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जनता को हर चीज़ मुफ़्त देना दया नहीं होता, अक्सर वह आदत बन जाती है, जब मेहनत का मूल्य घटता है तो जिम्मेदारी भी धीरे-धीरे मरने लगती है, मनोविज्ञान कहता है कि जो चीज़ बिना प्रयास मिलती है, उसकी कदर नहीं होती, शिक्षा, न्याय और इलाज सहारा हैं, लेकिन मुफ़्तखोरी कमज़ोरी सिखा देती है

 जनता को हर चीज़ मुफ़्त देना दया नहीं होता, अक्सर वह आदत बन जाती है, जब मेहनत का मूल्य घटता है तो जिम्मेदारी भी धीरे-धीरे मरने लगती है, मनोविज्ञान कहता है कि जो चीज़ बिना प्रयास मिलती है, उसकी कदर नहीं होती, शिक्षा, न्याय और इलाज सहारा हैं, लेकिन मुफ़्तखोरी कमज़ोरी सिखा देती है संपादक राहुल पाण्डेय  |  जनता को हर चीज़ मुफ़्त देना पहली नज़र में करुणा और जनहित का प्रतीक लगता है, लेकिन गहराई से देखें तो यह नीति कई बार समाज को मज़बूत करने के बजाय उसे कमज़ोर बना देती है। दया और सशक्तिकरण में बारीक लेकिन बेहद अहम अंतर है। दया वह है जो कठिन समय में सहारा दे, जबकि सशक्तिकरण वह है जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाए। दुर्भाग्यवश, आज की राजनीति और नीतियों में यह रेखा अक्सर धुंधली होती जा रही है। मनोविज्ञान स्पष्ट रूप से कहता है कि जो चीज़ बिना प्रयास के मिलती है, उसकी कदर नहीं होती। जब मेहनत का मूल्य घटता है, तो ज़िम्मेदारी भी धीरे-धीरे मरने लगती है। व्यक्ति यह मानने लगता है कि राज्य या व्यवस्था हर आवश्यकता अपने आप पूरी कर देगी। इस सोच का सीधा असर कामकाज की नैतिकता, सामाजिक...

ब्राह्मण समाज का दिग्गज ‘बब्बर शेर’ रोशन दीक्षित, आस्था, साहस और सामाजिक चेतना का प्रतीक

 ब्राह्मण समाज का दिग्गज ‘बब्बर शेर’ रोशन दीक्षित, आस्था, साहस और सामाजिक चेतना का प्रतीक कटनी  |  ब्राह्मण समाज में यदि आज किसी एक नाम की चर्चा सबसे अधिक आत्मविश्वास, निर्भीकता और सामाजिक हस्तक्षेप के साथ हो रही है, तो वह नाम है रोशन दीक्षित। उन्हें यूँ ही लोग “बब्बर शेर” नहीं कहते। यह उपाधि उन्हें न तो किसी पद से मिली है और न ही किसी प्रचार से, बल्कि उनके कर्म, स्पष्ट सोच और निडर आचरण ने उन्हें यह पहचान दिलाई है। रोशन दीक्षित का व्यक्तित्व उस शेर के समान है, जो शांत रहता है, लेकिन जब अन्याय, अधर्म या समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ सिर उठाती हैं, तो पूरे साहस के साथ उनका सामना करता है। रोशन दीक्षित का भगवान के प्रति गहरा लगाव उनकी सोच और कार्यशैली की नींव है। वे धर्म को केवल पूजा-पाठ या दिखावे तक सीमित नहीं मानते, बल्कि धर्म को कर्तव्य, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मानते हैं। उनके लिए भगवान का अर्थ है अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति, कमजोर की आवाज़ बनने का संकल्प और सत्य के पक्ष में हर कीमत चुकाने की तैयारी। यही कारण है कि उनके निर्णयों में स्पष्टता है और ...

आपसी रंजिश की भेंट चढ़ते रोजगार सहायक

 आपसी रंजिश की भेंट चढ़ते रोजगार सहायक संपादक राहुल पाण्डेय  |  ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाले रोजगार सहायक आज प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक स्वार्थों के बीच पिसते नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि यदि किसी रोजगार सहायक के परिवार का कोई सदस्य सरपंच के खिलाफ चुनाव लड़ ले, या पंचायत की राजनीति में अलग विचारधारा रखता हो, तो उसका सीधा खामियाजा रोजगार सहायक को भुगतना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार कई पंचायतों में बिना पंचों की अनुमति और बिना किसी ठोस कारण के सरपंच रोजगार सहायकों का स्थानांतरण दूसरी पंचायतों में करवाने का प्रयास कर रहे हैं।इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है भ्रष्टाचार पर लगाम। जहां रोजगार सहायक नियमों के तहत काम करते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं, वहीं कुछ सरपंच इसे अपने “अधिकारों में दखल” मानते हैं। आरोप यह भी है कि कुछ सरपंच रोजगार सहायकों को अपना “नौकर” समझकर उनसे मनमाना काम कराना चाहते हैं। जब रोजगार सहायक नियम, पारदर्शिता और जवाबदेही की बात करते हैं, तो आपसी रंजिश को आधार बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। स्थानांतरण को दंड के रूप में इस्तेमा...

रोजगार सहायक संघ ने ब्रजेश पाठक के समर्थन में लिखा पत्र, आरोपों को बताया निराधार

 रोजगार सहायक संघ ने ब्रजेश पाठक के समर्थन में लिखा पत्र, आरोपों को बताया निराधार कटनी  |  ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक लेखा अधिकारी ब्रजेश पाठक को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रोजगार सहायक संघ खुलकर उनके समर्थन में सामने आया है।रोजगार सहायक संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश त्रिपाठी एवं ढीमरखेड़ा ब्लॉक के रोजगार सहायक संघ अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर ब्रजेश पाठक के पक्ष में अपना स्पष्ट रुख रखा है। संघ पदाधिकारियों द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि सहायक लेखा अधिकारी ब्रजेश पाठक एक स्पष्ट एवं बेदाग छवि के अधिकारी हैं। उनके विरुद्ध जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से आपसी रंजिश और व्यक्तिगत द्वेष के चलते लगाए जा रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल विपरीत है। रोजगार सहायक संघ के अनुसार ब्रजेश पाठक का व्यवहार हमेशा शांत, संयमित और मिलनसार रहा है।वे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक कर्मचारी और जनप्रतिनिधि की बात को ध्यानपूर्वक सुनते हैं और नियमो...

शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

 शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कटनी ।  म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के पालन में एवं अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव के माध्यम से विधिक जागरूकता एवं वन्य प्राणी संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा ।  शिविर का आयोजन ढीमरखेड़ा की न्यायाधीश पूर्वी तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें क्षेत्र के स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को वन्य प्राणियों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि वन्य जीवों का संरक्षण केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। विधिक साक्षरता शिविर को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बना...

छुटभैया नेता दयाराम यादव ने सभी यादव एक हो जाओ और उस ब्राह्मण को उसकी औकात बता दो पर ढीमरखेड़ा के ब्राह्मण समाज में आक्रोश बहुत जल्द एफ. आई. आर और आंदोलन की तैयारी

 छुटभैया नेता दयाराम यादव ने सभी यादव एक हो जाओ और उस ब्राह्मण को उसकी औकात बता दो पर ढीमरखेड़ा के ब्राह्मण समाज में आक्रोश बहुत जल्द एफ. आई. आर और आंदोलन की तैयारी कटनी  |  ढीमरखेड़ा क्षेत्र में एक कथित जातिगत टिप्पणी को लेकर माहौल गरमा गया है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय बताए जा रहे छुटभैया नेता दयाराम यादव द्वारा सार्वजनिक रूप से “सभी यादव एक हो जाओ और उस ब्राह्मण को उसकी औकात बता दो” जैसे शब्दों का प्रयोग किए जाने का आरोप सामने आया है। इस बयान के बाद ढीमरखेड़ा के ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि इस प्रकार के बयान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले हैं और जातियों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास हैं।समाज के प्रतिनिधियों ने इसे आपत्तिजनक, भड़काऊ और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, ब्राह्मण समाज जल्द ही संबंधित बयान के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।इसके साथ ही शांतिपूर्ण आंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से प्रशास...

यात्री सुविधाओं की दिशा में सराहनीय पहल, क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह की आमजन में हो रही प्रशंसा

 यात्री सुविधाओं की दिशा में सराहनीय पहल, क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह की आमजन में हो रही प्रशंसा कटनी  |  क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा क्षेत्र में जगह-जगह यात्री प्रतीक्षालय लगवाए जाने की पहल को आम जनता से भरपूर सराहना मिल रही है । इस जनहितकारी कार्य से यात्रियों को अब धूप, बारिश और पानी की समस्या से राहत मिल रही है। प्रतीक्षालयों के साथ-साथ सौर ऊर्जा आधारित लाइटें भी लगाई जा रही हैं, जिससे रात के समय यात्रियों को सुरक्षित और रोशन वातावरण उपलब्ध हो रहा है। यह सुविधाएँ विशेष रूप से हर तिराहे और बस स्टॉप पर स्थापित की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को प्रतीक्षा के दौरान आवश्यक आराम मिल सके। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पहल छोटे कस्बों और गांवों में आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस जनकल्याणकारी कार्य की जानकारी योगेंद्र सिंह ‘दादा ठाकुर’ ने दैनिक ताज़ा खबर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय का ध्यान आकर्षित कराते हुए साझा की। उन्होंने बताया कि विधायक द्वारा किए जा रहे ये कार्य न केवल सुविधा बढ़ा रहे हैं, बल्कि स्वच्छ ...