सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आगे बढ़ना हैं तो बहरे बन जाओ लोग वहीं बोलेंगे जनाब जिससे आपका मनोबल कम होगा

 आगे बढ़ना हैं तो बहरे बन जाओ लोग वहीं बोलेंगे जनाब जिससे आपका मनोबल कम होगा 



ढीमरखेड़ा |  जब भी कोई व्यक्ति आगे बढ़ने का प्रयास करता है, तो उसे चारों ओर से आलोचनाओं, तानों और नकारात्मक टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। यह समाज की स्वाभाविक प्रवृत्ति है कि लोग दूसरों को उनकी सीमाओं में बांधकर रखना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि कोई उनके स्तर से ऊपर उठे, और अगर कोई आगे बढ़ने की कोशिश करता है, तो वे उसे हतोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ते, इसीलिए कहा जाता है, "अगर तुम्हें आगे बढ़ना है तो बहरे बन जाओ, क्योंकि लोग वही बोलेंगे जिससे तुम्हारा मनोबल टूटेगा।" लिहाज़ा  जब आप जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं, तो आपको आलोचनाओं और नकारात्मकता से बचने के लिए अपने कान बंद करने पड़ते हैं। उल्लेखनीय हैं कि लोगों का दूसरों की सफलता से असहज महसूस करना कोई नई बात नहीं है। जब कोई व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता है, तो कई लोगों को यह बर्दाश्त नहीं होता। उन्हें लगता है कि अगर कोई आगे बढ़ेगा तो वे पीछे रह जाएंगे। इस जलन की भावना से वे दूसरों को नीचा दिखाने या रोकने की कोशिश करते हैं। बहुत से लोग अपने जीवन में असफलताओं का सामना कर चुके होते हैं। जब वे किसी और को मेहनत करता देखते हैं, तो उन्हें अपनी असफलताएँ याद आ जाती हैं। वे यह मान लेते हैं कि अगर वे सफल नहीं हो सके, तो कोई और भी नहीं हो सकता। समाज में कई प्रकार की धारणाएँ बनी हुई हैं। अगर कोई गरीब परिवार से आता है और बड़ा आदमी बनने की कोशिश करता है, तो लोग कहते हैं – "यह तुम्हारे बस की बात नहीं है।" अगर कोई लड़की कुछ अलग करना चाहती है, तो लोग उसे रोकने के लिए तमाम तरह की बातें बनाएंगे। लोग बदलाव से डरते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी पुरानी आदतें छोड़कर नया कुछ करने की कोशिश करता है, तो उसे रोकने के लिए कई लोग सामने आ जाते हैं। वे उसे यह एहसास दिलाना चाहते हैं कि "तुम जैसा चल रहा है, वैसे ही चलो, ज्यादा उड़ने की कोशिश मत करो।"

 *सफलता के रास्ते में आने वाली बाधाएँ*

हर व्यक्ति जो आगे बढ़ना चाहता है, उसे कई प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। बहुत बार परिवार के लोग ही कहते हैं – "तुमसे यह नहीं होगा।" खासकर अगर आप कोई ऐसा काम करना चाहते हैं जो परंपरागत रूप से स्वीकार्य न हो, तो परिवार ही आपको हतोत्साहित कर सकता है। कई लोगों के पास संसाधनों की कमी होती है। लोग कहते हैं – "बड़े सपने देखने के लिए पैसा चाहिए, तुम्हारे पास तो कुछ भी नहीं है।" लेकिन इतिहास गवाह है कि कई महान लोग गरीबी से निकलकर दुनिया में नाम कमा चुके हैं। जब कोई व्यक्ति किसी नए क्षेत्र में कदम रखता है, तो सबसे बड़ा डर होता है – असफलता का। लोग भी इसी डर को भुनाने की कोशिश करते हैं – "अगर तुम फेल हो गए तो क्या करोगे?" लेकिन असफलता भी सीखने का एक महत्वपूर्ण चरण है। जब आप कुछ अलग करने का प्रयास करते हैं, तो समाज आपको नकारात्मक बातें कहकर रोकने की कोशिश करेगा। वे कहेंगे – "यह तुम्हारे बस की बात नहीं है।" लेकिन अगर आप इन बातों पर ध्यान नहीं देंगे, तो ही आप आगे बढ़ पाएंगे।

*अच्छे लोगों की सत्संगति में रहे*

अगर आप हर आलोचना पर ध्यान देंगे, तो आपका मनोबल गिर जाएगा। इसलिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप नकारात्मक टिप्पणियों को अनसुना करना सीखें। आपके आसपास कैसे लोग हैं, यह बहुत मायने रखता है। अगर आपके दोस्त और परिवार के सदस्य आपको लगातार हतोत्साहित करते हैं, तो आपको ऐसे लोगों की संगति में रहना चाहिए जो आपको प्रेरित करें। अगर आपको खुद पर भरोसा है, तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता।आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति नकारात्मकता को नजरअंदाज कर सकता है। मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति किसी भी प्रकार की आलोचना से प्रभावित नहीं होता। आप ध्यान (मेडिटेशन), योग और सकारात्मक सोच से खुद को मानसिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।

 *महान लोगों की कहानियाँ जो आलोचनाओं के बावजूद सफल हुए*

डॉ. कलाम को उनके शुरुआती दिनों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं को अनसुना किया और भारत के मिसाइल मैन बन गए। जब अमिताभ बच्चन ने फिल्मों में कदम रखा, तो कई लोगों ने उनकी लंबी हाइट और भारी आवाज़ का मजाक उड़ाया। लेकिन उन्होंने इन आलोचनाओं पर ध्यान नहीं दिया और बॉलीवुड के महानायक बन गए। धीरूभाई अंबानी एक साधारण परिवार से थे। लोग कहते थे कि एक तेल बेचने वाला कभी बड़ा आदमी नहीं बन सकता, लेकिन उन्होंने रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी खड़ी कर दी। कल्पना चावला ने जब अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना देखा, तो कई लोगों ने कहा – "एक भारतीय लड़की के लिए यह संभव नहीं है।" लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से दुनिया को दिखा दिया कि कुछ भी असंभव नहीं है।

 *बहरे बनो और आगे बढ़ो*

अगर आपको जीवन में आगे बढ़ना है, तो आपको दूसरों की नकारात्मक टिप्पणियों को नजरअंदाज करना सीखना होगा। लोग वही बोलेंगे जिससे आपका मनोबल टूटे, लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप उनकी बातों को कितना महत्व देते हैं। अगर आप हर आलोचना पर ध्यान देंगे, तो आप कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। महान लोग भी आलोचनाओं से गुजरे हैं, लेकिन उन्होंने इन बातों की परवाह नहीं की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। सफलता का असली मंत्र यही है "आगे बढ़ना है तो बहरे बन जाओ!" "हर कामयाब व्यक्ति के पीछे एक कहानी होती है, और हर कहानी के पीछे संघर्ष। अगर आप इस संघर्ष से डर गए, तो आपकी कहानी कभी नहीं बन पाएगी!"

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

popular post

कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

 कल तक जो बच्चों को सपने सजाना सिखाती थीं, आज खुद खामोश होकर सबको रुला गईं उनकी मुस्कान, उनकी बातें रहेंगी सदा याद, ऐसे ही नहीं मिलता जीवन में उनका साथ अचानक हृदयगति रुकने से शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी | कटनी जिले के ढीमरखेड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम सिमरिया की निवासी शिक्षिका विजय लक्ष्मी ज्योतिषी का बीती रात्रि अचानक हृदयगति रुक जाने से दुखद निधन हो गया।उनके असामयिक निधन की खबर से पूरे क्षेत्र सहित शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। विजय लक्ष्मी ज्योतिषी, देवेंद्र ज्योतिषी (गुड्डू मालगुजार) की धर्मपत्नी थीं। वे अपने सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार उनके निज ग्राम सिमरिया में संपन्न किया जाएगा। ढीमरखेड़ा एवं कटनी के शिक्षक समुदाय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शा...

सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित

 सगौना डैम में दर्दनाक हादसा, 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत, एक की हालत गंभीर थी अब सुरक्षित ढीमरखेड़ा ।  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सगौना डैम में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मछली पकड़ने गए एक 15 वर्षीय बालक की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित बैगा पिता कैलाश बैगा उम्र लगभग 15 वर्ष, निवासी ग्राम कोठी, थाना ढीमरखेड़ा, दिनांक 30 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1 बजे अपने साथियों अजीत बैगा एवं अन्य गांव के लड़कों के साथ सगौना डैम के पुल पर मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान पुल के भीतर तेज बहाव वाले पानी में वह फंसकर डूब गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद अजय बैगा और सुन्नू बैगा ने प्रयास कर मोहित को पानी से बाहर निकाला।परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उस समय मोहित के कपड़े पूरी तरह भीगे हुए थे और वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। घायल अवस्था में तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से उसे शासकीय अस्पताल उमरियापान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषि...

देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर

 देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे बनीं प्रदेश प्रवक्ता, क्षेत्र में हर्ष की लहर कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे को मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता के पद पर मनोनीत किया है, जिससे जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। जारी मनोनयन पत्र के अनुसार परिषद को विश्वास है कि श्रीमती दुबे अपने कार्यक्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। वे ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए संगठन को नई दिशा देंगी तथा समय-समय पर अपने सुझावों से संगठन को सशक्त बनाएंगी।यह मनोनयन 12 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जिस पर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह सेंगर के हस्ताक्षर हैं। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने श्रीमती दुबे को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, गौरतलब है कि रिया राहुल दुबे लंबे समय से पंचायत स्तर पर सक्रिय रहकर जनहित के कार्यों में निरंतर योगदान देती रही हैं। उनके अन...