सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मगरमच्छ के खेत में घुसने से धनवाही ग्राम में दहशत, मानव-वन्यजीव संघर्ष का ताजा उदाहरण

 मगरमच्छ के खेत में घुसने से धनवाही ग्राम में दहशत, मानव-वन्यजीव संघर्ष का ताजा उदाहरण



ढीमरखेड़ा |  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम पंचायत धनवाही में 26 अप्रैल 2025 को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मगरमच्छ खेत में घुस आया।सुबह-सुबह खेत पर काम करने गए एक किसान घनश्याम पटैल ने जब खेत में मगरमच्छ को देखा तो उनके होश उड़ गए। यह घटना न केवल क्षेत्र में दहशत का कारण बनी बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीरता को भी उजागर करती है। घनश्याम पटैल, जो मगेली के रहने वाले हैं, रोज की तरह सुबह अपने खेत पर उड़द की फसल देखने गए थे। खेत में कुछ असामान्य हरकत देखकर उनका ध्यान गया, और जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खेत में एक विशाल मगरमच्छ आराम से पड़ा हुआ था। डर के मारे घनश्याम पटैल तुरंत वहां से भागे और गांव में जाकर लोगों को इस बारे में बताया। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।मगरमच्छ को पास के गुड्डू ठाकुर के खेत में देखा गया था, जो धनवाही गांव के भीतर स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि खेत से नजदीकी नदी की दूरी लगभग एक किलोमीटर है, और अनुमान लगाया जा रहा है कि मगरमच्छ इसी नदी से भटककर खेतों तक आ गया होगा।

*ग्रामीणों में दहशत का माहौल*

घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में भय का माहौल बन गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से चिंतित हो उठे। खेती-किसानी करने वाले किसान, जो हर दिन खेतों में जाकर काम करते हैं, अब डर से खेतों की तरफ जाने से हिचकने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी और तत्काल मगरमच्छ को पकड़ने के लिए मदद की मांग की। कई लोगों ने यह भी आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

*वन विभाग का सक्रिय हस्तक्षेप*

वन विभाग की टीम को सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए। टीम ने स्थानीय लोगों से अनुरोध किया कि वे मगरमच्छ के पास न जाएं और दूरी बनाए रखें। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता है कि मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाए। इसके लिए विशेष जाल और उपकरण लाए जा रहे हैं। टीम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जल्द ही मगरमच्छ को पकड़ लिया जाएगा और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचाव किया जाएगा।

टिप्पणियाँ

popular post

सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत

 सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत    कटनी ।  मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बहोरीबंद विकासखंड में संचालित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम स्लीमनाबाद स्थित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते क्रमांक 3790886493 से विभिन्न व्यक्तियों/अन्य बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता ने इन लेन-देन की जांच की मांग की है और तौफिक अहमद की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि आजीविका गतिविधियों के लिए उछऋ को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निदेर्शों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में लगभग 18.24 लाख के कथित ट्रांसफर का उल्लेख है। इसके अलावा एक अन्य बिंदु में उछऋ खाते से लगभग 1.15 करोड़ से अधिक राशि ट्...

पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता

 पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता ढीमरखेड़ा ।  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जानकारी के अनुसार, गांव में तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच स्थित ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ नजर आया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सतर्कता का माहौल बन गया।लोगों को आशंका है कि यदि मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र या घाट के आसपास मौजूद रहता है, तो किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से घाट के आसपास आने-जाने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...