सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राष्ट्रीय परशुराम परिषद इकाई ढीमरखेड़ा के तहसील अध्यक्ष नियुक्त हुए पंडित राहुल पाण्डेय

 राष्ट्रीय परशुराम परिषद इकाई ढीमरखेड़ा के तहसील अध्यक्ष नियुक्त हुए पंडित राहुल पाण्डेय

ढीमरखेड़ा - राष्ट्रीय परशुराम परिषद इकाई ढीमरखेड़ा के तहसील अध्यक्ष राहुल पाण्डेय के नियुक्त होने पर ढीमरखेड़ा क्षेत्र में अत्यंत प्रसन्नता का विषय है साथ ही नए दायित्व के अनुसार ब्राह्मण समाज में राहुल पाण्डेय के तहसील अध्यक्ष नियुक्त होते ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। विप्र समाज सदा से देश व समाज के कल्याण के लिए ही अपनी क्षमता का उपयोग करता रहा है, बावजूद इसके राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं ने वर्ण- व्यवस्था की गलत व्याख्या कर समाज मे जातिगत भेदभाव पैदा करते हुए आरक्षण व्यवस्था को जो वोट बैंक का आधार बनाया है।इसमें सबसे अधिक उपेक्षा ब्राह्मणों की हुई है। मौजूदा दौर मे संवैधानिक व्यवस्था मे अलग-थलग पड़े समस्त ब्राह्मणों को एकजुट होकर अपने उत्थान के लिए स्वयं संघर्ष करने के साथ-साथ धर्म व संस्कृति के पतन की रक्षा के लिए समाज को दिशाहीन होने से बचाना भी ब्राह्मण का दायित्व होना चाहिए। सबकी जुबान पर एकता के स्वर होना  चाहिए।सामाजिक उत्थान मे सभी क्षेत्रों मे ब्राह्मण समाज का मजबूत दखल होना चाहिए। शिक्षा संस्कृति तथा आध्यात्मिक विषयों पर ब्राह्मण समाज की मजबूत पहल जरुरी है।समाज में एकता जरूरी है। सामाजिक व समग्र ब्राह्मण विकास बगैर एकजुटता संभव नहीं।

ब्राह्मण समाज को लेकर गलत टिप्पणी करने पर कांग्रेस नेता पर हुई थी एफ. आई. आर.

हमेशा अपनी एकजुटता का परिचय देने पर हर समस्या का समाधान और बड़ी से बड़ी समस्या का निदान हो जाता है। तहसील अध्यक्ष राहुल पाण्डेय के द्वारा बताया गया कि नगर कांग्रेस मझगवां के नेता, वर्तमान जनपद सदस्य राजा पटैल के द्वारा ब्राह्मण एवं क्षत्रिय वर्ग के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग सार्वजनिक रूप से बोर्ड पर लिखवाकर किया गया था जिसके विरोध में ब्राह्मण परिषद मझगवां ने ज्ञापन दिया था ,ग्राम सरौली एवं कूम्ही सतधारा के ब्राह्मण समाज ने भी उपस्थित होकर इसके विरोध में एक ज्ञापन थाना प्रभारी मझगवां को सौंपा था और उक्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की थी । ब्राह्मण समाज ने संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग की थी, कार्यवाही न होने पर जिला स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी गई थी तो शासन- प्रशासन ने आनन-फानन में जनपद सदस्य पर एफ. आई. आर. लिखी और कार्यवाही का आश्वासन दिया

हमेंशा राजनैतिक पार्टियों ने ब्राह्मण समाज को दिखाया नीचा

ब्राह्मणों को आज तक राजनैतिक पार्टियों के द्वारा केवल उपयोग किया गया है। मध्य प्रदेश के जिम्मेदार पद पर बैठे प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने जिस तरह से ब्राह्मण समाज के घर में बुलडोजर चलवा दिया इससे यह प्रतीत होता है कि केवल प्रदेश में जातिवाद राजनीति हो रही है जिसका ब्राह्मण समाज खुलकर विरोध करता है। जो गलती करता हैं उसको दण्ड मिलना ही चाहिए लेकिन किसी के घर में बुलडोजर चलवाना कहां का न्याय हैं।कांग्रेस और भाजपा ने केवल ब्राह्मणो के चेहरे के हिसाब से वोट बटोरे और फिर उनको सम्मान नहीं दिया। प्रदेश का ब्राह्मण अब जाग चुका है और वे अब आगे धोखा नहीं खाएंगे। इसी प्रकार कांग्रेस के छुटभैया नेता ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे, तो ब्राह्मण समाज ने भी छुटभैया नेताओ को किए गए अपराध के लिए कानूनी हिसाब से शासन- प्रशासन की मदद से दंड देने में पीछे नहीं हट रही

समाज के युवा जोश के साथ होश से लें काम

राहुल पांडेय के द्वारा कहां गया कि ब्राह्मण समाज के युवाओं को जोश के साथ होश से भी काम लेना होगा।ब्राह्मणों को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान होना चाहिए। वे इसका समय के अनुसार उपयोग भी करें। ब्राह्मणों को मंदिर में बैठकर घंटी बजाने से अधिकार नहीं मिलेंगे। उनको राजनीति, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में आगे आना होगा। वे यजमान के भले की बजाय खुद के लिए भगवान से प्रार्थना करें। वे आज नहीं जागेंगे तो उन्हें अधिकार नहीं मिलेगा। ब्राह्मण समाज के युवा समय आने पर अपनी शक्ति का प्रयोग करें। हमारे पास परिश्रम ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण हथियार है जिसके माध्यम से समाज में अपनी यशकीर्ति फैलाई जा सकती है। परिश्रम का कोई तोड़ नहीं है। लग्न और मेहनत से बड़े से बड़े मुकाम को हासिल किया जा सकता है। जीवन में जो संसाधनों को लेकर केवल शिकायतें करता है वह जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता बल्कि कम संसाधनों के प्रयोग से जीवन को शिखर पर ले जाया जा सकता है।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...