लाकर खड़ा कर दिया।

इस पांचवी टीम में रंगनाथ थानेदार नवीन नामदेव, झिझरी चौकी प्रभारी महेन्द्र जायसवाल सिपाही पंजाब सिंह, सौरभ तिवारी शामिल थे।

*इन-इन स्थानों पर खोजा गया*

 पुलिस अधिकारी ने प्रेस को उन जगहों के बारे में भी संक्षिप्त में बताया जो स्थानीय स्तर पर बड़े भव्य स्थान थे। मसलन शाहडार रिसोर्ट, मित्तल एनकलेव, हिरवारा ग्राम, सिहोरा आदि आसपास की जगहे थी। इसके  बाद चार खोजी टीमों ने कांगड़ा (हिमांचल प्रदेश), नाहर कटिया (तिनसुकिया आसाम) डिब्रूगढ़, इन्दौर, राजधानी दिल्ली गई। दृश्य और अक्षर मीडिया पर फरार आरोपी का हुलिया और फरारी की उद्घोषणा प्रसारित कराई गई।

*किस्सू भागा पर बहादुर पुलिस ने भीड़ में घेरा* 

पुलिस के मुताबिक कटनी की पुलिस को देखते ही अयोध्याधाम से किस्सू तिवारी डरकर भागा। भीड़ बहुत थी, लेकिन उसी समय बड़वारा थानेदार किशोर द्विवेदी सिपाही गौरीशंकर और शिवशंकर भी पहुंच गए। नवीन नामदेव, महेन्द्र जायसवाल, पंजाब सिंह, सौरभ तिवारी तो डरकर सरपट भाग रहे किस्सू तिवारी के पीछे दौड़ ही रहे थे। सामने से गौरीशंकर, शिवशंकर,किशोर ने घेरा डालकर किस्सू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उनके अनुसार शाम 6 बजे तक उसे पकड़ा गया और मंगलवार रात में कटनी ले आया गया।

टिप्पणियाँ

popular post

सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत

 सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत    कटनी ।  मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बहोरीबंद विकासखंड में संचालित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम स्लीमनाबाद स्थित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते क्रमांक 3790886493 से विभिन्न व्यक्तियों/अन्य बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता ने इन लेन-देन की जांच की मांग की है और तौफिक अहमद की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि आजीविका गतिविधियों के लिए उछऋ को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निदेर्शों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में लगभग 18.24 लाख के कथित ट्रांसफर का उल्लेख है। इसके अलावा एक अन्य बिंदु में उछऋ खाते से लगभग 1.15 करोड़ से अधिक राशि ट्...

पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता

 पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता ढीमरखेड़ा ।  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जानकारी के अनुसार, गांव में तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच स्थित ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ नजर आया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सतर्कता का माहौल बन गया।लोगों को आशंका है कि यदि मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र या घाट के आसपास मौजूद रहता है, तो किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से घाट के आसपास आने-जाने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...