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धान खरीदी केंद्र कौड़िया में कमलेश पाण्डेय ले रहे थे खुलेआम घूस, कमलेश पाण्डेय के ऊपर होना चाहिए एफआईआर

 धान खरीदी केंद्र कौड़िया में कमले श पाण्डेय ले रहे थे खुलेआम घूस, कमलेश पाण्डेय के ऊपर होना चाहिए एफआईआर कटनी ।   कौड़िया धान खरीदी केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। केंद्र में पदस्थ कर्मचारी कमलेश पाण्डेय पर किसानों से खुलेआम घूस लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। वीडियो सामने आने के बाद न केवल खरीदी केंद्र बल्कि खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का कहना है कि धान की तौल और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने के नाम पर उनसे प्रति बोरी या प्रति ट्रॉली तय रकम ली जा रही थी।जिन किसानों ने कथित रूप से पैसे देने से इनकार किया, उनकी उपज की तौल में देरी की गई या गुणवत्ता में खामियां बताकर परेशान किया गया। अगर पैसा दे दो तो जल्दी तौल हो जाती है, नहीं तो बार-बार बहाना बनाकर वापस भेज दिया जाता था। कमलेश पाण्डेय को किसानों से नकद राशि लेते हुए दिखाया जा रहा है। मामले में केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। किसानों का आर...

फोटो तक सीमित जनसंपर्क चुनावी मौसम में नेताओं की प्राथमिकताओं पर उठते सवाल, नेता सिर्फ फोटो के लिए या जनता के लिए, चुनाव में जनता देगी जवाब, गरीबों से दूरी, कार्यकर्ताओं से नजदीकी कैसा जनप्रतिनिधित्व, चुनाव में याद आती है जनता, बाकी समय सिर्फ पार्टी, क्या नेता सिर्फ वोट के समय ही जनता के होते हैं, जनता नहीं, सिर्फ पार्टी, लोकतंत्र का यह कैसा चेहरा,फोटो से फुर्सत मिले तो जनता की सुध लें जनप्रतिनिधि नेता किसके गरीबों के या सिर्फ अपनी पार्टी के, वोट से पहले जनता, वोट के बाद कार्यकर्ता, जनता के दरवाज़े कब पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, चुनाव में याद रखें आपका वोट, आपका अधिकार

 फोटो तक सीमित जनसंपर्क चुनावी मौसम में नेताओं की प्राथमिकताओं पर उठते सवाल, नेता सिर्फ फोटो के लिए या जनता के लिए, चुनाव में जनता देगी जवाब, गरीबों से दूरी, कार्यकर्ताओं से नजदीकी कैसा जनप्रतिनिधित्व, चुनाव में याद आती है जनता, बाकी समय सिर्फ पार्टी, क्या नेता सिर्फ वोट के समय ही जनता के होते हैं, जनता नहीं, सिर्फ पार्टी, लोकतंत्र का यह कैसा चेहरा,फोटो से फुर्सत मिले तो जनता की सुध लें जनप्रतिनिधि नेता किसके गरीबों के या सिर्फ अपनी पार्टी के, वोट से पहले जनता, वोट के बाद कार्यकर्ता, जनता के दरवाज़े कब पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, चुनाव में याद रखें आपका वोट, आपका अधिकार कटनी  |  चुनावी सरगर्मियां तेज होते ही क्षेत्र में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। गांव-गांव, वार्ड-वार्ड में गाड़ियों के काफिले पहुंच रहे हैं, स्वागत द्वार सज रहे हैं, माला और गुलदस्ते तैयार हो रहे हैं। कैमरों की चमक और सोशल मीडिया पर पोस्टों की बाढ़ के बीच एक सवाल आम लोगों की जुबान पर है क्या नेता वास्तव में जनता से मिलने आते हैं या सिर्फ फोटो खिंचवाने और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से औपचारिक मुलाकात के लिए स्थ...