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सरपंच की मनमानी के आगे नतमस्तक प्रशासन, शिकायत को सप्ताह बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही

 सरपंच की मनमानी के आगे नतमस्तक प्रशासन, शिकायत को सप्ताह बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही


सिहोरा। अमृत सरोवर के निर्माण की आड़ में ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा तालाब निर्माण का सहारा लेकर मुरूम खोदकर धड़ल्ले से बेचने का मामला प्रकाश में आया है जहां सरकार एक तरफ ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत सरोवरों का निर्माण करके जल के स्त्रोतों में बढ़ोत्तरी करने अथक प्रयास कर रही है तो वहीं ग्राम के सरपंच पति महोदय द्वारा उस अथक प्रयास को अवसर माल लिया और नियमों को दरकिनार करके सरोवर का निर्माण करते हुए सैकड़ों हाईवा मुरूम बेच दिए जाने की लिखित शिकायत अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा, जिला पंचायत सीईओ, कलेक्टर जबलपुर, एवं खनिज विभाग जबलपुर कमिश्नर को की है और शिकायत लगभग एक सप्ताह पूर्व की गई थी परंतु जिम्मेदार अधिकारियों की आंख में कौन से पट्टी चढ़ी है समझ के परे है,कि देखकर भी मौन धारण किए बैठे है और सरपंच पति द्वारा लगातार मशीनों से खुदाई कराकर मुरूम बेची जा रही है। 

क्या है पूरा मामला  

तहसील मझौली खुड़ाबल नवीन के खसरा नंबर 109 में मनोज मिश्रा द्वारा बताया गया कि खसरा नं 109 में रकबा 3.20 हेक्टेयर पर मेसर्स एमएस मिनरल्स के नाम से खदान संचालित है उसी खसरा नंबर पर मेरी खदान से सटाकर ग्राम पंचायत खुड़ाबल तपा के सचिव एवं सरपंच द्वारा अमृत सरोवर तालाब का निर्माण किया जा रहा है जिसकी ग्राम पंचायत द्वारा ना तो राजस्व विभाग से एनओसी ली गई और ना ही माइनिंग विभाग से अनुमति ली गई। और लगभग 6 माह से सरपंच और सचिव द्वारा पोखलैंड मशीन लगाकर मुरूम की खुदाई की जा रही है और लगभग 6 हाईवा लगाकर मुरूम को बाजार में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है और जिला सीईओ मैडम से इसकी फोन के माध्यम से जानकारी दी गई तो उन्होने कार्य पर जांच कराकर रोक लगाने की बात कही थी परंतु आज तक कार्यवाही के नाम पर आश्वासन ही दिया जा रहा है। 


खदान से किनारे खोद दिया गया तालाब

शिकायत में बताया गया है कि स्वीकृत खदान के किनारे सटाकर सरपंच द्वारा सरोवर का निर्माण कार्य करा दिया गया जो नियम विरूद्ध है। जिसकी जांच कराकर कार्यवाही कराने की मांग कि है। 


कहां गई सैकडों हाईवा मुरूम पता नहीं 


प्राप्त जानकारी के अनुसार अमृत सरोवर बनाने के लिए लगभग 6 माह से खुदाई का कार्य किया जा रहा है और उससे सैकडों हाईवा मुरूम निकाली गई होगी परंतु इसका कुछ अता पता नहीं है जिससे साफ नजर आ रहा है कि मुरूम को बाजारों में धड़ल्ले से बेच दिया गया है जिससे सरकार के लाखोें रूपये के राजस्व का खुलेआम चूना लगा दिया गया। और कोई देखने सुनने वाला धनीधोरी नहीं है।


जांच कराकर कि जाए कार्यवाही

शिकायत के माध्यम से सभी आला अधिकारियों से मांग कि गई है कि इस पूरे मामले की निस्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही करते हुए दोषियों पर कठोर कार्यवाही करते हुए राजस्व की बसूली की जांए एवं तत्काल कार्य पर रोक लगाइ जाए।

इनका कहना है।

मामला मेरे संज्ञान में आया है, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जो वैधानिक कार्यवाही होगी वह की जाएगी।

जयती सिंह
जिला पंचायत सीईओ, जबलपुर,

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