सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शुशांक (शैंकी ) सुभाष चौरसिया युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष उमरियापान के द्वारा भाजपा में जमकर की जा रही हैं मेहनत इनके कारण ही भाजपा सतह पर दिखा रहीं हैं कमाल, भाजपा संगठन के लिए हमेशा रहते हैं तैयार, इनकी कार्यप्रणाली से बड़े से बड़े नेता होते हैं प्रभावित

 शुशांक (शैंकी ) सुभाष चौरसिया युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष उमरियापान के द्वारा भाजपा में जमकर की जा रही हैं मेहनत इनके कारण ही भाजपा सतह पर दिखा रहीं हैं कमाल, भाजपा संगठन के लिए हमेशा रहते हैं तैयार, इनकी कार्यप्रणाली से बड़े से बड़े नेता होते हैं प्रभावित



ढीमरखेड़ा |  शुशांक (शैंकी) सुभाष चौरसिया, जो कि युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष, उमरियापान के रूप में कार्यरत हैं, भाजपा संगठन के लिए अपने समर्पण और अथक परिश्रम के लिए जाने जाते हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता, जुझारूपन, और निस्वार्थ सेवा भावना के कारण वह भारतीय जनता पार्टी के संगठन के लिए एक अनमोल धरोहर साबित हो रहे हैं।शुशांक चौरसिया की मेहनत और समर्पण के कारण भाजपा का प्रभाव सतह पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। शुशांक चौरसिया का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था, जहाँ उन्होंने बचपन से ही समाज सेवा और राजनीति के प्रति गहरी रुचि दिखाई। उनके परिवार में भी राजनीतिक जागरूकता थी, लेकिन शुशांक ने खुद को विशेष रूप से युवा मोर्चा के माध्यम से राजनीति में कदम रखा।भाजपा के आदर्शों और सिद्धांतों से प्रभावित होकर, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ही अपना राजनीतिक मंच चुना। शुशांक चौरसिया की भूमिका भाजपा के युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी ऊर्जा, उत्साह, और नेतृत्व क्षमता के कारण वह हमेशा संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों में सबसे आगे रहते हैं। उनके द्वारा की जा रही मेहनत और सक्रियता के कारण उमरियापान मंडल में भाजपा का संगठन बहुत सशक्त और संगठित बना हुआ है।

*जनसंपर्क और जनसमर्थन*

शुशांक चौरसिया के नेतृत्व में भाजपा ने उमरियापान मंडल में कई महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। वह हमेशा जनता के बीच रहते हैं और उनके मुद्दों को हल करने का प्रयास करते हैं। उनके द्वारा किए गए जनसंपर्क अभियानों ने न केवल भाजपा का जनाधार बढ़ाया है, बल्कि जनता के बीच भाजपा की छवि को भी और मजबूत किया है। शुशांक का मानना है कि जनता से सीधा संपर्क ही राजनीति का सच्चा आधार है, और इसी सोच के साथ वह हर गांव, कस्बे और पंचायत में जाकर लोगों से मिलते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उन्हें भाजपा के साथ जोड़ने का प्रयास करते हैं। उनकी इस कार्यप्रणाली ने उन्हें स्थानीय जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।

*संगठन निर्माण और विस्तार*

भाजपा के लिए संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, और शुशांक चौरसिया ने इस बात को बखूबी समझते हुए संगठन के विस्तार और मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने भाजपा के विचारधारा से प्रेरित युवाओं को संगठन से जोड़ने का कार्य बखूबी किया है। शुशांक के नेतृत्व में युवा मोर्चा ने कई नई पहल की हैं, जिनसे पार्टी का विस्तार हुआ है। उन्होंने युवाओं को राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया और संगठन के विभिन्न स्तरों पर उन्हें जिम्मेदारियाँ सौंपी। इस प्रक्रिया में उन्होंने कई कुशल और समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ा है, जो भविष्य में पार्टी के लिए एक बड़ी ताकत साबित होंगे।

*चुनावी सफलता में योगदान*

शुशांक चौरसिया की मेहनत और जनसंपर्क अभियानों का असर चुनावों में भी देखने को मिला है। उन्होंने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन एक कर दिया, और उनके द्वारा किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप भाजपा को कई महत्वपूर्ण चुनावों में सफलता प्राप्त हुई। चुनाव के दौरान शुशांक ने न केवल अपनी खुद की रणनीतियों को लागू किया, बल्कि वरिष्ठ नेताओं की सलाह लेकर एक समन्वित और संगठित चुनावी अभियान चलाया। उन्होंने बूथ स्तर पर पार्टी को सशक्त करने के लिए कार्य किया, जिससे भाजपा का जनाधार और भी मजबूत हुआ।

*वरिष्ठ नेता करते हैं प्रशंसा*

शुशांक चौरसिया की कार्यप्रणाली और उनके समर्पण ने पार्टी के बड़े से बड़े नेताओं को प्रभावित किया है। उन्होंने अपने नेतृत्व में कई बड़े कार्यक्रमों और अभियानों को सफलतापूर्वक आयोजित किया है, जिनमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया और उनकी कार्यशैली की सराहना की। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि शुशांक चौरसिया जैसे युवा नेताओं के कारण ही पार्टी का भविष्य उज्ज्वल है। उनकी मेहनत और संगठन के प्रति उनका समर्पण उन्हें पार्टी के भविष्य के नेताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाता है।

*सामाजिक सेवाओं में भूमिका अव्वल*

राजनीतिक कार्यों के अलावा, शुशांक चौरसिया ने सामाजिक सेवाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वह हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तैयार रहते हैं और किसी भी सामाजिक या प्राकृतिक आपदा के समय उनकी उपस्थिति सबसे पहले होती है। उन्होंने अपने मंडल में कई सामाजिक सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिनमें गरीबों की सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने जैसे कार्य शामिल हैं। शुशांक का मानना है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक माध्यम है, और इसी सोच के साथ वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं।

*हर जगह पर लिया जाता हैं इनका नाम क्यूंकि सबके लिए करते हैं काम*

शुशांक चौरसिया ने भाजपा संगठन के लिए जो कार्य किए हैं, वे केवल शुरुआत हैं। उनका लक्ष्य भाजपा को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना है। वह पार्टी के विचारधारा को और अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न नई योजनाओं और अभियानों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने संगठन के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को राजनीति में जागरूक करने के लिए कई नई पहल की योजनाएँ बनाई हैं। उनका मानना है कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है, और यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलें, तो वे देश और समाज के लिए अद्वितीय योगदान दे सकते हैं।

टिप्पणियाँ

popular post

चलते-चलते राह में, मोड़ अचानक आ गया, हंसता हुआ चेहरा भी पल में ख़ामोश हो गया, ना दस्तक, ना इशारा, ना कोई पैग़ाम आया, मौत ने चुपके से आकर अपना फ़र्ज़ निभाया सड़क दुर्घटना में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भागीरथ पटेल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

 चलते-चलते राह में, मोड़ अचानक आ गया, हंसता हुआ चेहरा भी पल में ख़ामोश हो गया, ना दस्तक, ना इशारा, ना कोई पैग़ाम आया, मौत ने चुपके से आकर अपना फ़र्ज़ निभाया सड़क दुर्घटना में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भागीरथ पटेल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी  |  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ एवं वर्तमान में रीठी में कार्यरत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) भागीरथ पटेल के असामयिक निधन की दुखद खबर से पूरा प्रशासनिक अमला और क्षेत्र स्तब्ध है। कर्तव्यपथ से घर लौटते समय हुए एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया।इस हृदयविदारक घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भी शोकाकुल कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागीरथ पटेल अपने नियमित शासकीय कार्यों का निर्वहन कर कार्यालय से घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मार्ग में उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं । भागीरथ पटेल लंबे समय से मनरेगा योजना के अंतर्गत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के रूप ...

कटनी बिग ब्रेकिंग जिला पंचायत में लोकायुक्त का छापा, रिश्वत लेते लेखापाल रंगे हाथों गिरफ्तार

 कटनी बिग ब्रेकिंग जिला पंचायत में लोकायुक्त का छापा, रिश्वत लेते लेखापाल रंगे हाथों गिरफ्तार कटनी ।  भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने आज कटनी जिला पंचायत कार्यालय में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने जिला पंचायत में पदस्थ लेखापाल (Accountant) सतेंद्र सोनी को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। *क्या है पूरा मामला?* मिली जानकारी के अनुसार, एक ग्राम पंचायत सचिव को सेवा से निलंबित या पृथक किया गया था। उसकी बहाली (Reinstatement) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और कागजी कार्रवाई के एवज में लेखापाल सतेंद्र सोनी ने 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सचिव ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त विभाग से की। *लोकायुक्त की योजनाबद्ध कार्रवाई* शिकायत की पुष्टि होने के बाद, लोकायुक्त की 5 सदस्यीय टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही सचिव ने जिला पंचायत कार्यालय में लेखापाल को केमिकल लगे हुए नोट सौंपे, पहले से ही मुस्तैद टीम ने उन्हें धर दबोचा। *आरोपी*: सतेंद्र सोनी (लेखापाल, जिला पंचायत कटनी) *रिश्वत की राशि*: 5,000 रुपये *...

ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन

 ढीमरखेड़ा में तहसीलदार रहते हुए जमकर बटोरी सुर्खियां अब पहुंच गई रीठी, रीठी तहसील में प्रभारी तहसीलदार की पुनर्नियुक्ति पर विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, उच्च अधिकारियों तक पहुंच हैं लगता हैं मैडम की, जहां लगी थी शिकायत की झड़ी वही पहुंच गई मैडम, चाई - माई घुमा रहा प्रशासन  कटनी  |  कटनी जिले की रीठी तहसील एक बार फिर प्रशासनिक फैसले को लेकर चर्चा और विवाद के केंद्र में आ गई है। लंबे समय तक यहां पदस्थ रहीं तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को पूर्व में ग्रामीणों की शिकायतों के बाद हटाया गया था, लेकिन अब जिला प्रशासन द्वारा उन्हें पुनः रीठी का प्रभारी तहसीलदार बनाए जाने के आदेश ने क्षेत्र में असंतोष की लहर पैदा कर दी है। शनिवार को आशीष तिवारी, कलेक्टर, कटनी द्वारा जारी आदेश में प्रशासकीय एवं कार्यालयीन कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में ढीमरखेड़ा की प्रभारी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को रीठी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश के सार्वजनिक होते ही क्षेत्र में चर्चाओं और विरोध का दौर शुरू हो गया। *पहले शिकायतें, फिर तबादला, अब दोबारा जिम्मेदारी* ग्रामीणों का कहना है ...