सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अशिक्षित लोग बुराई करते हैं शिक्षित लोग मार्गदर्शन करते हैं, अगर हमारी अनुपस्थिति में उपस्थिति नज़र आती हैं मतलब हम तुमसे कई कदम आगे हैं

 अशिक्षित लोग बुराई करते हैं शिक्षित लोग मार्गदर्शन करते हैं, अगर हमारी अनुपस्थिति में उपस्थिति नज़र आती हैं मतलब हम तुमसे कई कदम आगे हैं 



ढीमरखेड़ा |  मनुष्य के जीवन में कई ऐसे पहलू होते हैं, जो उसकी सोच, व्यवहार और आत्मिक विकास को प्रभावित करते हैं। जब हम खुदा और फकीर की बात करते हैं, तो यह दो अलग-अलग दृष्टिकोण दर्शाते हैं। खुदा सृजनहार है, जो संपूर्ण ब्रह्मांड का रचयिता है, जबकि फकीर वह व्यक्ति है जो सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर केवल खुदा की भक्ति में लीन रहता है। इसी प्रकार, किस्मत और लकीर में भी अंतर होता है। किस्मत वह है जो हमारे भाग्य में पहले से लिखी गई होती है, लेकिन लकीरें यह संकेत देती हैं कि हम अपने कर्मों से अपनी तकदीर बदल सकते हैं।

*अगर कुछ चाहो और वो न मिले, तो समझ लेना कि कुछ और अच्छा लिखा है तकदीर में*

कई बार जीवन में ऐसा होता है कि हम किसी चीज की अत्यधिक इच्छा करते हैं, लेकिन वह हमें प्राप्त नहीं होती। ऐसे समय में निराश होने के बजाय यह समझना आवश्यक है कि शायद उस वस्तु या परिस्थिति से बेहतर कुछ हमारे लिए तय किया गया है। जीवन हमें अनुभवों के माध्यम से सिखाता है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें और हर परिस्थिति में आशा को जीवित रखें।

*विनम्रता का मूल्य*

"बड़ा बनो पर उसके सामने नहीं जिसने तुम्हें बड़ा बनाया है।" यह कथन हमें सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के बाद भी हमें उन लोगों के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए, जिन्होंने हमें उस मुकाम तक पहुँचाया। माता-पिता, गुरु, और हमारे सहयोगी वे लोग होते हैं, जिनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हम उन्नति करते हैं। अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बन सकता है, इसलिए सच्ची महानता विनम्रता में निहित होती है।

*बुराई करने से केवल संबंध खराब होते हैं*

किसी की निंदा करने से न तो हमारा कोई लाभ होता है और न ही हम किसी का अहित कर सकते हैं। बल्कि, इससे केवल हमारे आपसी संबंधों में कटुता आती है। मनुष्य को सदैव अपने विचारों को सकारात्मक रखना चाहिए और दूसरों की गलतियों को क्षमा करने की आदत डालनी चाहिए। यदि हम अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएँ, तो हमारा जीवन अधिक सुखमय और सफल हो सकता है। जीवन में सही सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण से हम अपने भाग्य को संवार सकते हैं। हमें हर परिस्थिति को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए और विश्वास रखना चाहिए कि जो भी होता है, वह किसी अच्छे कारण से होता है। अपने से बड़ों और गुरुजनों का सम्मान करना, अहंकार से दूर रहना, और सदैव परोपकार की भावना रखना, यही जीवन की सच्ची सफलता है।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...