सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शराब ठेकेदार मंचू असाटी ने दबंगता के साथ पैकारी का विरोध करने वाले ग्रामीणों पर कार चढ़ाई , रौंदा घायल नागरिकों ने आंदोलन तेज किया कहा - सभी गुर्गों सहित सरगना पर संगीन धाराओं में केस दर्ज करो पुलिस- प्रशासन के पसीने छूटे , कारण बेईमान अफसरों के पैसे से चलते हैं शराब ठेके तो मंचू उनका अज़ीज़ है

 शराब ठेकेदार मंचू असाटी ने दबंगता के साथ पैकारी का विरोध करने वाले ग्रामीणों पर कार चढ़ाई , रौंदा घायल नागरिकों ने आंदोलन तेज किया कहा - सभी गुर्गों सहित सरगना पर संगीन धाराओं में केस दर्ज करो पुलिस- प्रशासन के पसीने छूटे , कारण  बेईमान  अफसरों के पैसे से चलते हैं शराब ठेके तो मंचू उनका अज़ीज़ है 




कटनी ।  स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम संसारपुर में  अवैध पैकारियों का विरोध करने वाले ग्रामीणों के ऊपर शराब ठेकेदार मंचू असाटी ने अपनी कार चढ़ाकर उन्हें घायल कर दिया और चला भी गया l  घटना मंगलवार देर रात को हुई और दो दिन बाद तक पुलिस और प्रशासन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है कि  ठेकेदार  मंचू की दबंगई के खिलाफ चूँ भी कर सके l कारण यही चर्चित है कि कटनी सहित एमपी के अधिकांश जिलों में महाभृष्ट पुलिस और आबकारी अधिकारियों की हराम की पूंजी शराब के ठेकों में लगती है और गुंडे मवाली टाइप के लोग ठेके चलाते हैं, मारपीट उपद्रव का तांडव मचाते हैं पुलिस की हिम्मत नहीं होती कि उनकी गुंडई को रोक सके । कुछ दिन पहले कटनी में शराब ठेकेदार एंड गैंग ने मिशन चौक पर कार सवारों को अधमरा कर दिया था और कोतवाली थाने में जाकर भी उनकी मां बहन करके चले गए थे l उस समय अभिजीत रंजन  एसपी थे तो जनता समझती है कि गुंडई को जायज कार्य जैसा ट्रीट किया जाता था अब स्लीमनाबाद में मंचू असाटी का दबदबा आम जनता के साथ  पुलिस  विभाग के सर पर चढ़कर नृत्य कर रहा है l  बताया जाता है कि गाँव में लंबे समय से चल रही शराब की पैकारी का ग्रामीण विरोध कर रहे थे। इसी बीच ठेकेदार मंचू असाटी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुँचा और हंगामा करने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान ठेकेदार ने कार चढ़ाकर कई ग्रामीणों को घायल कर दिया। अचानक मची भगदड़ में लोग जान बचाकर इधर-उधर भागे। घटना के समय जिस कार का उपयोग किया गया उसमें देसी शराब की पेटियाँ भी भरी हुई थीं, जिन्हें ग्रामीणों के अनुसार पैकारी के जरिए आसपास के गाँवों में बेचा जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि शराब की अवैध बिक्री को लेकर वे कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम पैकारी का धंधा फल-फूल रहा है और ठेकेदार की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। सूचना मिलते ही स्लीमनाबाद पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच का हवाला दे रही है। इधर, ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक शराब ठेकेदार मंचू असाटी और उसके गुर्गों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी ठेकेदार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और गाँव-गाँव फैली पैकारी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

रोजगार सहायक संघ ने ब्रजेश पाठक के समर्थन में लिखा पत्र, आरोपों को बताया निराधार

 रोजगार सहायक संघ ने ब्रजेश पाठक के समर्थन में लिखा पत्र, आरोपों को बताया निराधार कटनी  |  ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक लेखा अधिकारी ब्रजेश पाठक को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रोजगार सहायक संघ खुलकर उनके समर्थन में सामने आया है।रोजगार सहायक संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश त्रिपाठी एवं ढीमरखेड़ा ब्लॉक के रोजगार सहायक संघ अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर ब्रजेश पाठक के पक्ष में अपना स्पष्ट रुख रखा है। संघ पदाधिकारियों द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि सहायक लेखा अधिकारी ब्रजेश पाठक एक स्पष्ट एवं बेदाग छवि के अधिकारी हैं। उनके विरुद्ध जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से आपसी रंजिश और व्यक्तिगत द्वेष के चलते लगाए जा रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल विपरीत है। रोजगार सहायक संघ के अनुसार ब्रजेश पाठक का व्यवहार हमेशा शांत, संयमित और मिलनसार रहा है।वे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक कर्मचारी और जनप्रतिनिधि की बात को ध्यानपूर्वक सुनते हैं और नियमो...