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व्यापक पैमाने पर चल रहा जुआ, हाथ रखे बैठे ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी गांव-गांव खुली पैकारी, भमका ग्राम के डुढ़हा में खुलेआम हो रही पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी

 व्यापक पैमाने पर चल रहा जुआ, हाथ रखे बैठे ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी 
गांव-गांव खुली पैकारी, भमका ग्राम के डुढ़हा में खुलेआम हो रही पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी 

ढीमरखेड़ा - ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के शाहडार का जंगल जुएं के लिये बदनाम है। विगत कई वर्षों से यहां पर पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाही भी की गई है लेकिन वर्तमान थाना प्रभारी की निष्क्रियता कहे या फिर मौन सहमति के कारण पुन: शाहडार के जंगल में व्यापक पैमाने पर जुएं के फड़ लग रहे है और यहां पर आसपास के जिलों से भी जुआड़ी आते है । प्रतिदिन लाखों रूपये का जुआ होता है। जहां पर जुएं का संचालन किया जाता है वहां पर  खाने-पीने की संपूर्ण व्यवस्था है। जिस व्यक्ति के द्वारा नाल काटी जाती है वह पूरी व्यवस्था करता है। यहीं नहीं थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव-गांव पैकारियां खुली है। कभी कभार कच्ची शराब पकड़कर थाना प्रभारी अपनी पीठ थपथपाते रहते है लेकिन असल माफियाओं पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है और उन्हें संरक्षण देकर थाना क्षेत्र में खुलेआम गांव-गांव पैकारियां खुलवाकर शराब का विक्रय करवाया जा रहा है जिससे युवा पीढ़ी भी गिरफ्त में आ रही है और कई घर नशे की लत के कारण बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे है  लेकिन इस बात से ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी  मोहम्मद शाहिद को कोई सरोकार नहीं है। 

अवैध उत्खनन चल रहा जोरों से

ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र प्राकृतिक खनिज संपदा से भरा हुआ है और यहां पर काला पत्थर, रेत सहित मुरूम का अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है।  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र से महानदी लगी हुई है जिस कारण से यहां पर रेत का उत्खनन भी होता है जिसका परिवहन ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र से होकर गुजरता है  लेकिन कभी कभार ही दिखावटी कार्यवाही की जाती है। माफियाओं के द्वारा पूरी सांठगांठ बनाकर रात में परिवहन करवाया जाता है लेकिन प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है और यही हाल बरही में था जहां पर न्यायाधीश के आदेश उपरांत कार्यवाही की गई। अवैध उत्खनन से एक ओर जहां प्राकृतिक संपदा की हानि हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाकर माफिया और अधिकारी मालामाल हो रहे है। 

पेट्रोल - डीजल की कालाबाजारी में सफेदपोश भी संलिप्त

शहपुरा डिपो जबलपुर से पेट्रोल-डीजल के टेंकर ढीमरखेड़ा होते हुये उमरिया, अनूपपुर,शहडोल, विलायतकला के लिये जाते है जिनका रास्ता ढीमरखेड़ा से गुजरता है। टैंकर ड्राईवरों के द्वारा ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के ढ़ाबों में रोककर पेंट्रोल-डीजल की चोरी की जाती है जिसमें क्षेत्र के कई बड़े लोग संलिप्त है लेकिन इस संबंध में कभी भी कार्यवाही नहीं की जाती है। चोरी का पेंट्रोल-डीजल लेकर सस्ते दामों में बेचा जाता है। थाना क्षेत्र के ग्राम भमका अंतर्गत डुढ़हा गांव में पेट्रोल-डीजल की चोरी की जाती है लेकिन आज दिनांक तक किसी तरह की कोई कार्यवाही थाना प्रभारी द्वारा नहीं की गई है। इस संबंध में जब पड़ताल की गई तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। हर माह मोटी रकम इस काम में संलिप्त लोगों के द्वारा दी जा रही है जिस कारण से कार्यवाही करने की जहमत थाना प्रभारी नहीं उठा पाते है। 

विकास यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने बताई थी व्यथा, फिर भी समाधान नहीं

स्मरण रहे कि शिवराज सरकार के द्वारा गांव-गांव


विकास यात्रा निकाली गई थी जिसमें क्षेत्रीय नेता हर गांव में पहुंचकर सरकार की उपलब्धि को गिना रहे थे। इसी बीच ग्राम में शराब पैकारी का मुद्दा भी जमकर उठा और हर गांव के लोगों ने इस बात का विरोध दर्ज करवाया था और उन्होंने नेताओं को बताया था कि गांव में अवैध पैकारी के कारण रोज-रोज घरों में झगड़े हो रहे है और युवा पीढ़ी तो बर्बाद हो रही है वहीं नशे की लत के कारण लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम दे रहे है। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुये विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के द्वारा भी अनेक ज्ञापन दिये गये और मांग की गई कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही पैकारियों को तत्काल बंद किया जाये लेकिन कुछ समय के लिये इस काम को बंद कर दिया। जैसे ही विकास यात्रा का समापन हुआ तो उक्त धंधा फिर से व्यापक पैमाने पर चल रहा है और लग्जरी गाड़ियों के माध्यम से गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है इस मामले में भी ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी का रवैया समझ से परे है और शराब माफियाओं के द्वारा इस काम के लिये गुण्डा भी रखे गये। ग्रामीणों के द्वारा पैकारियों का विरोध किया जाता है तो शराब माफियों के गुण्डे उन्हें धमकी देकर शांत करा देते है। 

गुंडागर्दी करने वाले आरक्षकों पर थाना प्रभारी मेहरबान
सिलौंडी पुलिस चौकी में पदस्थ पुलिस कर्मियों ने युवक को कर दिया था लहुलूहान
जिंदगी मौत से जूझ रहा युवक

 ढीमरखेड़ा थाना अंतर्गत आने वाली पुलिस चौंकी में पदस्थ दो पुलिस कर्मियों की मारपीट से एक युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है लेकिन इस मामले में अभी तक किसी तरह की कोई कार्यवाही संबंधित पुलिस कर्मियों पर नहीं की गई है। 
उल्लेखनीय है कि सिलौंडी चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक मंगल विश्वकर्मा एवं आरक्षक अजय सिंह के द्वारा अनुराग मिश्रा पर जबरन शराब बेचने का का एक झूठा प्रकरण बना रहे थे जबकि उसके परिजनों ने बताया था कि उसका पुत्र इस काम में संलिप्त नहीं है और उसे पुलिस कर्मियों द्वारा झूठा फंसाया जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे वह इटौली खाद लेने गया था । इसी दौरान सिलौंडी पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक मंगल विश्वकर्मा एवं आरक्षक अजय सिंह मुझे यह कहकर पुलिस चौकी ले आये कि साहब बुलाये हैं,तुम्हारा कोई केस हैं। चौकी लाकर मेरे ऊपर जबरदस्ती शराब बेचने का प्रकरण बना रहे थे। पुलिस ने युवक को दिनभर सिलौंडी चौकी में बैठा रखा। एक एएसआई के कहने पर प्रधान आरक्षक मंगल विश्वकर्मा एवं आरक्षक अजय सिंह ने बेल्ट और डंडे से मारपीट किया। जिससे अनुराग मिश्रा  के हाथ, पैर, घुटने, कमर ,पीट,गाल एवं सिर पर गंभीर चोटें आई है। कमर,पीट और घुटने में तो लाल निशान उछल आये । 

अस्पताल में फेंककर चले गये थे पुलिस वाले

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरियापान में पुलिस को पूछताछ में पीड़ित अनुराग मिश्रा ने बताया कि मारपीट करने के बाद पुलिस गाड़ी से कछारगांव बड़ा अस्पताल के बाहर फेंककर चले गए। ग्रामीणों ने देखा तो परिजनों को जानकारी दी । 108 एम्बुलेंस वाहन की सहायता से उमरियापान अस्पताल पहुँचाया  जहाँ ड़ॉ सुनील आस्के ने प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर  रेफर कर दिया है जहां पर युवक जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है। 

बदले की भावना से की थी कार्यवाही

पीड़ित अनुराग ने बताया कि कई वर्ष पहले रेत नाका पर काम करने के दौरान बहस हुई थी, बदले की भावना से पुलिस ने मारपीट की और उनके साथ कोई अनहोनी घटना कारित करने की मंशा से इस तरह का कृत्य किया गया। 

 थाना प्रभारी का संरक्षण

इस संबंध में सूत्रों ने बताया कि चौकी प्रभारी को ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी का संरक्षण। लिहाजा पीड़ित की शिकायत पर किसी तरह की कोई कार्यवाही संबंधित पुलिस कर्मियों पर नहीं की गई। पीड़ित युवक जिंदगी और मौत के बीच जबलपुर में प्राईवेट अस्पताल में भर्ती होकर अपना ईलाज करवा रहा है जिससे लाखों रूपये खर्च हो गये। पीड़ित के परिजनों ने बताया कि यदि इस मामले में पुलिस अधिकारियों का यहीं रवैया रहा तो जनसुनवाई में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कटनी के समक्ष अपनी फरियादी सुनायेंगे। चूंकि स्थानीय स्तर पर अधिकारी किसी तरह की कार्यवाही न कर उल्टा पीड़ित परिवार पर दबाव बना रहे है।

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