सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी के प्रयासों ने लाई रंग बहुत जल्द वितरित होगे बागरी जाति के जाति प्रमाण पत्र

 भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी के प्रयासों ने लाई रंग बहुत जल्द वितरित होगे बागरी जाति के जाति प्रमाण पत्र



ढीमरखेड़ा | इस संसार में समस्या तो सबको हैं पर उन समस्याओ में एक नया रास्ता बनाकर इतिहास बनाऊंगा इस चंद पंक्तिया बयां कर रही है भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी को।जबलपुर की कुंडम एवं सिहोरा तहसील में बागरी जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करवाने भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी के अथक प्रयास से उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के द्वारा भोपाल से जबलपुर कलेक्टर को आदेश जारी किया गया था लिहाज़ा भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने जबलपुर कलेक्टर  से मिलकर उपमुख्यमंत्री के आदेश एवं शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश के विषय में विस्तृत चर्चा की एवं बागरी समाज की समस्या के विषय में अवगत कराया गया। जबलपुर कलेक्टर के द्वारा गंभीरता दिखाते हुए जल्द से जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया गया और कहा गया कि मेरे द्वारा सिहोरा और कुण्डम तहसील के अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार की मीटिंग लेकर बागरी जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही समस्या के विषय में निराकरण किया जायेगा। संसदीय क्षेत्र में बागरी जाति बहुतायत में निवास करती है। यह जाति मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति की श्रेणी के क्र. 2 में अनुसूचित जाति के अंतर्गत अधिसूचित है। उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा बागरी जाति को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जबलपुर जिला प्रशासन द्वारा इनके आवेदनों को लगातार निरस्त किया जा रहा है। यदि इन्हें शासन द्वारा अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाना है तो इन्हें अनुसूचित जाति से पृथक किया जाए एवं इनके लिए आरक्षित निकायों और उसके वार्डों, पंचायतों अनारक्षित श्रेणी में रखा जाए, ताकि असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके। ऐसे निर्देश मध्यप्रदेश शासन को जारी किया जाए। इस आशय की मांग लगातार भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी के द्वारा उठाई जा रही हैं। भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने अपनी बात उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के समक्ष रखते हुए कहा कि, जबलपुर सहित मध्यप्रदेश में निवास करने वाली बागरी जाति म.प्र. के अनुसूचित जाति की श्रेणी के क्र. 2 में अनुसूचित जाति अंतर्गत अधिसूचित है। संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत राज्य में किसी भी जाति को अनुसूचित जाति के लिए अधिसूचित करने का अधिकार महामहिम राष्ट्रपति को है। इस अनुच्छेद अंतर्गत भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में बागरी जाति पूरे म.प्र. में अनुसूचित जाति के रूप में मान्य है। भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली के 8 अक्टूबर 2003 के जारी परिपत्र में मुख्य सचिव म.प्र. शासन को निर्देश दिए गए थे कि, म.प्र. राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति के निर्णय 12 मार्च 2003 व इस संदर्भ में जारी पत्र 14 जुलाई 2003 को तत्काल निरस्त करते हुए बागरी जाति को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करें। आयोग के इस निर्देश पर 25 नवंबर 2004 को म.प्र. शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा बागरी जाति को अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र देने का निर्देश जारी किया गया। इस स्पष्ट निर्देश के बावजूद जबलपुर जिले में प्रशासन द्वारा बागरी जाति द्वारा दिए गए आवेदनों पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है, जबकि जनगणना में बागरी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने आगे कहा कि, जनगणना में बागरी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल कर स्थानीय निकायों के चुनावों में इन्हें अनुसूचित जाति का मानकर उस संख्या के आधार पर अनुसूचित जाति का आरक्षण किया जाता है। इस आधार पर ही बागरी जाति के लोग अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित निकायों व पंचायती राज से संबंधित संस्थाओं से चुनाव लड़ते है और निर्वाचित होते है। ऐसी परिस्थिति के बावजूद इन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है जिससे भारी असमंजस की स्थिति निर्मित हो रही है। 

*गांव और क्षेत्र की समस्या के निराकरण में पहला नाम भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी का*

स्मरण रहे कि अपने कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई जाती हैं। क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर हमेेशा अव्वल रहने वाले भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने नेताओ के लिए कुछ पंक्तियां कहीं हैं मैत्री की राह बताने को सबको सुमार्ग पर लाने को दुर्योधन को समझाने को भीषण विध्वंस बचाने को भगवान् हस्तिनापुर आये पांडव का संदेशा लाये दो न्याय अगर तो आधा दो पर, इसमें भी यदि बाधा हो तो दे दो केवल पाँच ग्राम रक्खो अपनी धरती तमाम हम वहीं खुशी से खायेंगे परिजन पर असि न उठायेंगे दुर्योधन वह भी दे ना सका आशीष समाज की ले न सका उलटे, हरि को बाँधने चला जो था असाध्य, साधने चला जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। लिहाज़ा यहीं हाल क्षेत्र के नेताओ का हैं केवल वाहवाही लूटने के लिए आ जाते हैं क्षेत्र में कुछ काम नहीं करवाते हैं। जनता ने आपको किस माध्यम से चुना हैं इसका ख्याल तो रखना चाहिए ना कि चंद लोगों को पकड़कर राजनीति करना चाहिए। भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने सक्त लहजे में कहा कि इस तरह की राजनीति क्षेत्र के लोग पसंद नहीं करते अब इसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। 

*क्षेत्र में नेताओं की दलाली हैं हावी*

विदित हैं कि भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं वरन नेताओं की दलाली बहुत हावी हैं देखा जा रहा है कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को पूछा नहीं जा रहा हैं। ऐसा लग रहा है जैसे वरिष्ठ लोग केवल कार्यकर्ताओं को अपने उपयोग के लिए रखा है क्या? क्षेत्र की आम जनता मनरेगा योजना के भुगतान के लिए रो रही हैं लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं हैं। बस सब अपने में मस्त हैं। कोई भी कार्य हों तो क्षेत्र के बहुचर्चित नेता आगे आकर कोई भी कार्य का श्रेय ले लेते हैं लिहाज़ा करवाता कोई और हैं और नाम किसी और का हों जाता हैं इस तरह की राजनीति क्षेत्र में बढ़ते कदम पर हैं।

*देते हैं पंचायतों और क्षेत्र को काम मांगते हैं कमीशन*

जिस भी क्षेत्र या पंचायतों में देखा जाए तो पाया जाता हैं कि जो भी काम दिए जाते हैं उनसे कमीशन मांगा जाता हैं अब सोचा जा सकता हैं कि जब जनप्रतिनिधी के चचेरे साथी ही कमीशन का खेल, खेल रहे हैं तो कार्य कितने अच्छे होते होगे इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता हैं। भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने आगे कहा कि जो निर्माण कार्य में कमीशन की मांग करे तो इसकी शिक़ायत मुख्यमंत्री से करे या फ़िर तत्काल मुझे फोन करके सूचना तलब की जाए जिसकी शिक़ायत में उच्च - स्तर पर करूगा लेकिन जनता के हिस्से का पैसा नेताओ को खाने नहीं दूंगा।

*भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी मंत्रियों से की मुलाकात*

 भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी मिले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग राज्य मंत्री श्री नागर,राज्य मंत्री तुलसीराम सिलावट से मुलाकात की। लिहाज़ा भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी क्षेत्र के हित में कार्य करते रहते हैं उसी तर्ज में मंत्रियों से मिलकर क्षेत्र के विषय मे चर्चा की। मंत्रियों से मिलकर भाजपा नेता गोविंद सिंह बागरी ने कहां कि हमारे क्षेत्र में रोजगार के लिए कोई भी कम्पनी नहीं हैं ना ही कोई ऐसा व्यवसाय हैं कि जिसके चलते लोगो को रोजगार मिले तो इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आश्वासन दिया है कि समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जायेगा।

टिप्पणियाँ

popular post

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...