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डबल एंजिन की सीटी तक न बजा पाने वाला क्या फिर बैठेगा ड्रायविंग-सीट पर उसने दावा तो किया है इस बार तेज सीटी बजाकर बताऊंगा , कटनी-खजुराहो ट्रेक पर वंदे विकास भी दौड़ाकर दिखाऊंगा

 डबल एंजिन की सीटी तक न बजा पाने वाला  क्या फिर बैठेगा ड्रायविंग-सीट पर

उसने दावा तो किया है इस बार तेज सीटी बजाकर बताऊंगा , कटनी-खजुराहो ट्रेक पर वंदे विकास भी दौड़ाकर  दिखाऊंगा



ढीमरखेड़ा । कटनी खजुराहो संसदीय क्षेत्र में एशिया के महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन  कटनी के प्लेटफार्म पर पांच साल से खड़ी डबल-ट्रिपल एंजिन वाली मजबूत सरकार के चुने हुए चालक (सांसद) वी डी शर्मा सीटी तक नहीं बजा पाए तो क्या हुआ, विकास की एक्सप्रेस स्टार्ट नहींं कर पाये तो क्या हुआ आखिर उन्होंने  यह दोहराया तो है कि जितनी कोशिशें कर सकता था बजाने की, करता रहा, कोई बात नहीं इस बार बजा देंगे। डबल एंजिन सरकार का पूरा  रनिंग स्टॉफ (पार्टी के लोग) यह सुनकर हर्ष में  डूब गया है। डबल एजिंन के चालक को मालूम है कि कटनी स्टेशन के विकास पथ पर गाड़ी नहीं चला पाने पर भी उन्हे चार्जशीट नहीं मिल सकती थी। इस बार भी इलेक्शन विक्टरी मशीनरी (ई वी एम) उन्हें डबल एंजिन का ड्रायविंग लायसेंस लाकर स्वयं उनके  श्रीचरण कमलों में समर्पित कर देगी।  कटनी विकास के ट्रेक पर सांसद के पांच साला कर्मो का हिसाब किताब भले निरंक (शून्य) हो, मगर नगरनिगम के कर्मो का डबल भूमि पूजन करने की पंडिताई का प्रदर्शन पंडित शर्मा कर चुके हैं।

*ई वी एम  के आगे गठबंधन भी करेगा सरेंडर*

डबल एंजिन सरकार के टॉप क्लास चालक को दोबारा एंजिन की  सीटी बजाने की जिम्मेदारी सौपने में पार्टी को कोई रिस्क नहीं थी। मुख्य वजह इलेक्शन विक्टरी मशीनरी (ईवीएम) है। यह ईवीएम का ही कमाल है कि उसने शर्मा जी से केसीएम की ई-लायब्रेरी का डबल भूमि- पूजन करवा दिया,  जिसका पूजन पहले हो चुका था। डबल एजिंन सरकार के ड्रायवर के डबल भूमि पूजन का प्रचार का भोंपू इस तेजी से बजाया गया कि ननि के 22 करोड़ के विकास कार्य मध्यप्रदेश की उधार का घी पीने वाली सरकार के  नहीं, केन्द्र की सरकार की यानी सांसद की उपलब्धियां हैं। परोक्ष रूप से माना भी जा सकता है क्योंकि मप्र की शिवसत्ता और मोहन सरकार दोनों को अब तक साढ़े तीन लाख करोड़ का उधार का घी तो केन्द्र सरकार ने ही पिलाकर उनकी  दुर्बलता का ईलाज किया है। उधार के घी की लिमिट पूरी हो चुकी है यानि गले तक शिव-मोहन सरकार कर्ज में डूबी है।

*चार लड्डू, चुटकी भर गुलाल, मोदी राम की फोटो, होंगे वोट हलाल*

पचहत्तर साल के संसदीय-काल में पहली बार वीडी शर्मा ने ऐतिहासिक पिद्दी जनसेवाएं की। कटनी की मांगों पर उनका बैरागी भाव बना रहा, शहर चीखता चिल्लाता रहा-सरकारी मेडिकल कालेज दो- सेंट्रल स्कूल दो- ट्रेन का उजड़ा हुआ वाशिंग यार्ड दो- लेकिन वी डी शर्मा ने कुछ नहीं किया न दिया। अब भाजपा जाने, केन्द्रीय नेता जाने कि सेवा पथ पर पंडि़त जी मुर्झाए-मुर्झाए क्यों डले रहे। हालांकि टिकट लाकर अब डकारें भर रहे हैं कि- जितनी ताकत थी, उतना किया, जो बचा रहा  वह इस बार करेंगे।  होली पर पार्टी जनों को चार लड्डू-चुटकी भर गुलाल रखकर शर्मा जी ने मुंह मीठा कराया है। पैकेट में रामलला के साथ प्रथम पूजनीय मोदी जी की फोटो है, जिनके दर्शन मात्र सेेे कार्यकर्ताओं में विलक्षण दिव्य शक्ति आई है। अब ईवीएम (इले.विक्टरी मशीनरी) के साथ पार्टीजन 99 फीसदी मतदान कमल चिन्ह पर लाएंगे।

*कटनी स्टेशन के लिए भी ऊंट के मुंह में जीरा लाए*

सेवा-कर्मों में निरंक बहीखाता संंधारण करने वाले पंडित शर्मा जी के लड्डुओं के पैकेट भी ऊंट के मुंह में जीरे की भांति रहे l जैसे कटनी के तीन रेलवे स्टेशनों के मेक-अप के लिए सिर्फ सत्तर करोड़ की राशि लेकर पंडित शर्मा अति संतुष्ट हो गए। पड़ोसी जिले सतना-जबलपुर के रेलवे स्टेशन की सूरतें सवांरने के लिए ढाई-ढाई सौ करोड़ का मेकअप भत्ता केन्द्र से मिला है। परम संतोषी शर्मा जी का यह जनप्रतिनिधित्व कटनी-खजुराहो के मतदाताओं को भले संतुष्ट न करे, लेकिन वे क्या कर सकते हैं, हालात विपरीत हैं शून्यतम पर भी संतोष पालना ही होगा।

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