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उमरियापान पुलिस की शानदार कार्यवाही, चोरी के 72 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार, लाखों के जेवरात व नगदी बरामद

 उमरियापान पुलिस की शानदार कार्यवाही, चोरी के 72 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार, लाखों के जेवरात व नगदी बरामद



ढीमरखेड़ा |  उमरियापान थाना क्षेत्र के ग्राम महनेर में 22 अप्रैल को घटित चोरी की घटना ने न केवल पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, बल्कि पुलिस के सामने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। चोरी की यह वारदात एक बुजुर्ग व्यक्ति के घर में हुई थी, जहां से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी चोरी कर ली गई थी। किंतु उमरियापान पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर इस गंभीर मामले का खुलासा कर यह साबित कर दिया कि यदि नीयत और निगरानी सशक्त हो तो कोई भी अपराधी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।

 *बुजुर्ग के घर से लाखों की चोरी*

22 अप्रैल की रात ग्राम महनेर निवासी हरभजन काछी पिता राम गोपाल काछी, उम्र 70 वर्ष, जब अपने किसी पारिवारिक कार्य में व्यस्त थे, तभी उनके घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर ने कमरे में घुसकर घर में रखे बहुमूल्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। हरभजन काछी द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि चोर ने घर से सोने की पंचाली, पेंडल, अंगूठी, झुमकी, सोने की चेन, दो जोड़ी चांदी की पायल, चांदी के सिक्के और नगदी रुपये चोरी कर लिए। इस पूरी चोरी में चोर ने लगभग 4 लाख 42 हजार 600 रुपये का माल ले उड़ा था। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। खासकर बुजुर्ग और अकेले रह रहे लोगों के बीच डर गहराता जा रहा था।

*पुलिस की तत्परता और कार्रवाई की शुरुआत*

घटना की गंभीरता को देखते हुए उमरियापान थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, अति. पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया और स्लीमनाबाद अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रभात कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर सबूतों को इकट्ठा किया और संभावित संदिग्धों की सूची तैयार कर जांच की शुरुआत की। इस जांच में यह भी देखा गया कि घटना को अंजाम देने का तरीका आम चोरों जैसा नहीं था। ऐसा लग रहा था कि आरोपी ने काफी सोच-समझकर और तैयारी के साथ यह वारदात की है। पुलिस ने इस दिशा में अपनी पड़ताल तेज की।

*शक की सुई प्रिंस उर्फ विक्की तिवारी की ओर*

पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम महनेर का एक युवक प्रिंस उर्फ विक्की तिवारी पिता राजेश उर्फ रज्जू तिवारी, उम्र 21 वर्ष, पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। कुछ ग्रामीणों ने भी पुलिस को इस युवक के बारे में जानकारी दी थी कि वह हाल के दिनों में अचानक से आर्थिक रूप से सशक्त होता दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी कोई आय का स्रोत ज्ञात नहीं था। पुलिस ने उक्त युवक को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। प्रारंभ में तो वह टालमटोल करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सबूतों के आधार पर सवाल किए तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

*निर्माणाधीन मकान में छिपा रखा था चोरी का माल*

पूछताछ में प्रिंस तिवारी ने बताया कि उसने चोरी किए गए जेवरात और नगदी अपने घर के पीछे बने निर्माणाधीन मकान में छिपा रखे हैं। पुलिस टीम तुरंत उसके बताए स्थान पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। वहां से सोने-चांदी के बहुमूल्य जेवरात और 1,63,400 रुपये नगद बरामद किए गए। कुल जब्ती का मूल्य 4 लाख 42 हजार 600 रुपये आंका गया। इस जब्ती के साथ पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

*कार्यवाही में लगे पुलिस अधिकारियों की भूमिका सराहनीय*

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी दिनेश तिवारी की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने न केवल त्वरित कार्यवाही की, बल्कि अपनी टीम को सही दिशा में काम करने के लिए प्रेरित भी किया। इस जांच में कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक गया प्रसाद मंगोरे, प्रधान आरक्षक आशीष झारिया, आरक्षक अजय सिंह, योगेश पटेल, जगन्नाथ भट्टे, मनोज कुम्हरे, रोहित झारिया और अनिल पांडे ने दिन-रात मेहनत कर चोरी का खुलासा किया। इन पुलिसकर्मियों ने न केवल तकनीकी सहायता ली, बल्कि गांव वालों से जानकारी लेकर जमीनी स्तर पर भी मजबूत पड़ताल की। उनके सहयोग से ही इस गंभीर अपराध का समाधान संभव हो पाया।

*ग्रामीणों में पुलिस के प्रति बढ़ा विश्वास*

इस घटना के खुलासे से ग्राम महनेर समेत पूरे क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान में वृद्धि हुई है। आम जनता ने खुले दिल से उमरियापान पुलिस की तारीफ की और कहा कि यदि इसी तरह पुलिस तत्परता से काम करती रही, तो अपराधियों की कोई जगह नहीं बचेगी। बुजुर्ग हरभजन काछी और उनके परिवार ने भी पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि जिस तरह से पुलिस ने चोर को पकड़ा और उनका सामान वापस दिलाया, उससे उनका भरोसा पुलिस व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हुआ है।

*युवाओं के लिए सबक*

इस घटना में यह बात भी सामने आई कि कैसे एक युवा, जो समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकता था, गलत संगत और लालच के चलते अपराध की ओर बढ़ गया। 21 वर्षीय प्रिंस तिवारी के खिलाफ अब गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है और उसकी भविष्य की दिशा जेल से होकर गुजरेगी। यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो जल्दी पैसा कमाने की चाह में अपराध का रास्ता अपनाते हैं। कानून का हाथ बहुत लंबा होता है और एक न एक दिन अपराधी को उसकी करनी की सजा मिलती ही है।

 *पुलिस की सक्रियता से नकेल कसे अपराधियों पर*

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि यदि पुलिस सजग हो, नेतृत्व कुशल हो और टीम सामूहिक रूप से कार्य करे, तो कोई भी अपराधी पुलिस से बच नहीं सकता। उमरियापान पुलिस ने इस मामले में जिस तत्परता और समझदारी से काम किया, वह प्रशंसनीय है। इस घटना के माध्यम से यह संदेश भी गया कि चोर चाहे जितना भी चालाक क्यों न हो, लेकिन कानून से नहीं बच सकता। चोरी के सामान को अपने ही निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखना उसकी सबसे बड़ी भूल थी, जो उसे सलाखों के पीछे ले गई। आम जनता से अपील है कि अपने आसपास यदि कोई संदिग्ध गतिविधि हो रही हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस और समाज के बीच यह सहयोग ही अपराध मुक्त समाज की नींव रखता है।

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