सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कटनी जिले की पहली जनपद ढीमरखेड़ा जो विकास कार्यों को लेकर हैं अव्वल जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे विकास कार्यों को लेकर हैं सबसे आगे , जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा विकास की बनी मिसाल, कटनी जिले की पहली जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा

 कटनी जिले की पहली जनपद ढीमरखेड़ा जो विकास कार्यों को लेकर हैं अव्वल जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे विकास कार्यों को लेकर हैं सबसे आगे , जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा विकास की बनी मिसाल, कटनी जिले की पहली जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा 



ढीमरखेड़ा | कटनी जिले की पहली जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा ने विकास के मामले में जो मुकाम हासिल किया है, वह अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसका श्रेय जाता है जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे को, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता, समर्पण और दूरदर्शिता से यह सुनिश्चित किया है कि विकास के हर पहलू को प्राथमिकता दी जाए। ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने अपने कार्यकाल में विकास को सर्वोपरि रखते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। उनके नेतृत्व में ढीमरखेड़ा ने न केवल बुनियादी ढांचे के विकास में सुधार किया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित किए हैं। उनका मानना है कि "जनता के जीवन स्तर को सुधारना ही वास्तविक विकास है।" यही कारण है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और जनता की समस्याओं को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास किया। ढीमरखेड़ा में सड़कें लंबे समय से बदहाल थीं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन मुश्किल हो गया था। सुनीता दुबे ने इस समस्या को समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किए। प्रमुख ग्राम पंचायतों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए पक्की सड़कें बनाई गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए बस स्टॉप और छोटे पुलों का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सही उपयोग करते हुए, सुदूर गांवों को भी मुख्यधारा से जोड़ा गया। सुनीता दुबे के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने न केवल स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की उपस्थिति और संसाधनों पर भी जोर दिया। शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन कराया। कंप्यूटर लैब और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देकर छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा। छात्राओं की शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं चलाईं, जिससे बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।

*हर घर पहुंच रहा पानी*

ढीमरखेड़ा में जल संकट एक बड़ी समस्या थी, जिसे हल करने के लिए सुनीता दुबे ने जल प्रबंधन योजनाओं को प्राथमिकता दी। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में नल जल योजनाएं लागू की गईं। पुराने कुओं और तालाबों का पुनर्निर्माण कर उन्हें जल संग्रहण के लिए उपयोगी बनाया गया। सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम को बढ़ावा दिया, जिससे किसानों की फसलों को पानी की उचित आपूर्ति हो सके। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने कई योजनाएं शुरू कीं।स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ हर परिवार तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही। स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर घर में शौचालय निर्माण को सुनिश्चित किया गया। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए उन्होंने किसानों के हित में कई योजनाएं लागू कीं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को वित्तीय सहायता दिलवाई। उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की। किसान मेलों का आयोजन कर कृषि तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी। इन सभी विकास कार्यों के परिणामस्वरूप आज ढीमरखेड़ा जिले का सबसे तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। यहां की सड़कें अब गांवों को अन्य जगह से जोड़ती हैं। बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल रही है। किसानों को अपनी फसलों से अधिक उत्पादन और मुनाफा हो रहा है। 

*अन्य जनपदों के लिए बनी ढीमरखेड़ा जनपद प्रेरणा*

कटनी जिले में अन्य जनपदों की तुलना में ढीमरखेड़ा विकास के मामले में अग्रणी है। जहां अन्य जनपदों के अध्यक्ष विकास कार्यों में धीमी गति से काम कर रहे हैं, वहीं सुनीता दुबे का दृष्टिकोण पूरी तरह से विकासोन्मुखी है। उन्होंने दिखाया है कि यदि नेतृत्व दृढ़ हो और जनता के प्रति जिम्मेदारी का भाव हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

*जनपद ढीमरखेड़ा में जनता का विश्वास और सराहना*

ढीमरखेड़ा की जनता ने हमेशा सुनीता दुबे के प्रयासों की सराहना की है।जनता का कहना है कि "जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे जैसा नेतृत्व कटनी जिले में कोई और नहीं कर रहा।"

उनके कार्यकाल में जनता को पहली बार ऐसा महसूस हुआ है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनका समाधान किया जा रहा है। सुनीता दुबे ने अपने कार्यकाल में विकास की जो नींव रखी है, वह आने वाले समय में और मजबूत होगी।उनका सपना है कि ढीमरखेड़ा मॉडल जनपद पंचायत बने, जहां हर व्यक्ति के पास बुनियादी सुविधाएं हों।

उन्होंने वादा किया है कि आने वाले वर्षों में ढीमरखेड़ा को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जनपद बनाया जाएगा। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा और उसकी अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व दृढ़ हो और विकास के प्रति समर्पित हो, तो कोई भी जनपद अपने क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। कटनी जिले की पहली जनपद होने के नाते, ढीमरखेड़ा ने अन्य जनपदों को प्रेरणा दी है कि वे भी अपने क्षेत्र के विकास के लिए इसी प्रकार से कार्य करें। सुनीता दुबे का यह प्रयास न केवल ढीमरखेड़ा, बल्कि पूरे कटनी जिले को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...