सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ढीमरखेड़ा विंकी उइके सिंहमारे के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना, बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य के चलते दिया गया प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार

 अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ढीमरखेड़ा विंकी उइके सिंहमारे के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना, बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य के चलते दिया गया प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार 



ढीमरखेड़ा |  ढीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) विंकी उइके सिंहमारे को मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री, कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के द्वारा प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य और फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में सर्वाधिक नाम जोड़ने के लिए प्रदान किया गया। एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित किया है और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया है, वह प्रेरणादायक है।

*बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य*

ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ ने कई गांवों और परिवारों को प्रभावित किया। इस आपदा के दौरान, एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने अपनी नेतृत्व क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया। उन्होंने न केवल प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री समय पर पहुंचाई, बल्कि राहत शिविरों का भी संचालन किया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और सुनिश्चित किया कि किसी भी परिवार को भोजन, पानी और आश्रय जैसी आवश्यक चीजों की कमी न हो। उनके नेतृत्व में, प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए एक आपातकालीन योजना तैयार की। स्थानीय अधिकारियों, पुलिस, और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को तेज गति से अंजाम दिया। उनकी कार्यक्षमता और संवेदनशीलता के कारण, प्रभावित परिवारों को न केवल त्वरित सहायता मिली, बल्कि उनमें यह विश्वास भी उत्पन्न हुआ कि प्रशासन उनके साथ है।

*फोटो निर्वाचक नामावली में रिकॉर्ड उपलब्धि*

एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनके नेतृत्व में, ढीमरखेड़ा तहसील में सर्वाधिक नए नाम जोड़े गए। यह कार्य किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह सुनिश्चित करना कि हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो, एक व्यापक प्रक्रिया है।उनकी टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। विशेष रूप से, उन्होंने महिलाओं, वृद्धजनों, और युवाओं को प्रेरित किया कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ें। इस उपलब्धि ने न केवल निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत किया, बल्कि लोकतंत्र को भी सशक्त बनाने में योगदान दिया।

*प्रशासनिक कार्यों में तेजी*

एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे के ढीमरखेड़ा में पदस्थ होने के बाद से राजस्व के कार्यों में तेजी देखी गई है। उन्होंने जनता के कार्यों को प्राथमिकता दी और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। उनके कार्यकाल में जमीन से संबंधित विवादों का निपटारा तेज गति से हुआ है। किसानों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए उन्होंने कई जनसुनवाई सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में न केवल समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ा।

*जनता की प्रशंसा*

विंकी उइके सिंहमारे की कार्यशैली का एक बड़ा पहलू उनकी जनसेवा भावना है। वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनती हैं और उनका समाधान करती हैं। उनकी इस कार्यशैली से जनता के बीच उनका काफी सम्मान है। बाढ़ राहत के दौरान उनके योगदान को लेकर प्रभावित परिवारों ने खुले दिल से उनकी प्रशंसा की। उनकी संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता का यह परिणाम है कि लोग उनके कार्यों से संतुष्ट हैं और उन्हें एक आदर्श अधिकारी मानते हैं। चाहे वह आपदा प्रबंधन हो, राजस्व विवादों का समाधान हो, या निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत करना हो, विंकी उइके सिंहमारे ने हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय दिया है।

*बाढ़ राहत कार्यों की विशेष झलक*

बाढ़ राहत कार्यों के दौरान, विंकी उइके सिंहमारे ने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित दौरे किए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राहत सामग्री सही समय पर पहुंचे और इसका वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हो। इसके लिए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत सदस्यों और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ समन्वय स्थापित किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित करवाए, जहां उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे वे अपनी प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी और यह सुनिश्चित किया कि लोग जल्द से जल्द अपने घरों में लौट सकें। बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें दवाइयां और चिकित्सा परामर्श मुफ्त में प्रदान किए गए।

*नेतृत्व और समर्पण*

एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे का कार्यकाल प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता, और जनसेवा का उदाहरण है। उन्होंने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि एक अधिकारी अपने समर्पण और मेहनत से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारु बना सकता है और जनता का विश्वास जीत सकता है। उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव का उन्हें प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान करना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान न केवल ढीमरखेड़ा के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए अनुकरणीय है। एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने अपने कार्यकाल में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे उनके समर्पण और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण हैं। बाढ़ राहत कार्यों में उनकी सक्रियता और फोटो निर्वाचक नामावली में उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि एक अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करता है, तो वह न केवल प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बना सकता है, बल्कि जनता के दिलों में भी जगह बना सकता है। उनका कार्यकाल ढीमरखेड़ा के विकास और प्रशासनिक सुधार के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...