सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कुशल मजदूरों के नाम पर उपयंत्री ने किया घोटाला लाखों रूपये का घोटाला सामने आने पर बनाई जांच समिति, फिर डाल दिया ठंडे बस्ते में तत्कालिक उपयंत्री दीपक तिवारी का कारनामा घोटाला हुआ उजागर तो उमरिया जिले में करवाया स्थानांतरण

 रिपोर्टर - सतीश चौरसिया  6266 382 801

कुशल मजदूरों के नाम पर उपयंत्री ने किया घोटाला

लाखों रूपये का घोटाला सामने आने पर बनाई जांच समिति, फिर डाल दिया ठंडे बस्ते में 

तत्कालिक उपयंत्री दीपक तिवारी का कारनामा 

घोटाला हुआ उजागर तो उमरिया जिले में करवाया स्थानांतरण 


उमरियापान  ।  ढीमरखेड़ा जनपद में पदस्थ रहे तत्कालीन उपयंत्री दीपक तिवारी के कारनामें जगजाहिर रहे है और जब से उनकी पदस्थापना ढीमरखेड़ा जनपद में की गई थी तब से उनके द्वारा  व्यापक पैमाने पर पंचायतों के साथ मिलकर कुशल मजदूरों के नाम पर घोटाला किया गया था। सूत्रों ने बताया कि ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत खंदवारा, ठिर्री, सगौना, बांध, पाली, जिर्री, पिण्डरई सहित कुछ अन्य पंचायतें तत्कालीन उपयंत्री दीपक तिवारी को प्रभार सौंपा गया था। लिहाजा बिना सरपंचों की अनुमति के उपयंत्री दीपक तिवारी के द्वारा कुशल मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान करवाये गये और यह क्रम कई वर्षों तक चलता रहा। लिहाजा व्यापक पैमाने पर हुआ भ्रष्टाचार जैसे ही उजागर हुआ और इस संबंध में तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा विनोद पांडे को शिकायत दी गई जिसमें अनियमित्ता पाते हुये विनोद पांडे के द्वारा जिला पंचायत सीईओ को संपूर्ण बातों से अवगत कराया गया। लिहाजा सीईओ जिला पंचायत कटनी द्वारा इस संबंध में जांच के लिये एक टीम का गठन कर दिया गया। हैरानी वाली बात यहां पर यह है कि उक्त टीम के द्वारा आज दिनांक तक इस संबंध में किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई और राजनैतिक दबाव के चलते उक्त मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। वहीं उपयंत्री दीपक तिवारी का स्थानांतरण उमरिया जिले में कर दिया गया है शायद इसलिये अधिकारी उक्त मामले में पर्दा डालने में लगे है। 

लंबे समय से चल रहा था फर्जीवाड़ा

सूत्रों ने बताया कि जब से उपयंत्री दीपक तिवारी को खंदवारा, ठिर्री, सगौना, बांध, पाली, जिर्री, पिंडरई का प्रभार सौंपा गया था तब से ही उक्त उनके द्वारा यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। चूंकि इस काम में सरपंचों की सहमति नहीं होती थी और उनको इस कार्य के बारे में पता भी नहीं होता था। उपयंत्री दीपक तिवारी के द्वारा सचिव और रोजगार सहायकों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया जाता था। इस  मामले की भनक जैसे ही एक सरपंच को लगी तब उक्त मामले का पर्दाफांस हुआ और उसकी ही शिकायत पर जांच टीम गठित हुई थी। तत्संबंध में मय सबूतों के उक्त फर्जीवाड़े की शिकायत की गई। बावजूद इसके सरपंच की शिकायत का निराकरण किये बिना ही दोषी उपयंत्री को बचाने अधिकारियों ने हर संभव प्रयास किये।

भुगतान रोका लेकिन दोषी पर कार्यवाही नहीं

मामला उजागर होने के बाद तत्कालीन जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा  विनोद पांडे के द्वारा उपयंत्री दीपक तिवारी के द्वारा किये गये फर्जीवाड़ा में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुये जिला पंचायत सीईओ को इस संबंध में अवगत कराया जिसमें सीईओ जिला पंचायत के द्वारा एक टीम बनाकर इस मामले में जांच टीम गठित कर दी। साथ ही यह निर्देश दिये गये कि जब तक संबंधित जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक किसी तरह का भुगतान नहीं किया जायेगा और भुगतान रोक भी दिया गया, लेकिन भ्रष्टाचार की नाव पर सवार इन अधिकारियों के द्वारा दोषी उपयंत्री दीपक तिवारी का बचाव करते हुये किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई और न ही इस मामले में जांच की गई, उल्टा राजनैतिक दबाव के चलते जांच को बंद कर दिया गया। लिहाजा अधिकारियों के द्वारा अभयदान देते ही उपयंत्री दीपक तिवारी के द्वारा अपना स्थानांतरण उमरिया जिले में करवा लिया गया और जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। 



ऐसे किया गया भ्रष्टाचार


उपयंत्री दीपक तिवारी के कार्य क्षेत्र में खंदवारा, ठिर्री, सगौना, बांध, पाली, जिर्री, पिण्डरई सहित कुछ अन्य पंचायतें आती थी जिसमें कुशल और अर्धकुशल मजदूरों के फर्जी बिल लगाये जाते थे जिसमें अर्धकुशल मजदूरों के बिल पंचायत लगाती थी और फर्जी कुशल मजदूरों के नाम पर उपयंत्री दीपक तिवारी के द्वारा अपने पैत्रिक ग्राम चंदिया जिला उमरिया तथा कटनी जहां पर संबंधित उपयंत्री का मकान बना है वहां के मजदूरों के नाम से बिल लगाकर काफी समय से शासन को चूना लगाया जा रहा था और उनके नाम से राशि आहरित की जाती रही है लेकिन जैसे ही यह घोटाला सामने आया और सीईओ जिला पंचायत के द्वारा जांच टीम बनाई गई तब मामले का पर्दाफाश हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और संबंधित उपयंत्री के द्वारा लाखों रुपये फर्जी तरीके से आहरित किये गये। इसके बाद भी संबंधित अधिकारियों के द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं करते हुये उपयंत्री दीपक तिवारी को संरक्षण दिया गया और उसने अपना स्थानांतरण ढीमरखेडा जनपद से उमरिया जिले में करवा लिया।

टिप्पणियाँ

popular post

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...