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मार्च, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जिला पंचायत की तत्काल शाखा में पारदर्शिता पर सवाल: प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह पर कार्यवाही की मांग तेज

 जिला पंचायत की तत्काल शाखा में पारदर्शिता पर सवाल: प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह पर कार्यवाही की मांग तेज कटनी  |  कटनी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था इन दिनों एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिला पंचायत की तत्काल शाखा से जुड़े कार्यों को लेकर विभिन्न स्तरों पर असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा तेज है कि तत्काल शाखा के प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह के कार्यकाल में प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर शंकाएं पैदा हुई हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्यवाही की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जिला पंचायत किसी भी जिले के ग्रामीण विकास का प्रमुख स्तंभ मानी जाती है। सड़क, जल संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय इसी स्तर पर लिए जाते हैं। ऐसे में यदि किसी शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव ग्रामीण अंचलों के विकास पर पड़ता है। तत्काल शाखा का दायित्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह शाखा त्वरित प्रशासनिक निर्णयों और आवश्यक कार्यों के क्रिया...

ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन

 ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन  कटनी  |  कटनी जिले की रीठी तहसील एक बार फिर प्रशासनिक फैसले को लेकर चर्चा और विवाद के केंद्र में आ गई है। लंबे समय तक यहां पदस्थ रहीं तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को पूर्व में ग्रामीणों की शिकायतों के बाद हटाया गया था, लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा उन्हें पुनः रीठी का प्रभारी तहसीलदार बनाए जाने के आदेश ने क्षेत्र में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। शनिवार को आशीष तिवारी, कलेक्टर, कटनी द्वारा जारी आदेश में प्रशासकीय एवं कार्यालयीन कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में ढीमरखेड़ा की प्रभारी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को रीठी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश के सार्वजनिक होते ही क्षेत्र में चर्चाओं और विरोध का दौर शुरू हो गया। *पहले शिकायतें, फिर तबादला, अब दोबारा जिम्मेदारी* ग्रामीणों का कहना है ...

पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सीईओ श्री कोरी ने ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण

 पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सीईओ श्री कोरी ने ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण कटनी  |  ग्रीष्म काल में नागरिकों को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री युजवेंद्र कोरी ने ग्राम पंचायत हरदी, घुघरी और महनेर ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण कर जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने नागरिकों की समस्याओं का तत्परता पूर्वक निराकरण कराए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। गत दिवस जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सीईओ श्री कोरी ने सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था और सुचारू संचालन हेतु डोर टू डोर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना। श्री कोरी ने समस्याओं के निराकरण हेतु तत्परता पूर्वक संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। गौरतलब है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत सं...

43 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद सहायक अध्यापक जीवन लाल बागरी सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में उमड़ा सम्मान और स्नेह

 43 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद सहायक अध्यापक जीवन लाल बागरी सेवानिवृत्त, विदाई समारोह में उमड़ा सम्मान और स्नेह कटनी  |  कटनी जिले के सिलौंडी स्थित शासकीय कन्या हाई स्कूल में उस समय भावुक और गरिमामय माहौल देखने को मिला, जब विद्यालय के वरिष्ठ सहायक अध्यापक जीवन लाल बागरी ने शिक्षा विभाग में 43 वर्षों की लंबी, समर्पित और प्रेरणादायी सेवा पूर्ण कर औपचारिक रूप से सेवानिवृत्ति ग्रहण की। विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विदाई समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्रीय नागरिकों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। सभी ने एक स्वर में उनके कार्यकाल को अनुकरणीय बताते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। जीवन लाल बागरी ने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत ऐसे समय में की थी, जब ग्रामीण अंचलों में संसाधनों की कमी के बावजूद शिक्षा के प्रति समर्पण ही सबसे बड़ा आधार था। उन्होंने न केवल शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन किया, बल्कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास, नैतिक शिक्षा और सामाजिक चेतना के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय की कई पीढ़ियों ने उनके मार्गद...