सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

समाज की सबसे लाचार बहनों के हिस्से में डाका डालता पुलिस का जब्तीनामा*स्पा सेंटर केस में महिला थाना पुलिस की लीपापोती चर्चित 13 आरोपी - जब्त 2300 रुपए और कुठला के स्पा सेंटर को संदिग्ध-छूट शरीफ के स्पा सेंटर में मिले दस काम-पिपासु मानव संचालक दमोह का- सेक्स वर्कर बाहरी - कमान्ध कटनी के

 समाज की सबसे लाचार बहनों के हिस्से में डाका डालता पुलिस का जब्तीनामा*स्पा सेंटर केस में महिला थाना पुलिस की लीपापोती चर्चित 13 आरोपी - जब्त 2300 रुपए और कुठला के स्पा सेंटर को संदिग्ध-छूट शरीफ के स्पा सेंटर में मिले दस काम-पिपासु मानव

संचालक दमोह का- सेक्स वर्कर बाहरी - कमान्ध कटनी के



ढीमरखेड़ा । स्थानीय सफेदपोश व्यक्तित्वों के संरक्षण में विभिन्न अवैध कारोबार का संचालन होता है, पिछली शाम को दो नाजायज धंधों पर सरकारी विभाग ने उस समय रेड मारी, जब चुनावी संहिता लागू होने से सफेदपोशों का रूतबा दो माह के लिए ठंडा पड़ जाता है। एक तो अवैध खनन पर सरकारी टीम ने कार्यवाही की दूसरी रात के समय हैप्पी स्पा सेंटर में महिला पुलिस पहुंच गई, जहां हैप्पी योग में डूबे चार स्थानीय कामुक योगी और छह मेहमान गणिकाएं मिलीं , संचालक शरीफ खान मौके पर नहीं थे। पुलिस ने सभी काम-साधकों को लाकर कुछ देर के लिए हवालाती-मेहमान बनाया, कार्रवाई की और जमानत पर छोड़ा गया। इस कार्यवाही से सावधान दीगर आधा दर्जन काम क्रीड़ा केंद्रों ने अस्थाई रूप से अपने मालिशखानों पर जिस्मानी सौदे का कारोबार स्थगित रखा है।महिला थाना ने छह महिलाओं, चार युवकों व हैप्पी स्पा सेंटर के शरीफ संचालक पर मुकदमा दर्ज किया है। आपत्तिजनक सामग्री जब्त होना बताया है, मगर उसका विवरण नहीं दिया है।

*नियमों के विपरीत स्पा सेंटर को अनुमति मिलती है*

स्पा सेंटर संचालक के लिए शासन ने नियम बना रखे हैं। जिनमें आगम (आना) और निर्गम (जाना) निकास का होना, केबिन में ताला नहीं होना, महिलाओं और पुरुषों का अलग अलग मालिशखाना होना चाहिए। महिला की मसाज महिला द्वारा पुरुष की मसाज पुरुष द्वारा होनी चाहिए। लेकिन हरिजन थाने के सामने स्थित स्पा सेंटर में भी स्त्री-पुरुष आपस में मालिश करते हुए पकड़े गए और कल हैप्पी स्पा में भी भिन्न-लिंग ग्रुप मालिश करते मिला। पन्ना मोड़ पर रेड रोज और न जाने कहां कहां स्पा सेंटर चल रहे हैं, जिनमें नियमों का पालन नहीं होता कारण एकमात्र है-सफेदपोश पर्सनैलिटीज का इनमें प्रत्यक्ष दखल होता है।

*उधर मुंह पर परदा, इधर पर्देदार तफ्तीश*

रति क्रिया के योगी-साधिकाओं को जब महिला पुलिस थाने लाया गया तो सभी क्रीड़ा प्रेमियों ने अपने अपने श्रीमुख पर आवरण ढांप  लिया। उधर पुलिस ने तफ्तीश (कार्यवाही) भी पर्देदारी के साथ शुरू की। शरीफ संचालक की भौतिक उपस्थिति नहीं पाए जाने पर तत्काल कायमी करने से सकुचाती रही। पुलिस का संकोच जायज भी था, समाजसेवी सफेदपोशों का गिरोह सभी तरह के गैरकानूनी कारोबार का छिपा हुआ मालिक होता है, वह परदे के पीछे रहकर कोशिश कर रहा था कि शरीफ और शरीफों पर कार्यवाही की आंच न पड़े। एक-एक हजार कि.मी. की दूरी से कटनी आकर मात्र दो सौ रूपए में अपनी आबरू बेचने के लिए हमारी बहन-बेटियां लाचार हो गई हैं, यह बात पागलों के मस्तिष्क को भी नहीे पच सकती, लेकिन कटनी की महिला थाना पुलिस और उनके नायक एसपी ने अपनी संदिग्ध लीपापोती में समझाने का असफल यत्न जरूर किया है। जब उन्होंने मुख्य शहर में स्थित हैपी स्पा सैलून सेंटर  में पांच कामुक जोड़ों के पास और कामुकता के कारोबारी के काउंटर से कुल 2900 रूपए  की हास्यास्पद नगदी की जब्ती शो की  है। उम्मीद नहीं थी कि-देश की लाचार बहन-बेटियों के पैसे भी पुलिस चबाने की हिम्मत रख सकती है। आरोपी कुल 13, सुविधायुक्त पांच कमरे, ऊंची दरों पर देह-व्यापार की फीस लेने वाला स्पॉ सेंटर के रिसेप्शन से कुल 2900 रूपए की जब्ती सब कुछ सफेद झूठ की रचना के रूप में चर्चित है। हैप्पी स्पॉ सेंटर के मैनेजर एवं रिसेप्शनिस्ट महिला और उनकी दराज से डेढ़ हजार रूपए  नगद एवं ग्राहकों की एन्ट्री वाला रजिस्टर जब्त बताया गया तो पांच पुरूष ग्राहक और पांच लाचार युवतियों से मात्र चौदह सौ रूपए बरामद होना अपने आप में एक ऐसा चुटकुला माना जा रहा है, जिसे लॉफ्टर शो में सुनाकर चैंपियन का खिताब जीता जा सकता है।

*अति निर्धन ग्राहक कैसे आएगा स्पॉ सेंटर*

महिला थाना प्रभारी सुश्री मधु पटैल के करिश्माई इश्तगासे में दो ऐसे अति निर्धन ग्राहक थे, जिनके पास से फूटी कौड़ी नहीं मिली अलबत्ता लाचार दो बहन-बेटियों से दो-दो सौ रूपए की जब्ती पुलिस ने बनाई। महिला थाना कटनी की कार्यवाही का जब्ती पत्रक  स्पष्ट है कि- लाचार नारियों की आबरू की कीमत को भी तार-तार कर रहा है।

*रजिस्टर यानि वसूली का कैश-बाण्ड ,जैसा मोना से मिला था*

महिला पुलिस के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए स्पॉ सेंटर में मिलने वाला ग्राहकों का रजिस्टर कुबेर के खजाने का काम करेगा। इसमें जिनके नाम हैं उन्हेंं वसूली का जरिया बनाया जाना तय है। चलिए याद कर  लेते  हैं-कुछ साल पहले माधवनगर पुलिस के हाथ सेक्स रेकेट चलाने वाली मोना देवी की डायरी लगी थी। इस डायरी में माधवनगर के शौकीन मिजाज  रईसों सहित पुलिस और कलेक्ट्रेट के कुछ  मझले-छोटे सरकारी  लोगोंं का विवरण मोबाइल नंबर दर्ज था। दो पत्रकारों के नाम भी एतिहासिक डायरी के पन्नों में दर्ज थे। मोना की डायरी में दर्ज ग्राहकों से पुलिस ने महीनों तक जनसंपर्क स्थापित किया। चर्चा थी कि दस लाख रुपयों की वसूली हुई थी। इस बार रजिस्टर भी वसूली-बांड के रूप में भुनाया जाएगा।

*पुलिस बल कम था या बचाना था रेड रोज को*

बताया जाता है कि महिला थाना प्रभारी मधु पटेल को हैप्पी स्पा सेंटर के साथ-साथ कुठला के रेड रोज स्पा सेंटर पर भी देह व्यापार की सूचना मिली थी। इसकी सूचना सीएसपी से लेकर एसपी तक देकर उनका अमूल्य मार्गदर्शन दिशा-निर्देशन महिला थाना प्रभारी ने प्राप्त किया, मगर छापा सिर्फ हैप्पी स्पा में मारा गया और रेड रोज को छूट प्रदान की गई। जबकि रेड रोज स्पा सेंटर पर कुठला पुलिस, सिटी पुलिस एक दो महिला पुलिस कर्मी को साथ लेकर रेड कर सकती थी। एसपी संभवत: उन्हें मार्गदर्शन देना भूल गए होंगे, इसलिए रेड रोज स्पा सेंटर को अकल्पनीय सहयोग और कार्यवाही से सुरक्षा की प्राप्ति हो गई, वह भी हर्र लगे न फिटकरी की तर्ज पर।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...