सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

काम-क्षुधा तृप्ति केंद्र के ग्राहकों की डायरी नहीं खुल सकी मृत व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने वाला प्रथम जिला बना दिया किस ढर्रे को अपना रही हैं जिले की महिला पुलिस अधिकारी

 काम-क्षुधा तृप्ति केंद्र के ग्राहकों की डायरी नहीं खुल सकी मृत व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने वाला प्रथम जिला बना दिया किस ढर्रे को अपना रही हैं जिले की महिला पुलिस अधिकारी



ढीमरखेड़ा । जिले की महिला पुलिस अधिकारी ऐसे कौन से ढर्रे पर अपराध-उन्मूलन करना चाहती है यह बात नागरिकों के साधारण दिमाग में नहीं घुस पा रही है। आखिर जनता जो प्रजातंत्रिक-व्यवस्था की मालिक है वह जानना और समझना चाहती है कि-स्पॉ सेंटर में बरामद रजिस्टर डायरियां , मोबाइल फोन काल्स की डिटेल्स से महिला थाने की तफ्तीश आगे क्यों नहीं बढ़ पाई। महिला पुलिस अफसर ने मरे हुए व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने  का रिकार्ड किस उद्देश्य से बना दिया और एसपी साहिब चुपके क्यों बैठे  हैं l बरगवां स्थित मसाजपुर्सी सेंटर में महिला पुलिस थाना प्रभारी द्वारा छापा मारकर कुछ कामदग्ध पुरूषों की कामक्षुधा शांत करती कुछ महिलाएं को हिरासत में लिया गया था। स्पॉ सेंटर से रजिस्टर डायरी और मोबाइल आदि जब्त हुए। उस समय डंका बजाया गया था कि-डायरी-रजिस्टर और काल डिटेल्स से महत्वपूर्ण जानकारियां खंगाली जाएगी। इससे ग्राहकों की शिनाख्त होगी। मगर डायरी  के रजिस्टर के काल वितरण कुछ भी सार्वजनिक नहीं हुए ।

चुप्पी यहां  तक सीमित नहीं रही, अन्य  स्पा सेंटर तक भी महिला थाना जांच करने नहीं गया। इसलिए इस चर्चा को विश्वसनीय होने का आधार मिल रहा है कि स्पॉ सेंटर वालों से पुलिस को मासिक भरण पोषण भत्ता दिया जा रहा है। यह संदिग्ध छापा भत्ता-वृद्धि के लिए डाला गया था। आखिर पुलिस की भी  अपनी धनार्जन-क्षुधा होती है।सिटी कोतवाली में एक महिला पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में एक मृत व्यक्ति विनोद सोनी के खिलाफ अपराध क्र. 255/24 अंतर्गत धारा 294-323-506-186-353-34 भादंवि की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। मरे हुए व्यक्ति को नोटिस भेज दिया गया। यह मामला अब कोर्ट में है, हो सकता है कोर्ट के समंस की तामीली कराने में पुलिस मृतक को खोज लेवे और कबूलवा ले कि- वह तो मरा ही नहीं था।

*अवैध स्क्वॉड करता है अवैध वसूली* 

महिला पुलिस अधिकारी ने एक स्पेशल पुलिस स्क्वाड बना रखा है, जिसमें विशेष योग्यता वालों को रखा गया है। स्क्वाड हर प्रजाति के सटोरियो,स्पॉ सेंटर केन्द्रों राजमार्गों पर वाहनों की चेर्किग करता है। चर्चा है कि स्क्वाड अवैध वसूली उगाहने की कला में दक्ष है। महिला अधिकारी को विंध्य के भाजपा नेता के परिवार से होने की वजह से उन्हें विशेष स्क्वाड रखने की छूट मिली है। एसपी से कोई उम्मीद जनता नहीं रखती है।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...